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चारधाम यात्रा में सक्रिय ‘सफेदपोश’ ठगों का भंडाफोड़: चमोली पुलिस ने दबोचा अंतरराज्यीय गिरोह, 14 लाख के मोबाइल बरामद

चमोली/बदरीनाथ। उत्तराखंड में इस समय चारधाम यात्रा अपने पूरे शबाब पर है। देश के कोने-कोने से लाखों श्रद्धालु दुर्गम रास्तों और कठिन मौसम की परवाह किए बिना बाबा बदरी विशाल और केदारनाथ के दर्शनों के लिए पहुंच रहे हैं। लेकिन श्रद्धालुओं की इसी अटूट आस्था की आड़ में कुछ असामाजिक तत्व अपनी तिजोरियां भरने के गंदा खेल खेल रहे थे। चमोली जिले की बदरीनाथ पुलिस और एंटी थेफ्ट स्क्वाड (ATS) ने एक संयुक्त अभियान के तहत एक ऐसे ही अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो भीड़ का फायदा उठाकर यात्रियों के कीमती सामान पर हाथ साफ कर रहा था।

गोपनीय सूचना और पुलिस की घेराबंदी

इस गिरोह की सक्रियता को लेकर पुलिस को काफी समय से खुफिया इनपुट मिल रहे थे। बदरीनाथ पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग श्रद्धालुओं के वेश में भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, जैसे स्नान घाटों और मंदिर परिसर के पास घूम रहे हैं। ये शातिर अपराधी बेहद सलीके से श्रद्धालुओं का ध्यान भटकाते थे और पलक झपकते ही उनकी जेबों से मोबाइल, नकदी और महत्वपूर्ण दस्तावेज पार कर देते थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक चमोली, सुरजीत सिंह पंवार ने तत्काल एक विशेष ‘एंटी थेफ्ट स्क्वाड’ का गठन किया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन हमारी पहली प्राथमिकता है। पुलिस टीम ने आधुनिक सर्विलांस और मैनुअल पुलिसिंग का जाल बिछाया, जिसका परिणाम बुधवार को हनुमान चट्टी के पास हुई बड़ी कार्रवाई के रूप में सामने आया।


हनुमान चट्टी पर हुई नाटकीय गिरफ्तारी

पुलिस टीम ने संदिग्ध वाहनों की तलाश के लिए चेकिंग अभियान तेज कर दिया था। इसी दौरान हनुमान चट्टी के पास दो संदिग्ध कारों को रोका गया। जब पुलिस ने वाहनों की सघन तलाशी ली, तो अधिकारी भी दंग रह गए। चमोली पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह और उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के कुल 13 स्मार्टफोन बरामद किए, जिनकी बाजार में कीमत लगभग 14 लाख रुपए आंकी जा रही है।

तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 58,860 रुपए की नकदी भी मिली। पुलिस ने अपराध में प्रयुक्त दो लग्जरी कारों (PB 31 Y 1800 और PB 10 HV 4662) को मौके पर ही सीज कर दिया। गिरफ्तार आरोपियों में पंजाब और राजस्थान के शातिर अपराधी शामिल हैं।


पीड़ित की शिकायत ने खोला राज

इस गिरोह तक पहुंचने की कड़ी तब जुड़ी जब 27 अप्रैल को पौड़ी गढ़वाल निवासी नरेश चंद्र ने कोतवाली बदरीनाथ में शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित के अनुसार, गर्भगृह में दर्शन के दौरान उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज (आईडी, डीएल, पैन कार्ड, एटीएम) और 10 हजार रुपए चोरी हो गए थे। इसी एफआईआर के बाद पुलिस ने अपनी जांच की दिशा बदली और तकनीकी सर्विलांस की मदद से गिरोह के मूवमेंट को ट्रैक किया।

केदारनाथ में चोरी कर बदरीनाथ में खपाने की थी योजना

गिरफ्तार आरोपियों से हुई पूछताछ में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। गिरोह ने कबूल किया कि बरामद किए गए अधिकांश महंगे मोबाइल फोन उन्होंने केदारनाथ धाम की भीड़ के दौरान चुराए थे। इनमें से एक आईफोन के संबंध में थाना सोनप्रयाग में पहले से ही मुकदमा दर्ज था। केदारनाथ में हाथ साफ करने के बाद यह गिरोह बदरीनाथ धाम में श्रद्धालुओं को निशाना बनाने की फिराक में था, लेकिन वारदात को अंजाम देने से पहले ही सलाखों के पीछे पहुंच गया।

“यह एक बेहद संगठित गिरोह है जो यात्रा सीजन में सक्रिय हो जाता है। हमारी टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ा है। यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।” – सुरजीत सिंह पंवार, एसपी चमोली


गिरफ्तार आरोपियों की प्रोफाइल

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपी पेशेवर अपराधी प्रतीत होते हैं, जिनका नेटवर्क कई राज्यों में फैला हुआ है:

  1. कृष्ण कुमार (28 वर्ष): निवासी बठिंडा, पंजाब।

  2. दीया (25 वर्ष): पत्नी अशूं, निवासी बठिंडा, पंजाब।

  3. सुनील कुमार (26 वर्ष): निवासी भरतपुर, राजस्थान (वर्तमान निवासी बठिंडा)।

  4. ललित कुमार (31 वर्ष): निवासी अलवर, राजस्थान।


श्रद्धालुओं के लिए पुलिस की जरूरी एडवाइजरी

सफलतापूर्वक गिरोह को दबोचने के बाद चमोली पुलिस ने सभी श्रद्धालुओं से विशेष अपील की है। पुलिस ने कहा है कि मंदिर परिसर, स्नान घाट और कतारों में खड़े होते समय अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पास के सहायता केंद्र या तैनात पुलिसकर्मियों को दें।

अपना खोया हुआ फोन कैसे प्राप्त करें? पुलिस प्रशासन ने उन श्रद्धालुओं के लिए भी सूचना जारी की है जिनके मोबाइल इस यात्रा के दौरान खो गए हैं। चमोली पुलिस ने बताया कि जिन व्यक्तियों के फोन बरामद हुए हैं, वे अपने फोन की पहचान कर उससे संबंधित वैध दस्तावेज (जैसे मूल बिल या बॉक्स) थाना सोनप्रयाग या कोतवाली बदरीनाथ में दिखा सकते हैं। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उन्हें उनका सामान सौंप दिया जाएगा।

यात्रा सुरक्षा पर कड़ा पहरा

इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड पुलिस और एटीएस की नजरें चारधाम यात्रा के हर कोने पर हैं। चमोली पुलिस ने पकड़ा अंतरराज्यीय टप्पेबाज गिरोह और यह संदेश दिया है कि देवभूमि की पवित्रता और श्रद्धालुओं की आस्था की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। आगामी दिनों में सुरक्षा और निगरानी को और भी सख्त करने की योजना है ताकि श्रद्धालु निर्भय होकर अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

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