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दिल्ली में पीएम मोदी से मिले बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ‘समृद्ध बिहार’ और ‘विकसित भारत’ के रोडमैप पर मंत्रणा

बिहार की सियासत में आए ऐतिहासिक मोड़ के बाद सूबे की कमान संभालने वाले बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी इन दिनों राष्ट्रीय राजधानी के दौरे पर हैं। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद अपनी पहली औपचारिक दिल्ली यात्रा के दौरान सम्राट चौधरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। सात लोक कल्याण मार्ग पर हुई इस उच्च स्तरीय बैठक को बिहार के भविष्य और केंद्र-राज्य समन्वय की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

मुलाकात के बाद सम्राट चौधरी ने अपनी भावनाओं को सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए इसे एक ‘मार्गदर्शक संवाद’ बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीएम का स्नेह और सहयोग बिहार की प्रगति को एक नई और तीव्र गति प्रदान करने वाला है।

प्रधानमंत्री से ‘विकसित बिहार’ पर विजन साझा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बीच हुई यह मुलाकात लगभग आधे घंटे तक चली। सूत्रों के अनुसार, बैठक के दौरान बिहार में चल रही केंद्रीय योजनाओं की समीक्षा और ‘विकसित भारत’ की तर्ज पर ‘समृद्ध बिहार’ के निर्माण के रोडमैप पर चर्चा हुई।

सम्राट चौधरी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा, “देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आज नई दिल्ली में शिष्टाचार मुलाकात की। विकसित भारत और समृद्ध बिहार के विजन पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री का स्नेह एवं सहयोग बिहार की प्रगति को नई गति प्रदान कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि केंद्र में मोदी और बिहार में सम्राट की यह जोड़ी आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों के समीकरणों को नई दिशा देगी।

संगठन की मजबूती पर बीजेपी नेतृत्व से मंथन

प्रधानमंत्री से मुलाकात के अलावा, मुख्यमंत्री ने भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को लेकर भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। सम्राट चौधरी ने बीजेपी के राष्ट्रीय नेतृत्व (नितिन नवीन) से मुलाकात की। इस दौरान पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री और बिहार प्रभारी विनोद तावड़े भी उपस्थित रहे।

इन मुलाकातों का केंद्र केवल सत्ता हस्तांतरण नहीं, बल्कि बिहार में एनडीए (NDA) को जमीन पर और अधिक मजबूत करना था। नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने और सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद, बीजेपी अब बिहार में अपने कोर एजेंडे और विकास कार्यों को सीधे जनता तक पहुँचाने की रणनीति पर काम कर रही है।

पश्चिम बंगाल चुनाव पर सम्राट का कड़ा प्रहार

सोशल मीडिया पर अपनी सक्रियता के लिए पहचाने जाने वाले सम्राट चौधरी ने केवल बिहार ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल की राजनीति पर भी बड़ा बयान दिया है। बंगाल में होने वाले आगामी चुनावों को लेकर उन्होंने सीधे तौर पर ममता बनर्जी सरकार को घेरा और ‘युवा शक्ति’ को बदलाव का वाहक बताया।

सम्राट चौधरी ने युवाओं के प्रति अपनी संवेदना प्रकट करते हुए कहा, “युवा शक्ति का संकल्प, विकसित बंगाल का विकल्प! जब मेहनत और योग्यता के रास्ते में बाधाएं खड़ी हो जाएं, तब परिवर्तन ही समाधान बनता है।” उन्होंने पश्चिम बंगाल के युवाओं के लिए बीजेपी के संकल्पों को दोहराते हुए भ्रष्टाचार मुक्त नियुक्तियों, 3000 रुपये की युवा सहायता और ‘कटमनी-सिंडिकेट’ से मुक्ति का आह्वान किया। उनके इस बयान को बंगाल में बीजेपी के आक्रामक प्रचार की एक झलक के रूप में देखा जा रहा है।


बिहार की बदली सियासी तस्वीर: नीतीश का जाना और सम्राट का आना

बिहार की राजनीति में हालिया बदलाव किसी बड़े भूकंप से कम नहीं था। दशकों तक बिहार की सत्ता के केंद्र रहे नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर केंद्र की राजनीति (राज्यसभा) का रुख किया। उनके इस फैसले के बाद, बीजेपी ने अपने सबसे प्रखर और अनुभवी चेहरे सम्राट चौधरी पर भरोसा जताया।

सम्राट चौधरी, जो नीतीश कैबिनेट में उपमुख्यमंत्री की जिम्मेदारी निभा रहे थे, अब मुख्यमंत्री के रूप में नई भूमिका में हैं। उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती राज्य की कानून व्यवस्था को दुरुस्त करना, युवाओं के लिए रोजगार सृजन और जेडीयू-बीजेपी के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखना है।

डबल इंजन सरकार से बड़ी उम्मीदें

बिहार मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पदभार ग्रहण करते ही प्रशासन में भी बड़े फेरबदल की सुगबुगाहट तेज हो गई है। दिल्ली दौरे के दौरान उन्होंने जिस तरह से ‘समृद्ध बिहार’ का नारा बुलंद किया है, उससे यह स्पष्ट है कि राज्य में अब बड़े निवेश और बुनियादी ढांचे के विकास पर जोर दिया जाएगा।

बिहार की जनता की नजरें अब इस ‘डबल इंजन’ सरकार पर टिकी हैं। क्या सम्राट चौधरी नीतीश कुमार की विरासत को आगे बढ़ाते हुए बिहार को एक नई औद्योगिक पहचान दिला पाएंगे? प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन इस यात्रा में कितना प्रभावी होगा, यह आने वाले कुछ महीनों में धरातल पर दिखने लगेगा।

दिल्ली में शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई इन बैठकों ने यह साफ कर दिया है कि सम्राट चौधरी केवल बिहार के मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि हिंदी पट्टी में बीजेपी के एक बड़े चेहरे के रूप में उभर रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी केमिस्ट्री और संगठन पर उनकी पकड़ बिहार में एक नए राजनीतिक युग की आहट है। ‘भरोसे को IN और डर को OUT’ करने का जो मंत्र उन्होंने बंगाल के लिए दिया, वही मंत्र अब बिहार की प्रशासनिक मशीनरी में भी लागू करने की तैयारी है।

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