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उत्तराखंड: तकनीकी शिक्षा और स्वरोजगार की नई उड़ान, काशीपुर रोजगार मेले में 74 कंपनियों ने युवाओं को दिए करियर के अवसर

रुद्रपुर/काशीपुर: उत्तराखंड के युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने और उन्हें मुख्यधारा के उद्योगों से जोड़ने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और महत्वपूर्ण मील का पत्थर पार किया है। ऊधमसिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज में प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित ‘कुमाऊं जोन रोजगार मेले’ ने न केवल छात्रों के सपनों को पंख दिए, बल्कि यह राज्य की आर्थिक प्रगति और ‘स्किल डेवलपमेंट’ के संकल्प को भी दोहराता नजर आया।

विकास और रोजगार का संगम: दीप प्रज्वलन के साथ शुभारंभ

कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन मुख्य अतिथि और प्रदेश के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस दौरान वातावरण तकनीकी शिक्षा के उत्साह और भविष्य की उम्मीदों से सराबोर दिखा। मेले के आयोजन का प्राथमिक उद्देश्य कुमाऊं क्षेत्र के पॉलिटेक्निक संस्थानों से पास आउट हो रहे और अंतिम वर्ष के छात्रों को एक ऐसा मंच प्रदान करना था, जहाँ उद्योग और प्रतिभा के बीच की दूरी कम हो सके।

शिक्षा मंत्री का संबोधन: ‘आत्मनिर्भर युवा, आत्मनिर्भर उत्तराखंड’

अपने संबोधन में डॉ. धन सिंह रावत ने राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य केवल डिग्री बांटना नहीं, बल्कि युवाओं को ‘मार्केट रेडी’ बनाना है। उन्होंने कहा, हमारी सरकार तकनीकी संस्थानों की गुणवत्ता सुधारने के लिए प्रतिबद्ध है। हम चाहते हैं कि छात्र जब कॉलेज से बाहर निकले, तो उसके हाथ में केवल प्रमाण पत्र न हो, बल्कि एक प्रतिष्ठित कंपनी का नियुक्ति पत्र भी हो।

मंत्री ने आगे जोर देते हुए कहा कि स्किल डेवलपमेंट वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुरूप तैयार करने के लिए पाठ्यक्रम में बदलाव और प्रैक्टिकल ट्रेनिंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी साझा किया कि इस वर्ष सरकार का लक्ष्य पिछले वर्षों के मुकाबले प्लेसमेंट के आंकड़ों को दोगुना करना है।

कॉर्पोरेट जगत की भारी मौजूदगी: 74 कंपनियों ने दिखाई दिलचस्पी

इस एक दिवसीय भव्य मेले की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल होने वाली कंपनियों की संख्या रही। देश-विदेश की कुल 74 प्रतिष्ठित कंपनियों ने इस मेले में शिरकत की। इनमें मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और कंस्ट्रक्शन जैसे विविध क्षेत्रों के दिग्गज शामिल थे। कंपनियों के प्रतिनिधियों ने छात्रों के तकनीकी ज्ञान और उनके कौशल का गहन परीक्षण किया।

पॉलिटेक्निक के लगभग 1,296 छात्र-छात्राओं ने इस अवसर का लाभ उठाया। सुबह से ही रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर लंबी कतारें देखी गईं। छात्रों ने न केवल इंटरव्यू दिए, बल्कि विभिन्न कंपनियों के वर्क कल्चर और आगामी तकनीकी बदलावों के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारियां हासिल कीं।

क्षेत्रीय नेतृत्व का समर्थन और युवाओं का उत्साह

कार्यक्रम में उपस्थित काशीपुर विधायक त्रिलोक सिंह चीमा ने युवाओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ता है। उन्होंने उद्योगों की स्थानीय आवश्यकताओं और छात्रों के कौशल के बीच सामंजस्य बिठाने पर जोर दिया। वहीं पीसीयू अध्यक्ष राम मेहरोत्रा और जिला अध्यक्ष मनोज पाल ने भी राज्य सरकार के इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे युवाओं के भविष्य के लिए एक “गेम चेंजर” करार दिया।

भविष्य की राह: चुनौतियों से संभावनाओं तक

उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण राज्य में रोजगार मेलों का महत्व और बढ़ जाता है। तकनीकी शिक्षा विभाग का यह प्रयास दर्शाता है कि यदि सही दिशा में कदम उठाए जाएं, तो प्रतिभा का पलायन रोका जा सकता है। शिक्षा मंत्री ने विश्वास दिलाया कि आने वाले समय में राज्य के अन्य दुर्गम क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के रोजगार मेलों का विस्तार किया जाएगा, ताकि पर्वत का पानी और पर्वत की जवानी, दोनों राज्य के विकास के काम आ सकें।

काशीपुर में आयोजित यह रोजगार मेला मात्र एक आयोजन नहीं, बल्कि उन हजारों छात्रों की उम्मीदों का प्रतिबिंब है जो तकनीकी शिक्षा के माध्यम से अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन करना चाहते हैं। उद्योगों से सीधा संवाद और साक्षात्कार की प्रक्रिया ने छात्रों को व्यावसायिक दुनिया की कठोर लेकिन रोमांचक वास्तविकता से रूबरू कराया है। राज्य सरकार की यह पहल निश्चित रूप से प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य में एक सकारात्मक बदलाव लेकर आएगी।

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