
देश के सबसे बड़े निजी बैंकों में से एक एचडीएफसी बैंक ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही (मार्च तिमाही) के नतीजे जारी कर दिए हैं, जो कई मायनों में बाजार की उम्मीदों से बेहतर रहे हैं। बैंक ने इस तिमाही में मजबूत मुनाफा दर्ज किया है, हालांकि नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) उम्मीद से थोड़ी कम रही। इसके बावजूद एसेट क्वालिटी में सुधार और घटते एनपीए ने बैंक की वित्तीय स्थिति को मजबूत संकेत दिए हैं।
बैंक का शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार (YoY) पर 9.1% बढ़कर 19,221 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह 17,616 करोड़ रुपये था। यह आंकड़ा बाजार विशेषज्ञों के अनुमान से भी बेहतर रहा, जहां CNBC-TV18 के पोल में मुनाफे का अनुमान 19,024.8 करोड़ रुपये लगाया गया था। इससे साफ है कि बैंक ने चुनौतीपूर्ण माहौल के बावजूद अपनी लाभप्रदता बनाए रखी है।
हालांकि, नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) की बात करें तो इसमें 3.2% की वृद्धि दर्ज की गई और यह 33,081.5 करोड़ रुपये रही, जो पिछले साल 32,066 करोड़ रुपये थी। लेकिन यह आंकड़ा बाजार के अनुमान 33,738 करोड़ रुपये से थोड़ा कम रहा। इससे यह संकेत मिलता है कि ब्याज आय में वृद्धि तो हुई है, लेकिन अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच पाई।
तिमाही के दौरान बैंक की एसेट क्वालिटी में स्पष्ट सुधार देखने को मिला है, जो निवेशकों के लिए एक सकारात्मक संकेत है। नेट एनपीए (NPA) घटकर 0.38% रह गया, जो पिछली तिमाही में 0.42% था। वहीं ग्रॉस एनपीए भी घटकर 1.15% पर आ गया, जो पहले 1.24% था। रकम के हिसाब से देखें तो नेट एनपीए घटकर 11,169.5 करोड़ रुपये हो गया, जो पहले 11,981.8 करोड़ रुपये था। इसी तरह ग्रॉस एनपीए भी घटकर 34,061.2 करोड़ रुपये रह गया, जो पिछली तिमाही में 35,179 करोड़ रुपये था।
प्रोविजनिंग के मोर्चे पर भी बैंक को राहत मिली है। मार्च तिमाही में प्रोविजन घटकर 2,609.6 करोड़ रुपये रह गए, जो पिछली तिमाही में 2,837.9 करोड़ रुपये और पिछले साल 3,193 करोड़ रुपये थे। यह गिरावट दर्शाती है कि बैंक का जोखिम प्रबंधन बेहतर हुआ है और खराब कर्जों का दबाव कम हो रहा है।
बैंक ने अपने शेयरधारकों के लिए भी अच्छी खबर दी है। कंपनी ने वित्त वर्ष के लिए 13 रुपये प्रति शेयर के फाइनल डिविडेंड का एलान किया है। इस डिविडेंड के भुगतान के लिए रिकॉर्ड डेट 19 जून 2026 तय की गई है। यह कदम निवेशकों के विश्वास को मजबूत करने और उन्हें बेहतर रिटर्न देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, एचडीएफसी बैंक का यह तिमाही प्रदर्शन संतुलित कहा जा सकता है। जहां एक ओर मुनाफा और एसेट क्वालिटी में सुधार देखने को मिला, वहीं NII में हल्की कमजोरी भी सामने आई। इसके बावजूद बैंक की मजबूत बुनियाद और स्थिर वृद्धि इसे निवेशकों के लिए आकर्षक बनाए रखती है। आने वाले समय में ब्याज दरों और आर्थिक परिस्थितियों के आधार पर बैंक के प्रदर्शन पर नजर बनी रहेगी।



