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देहरादून: ‘ऑपरेशन प्रहार’ में एटीएम ठग गिरोह का भंडाफोड़; बुजुर्गों को बनाते थे निशाना, कब्जे से 66 कार्ड और लाखों की ठगी का खुलासा

देहरादून | विशेष संवाददाता उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में शातिर ठगों के एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जो मदद के नाम पर मासूम और बुजुर्ग लोगों की जमापूंजी पर डाका डाल रहा था। थाना प्रेमनगर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए तीन अंतरराज्यीय ठगों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के पास से विभिन्न बैंकों के 66 एटीएम कार्ड बरामद हुए हैं। यह गिरोह अब तक अलग-अलग खातों से करीब 25 लाख रुपये से अधिक की चपत लगा चुका है।

चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी

देहरादून पुलिस द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत प्रेमनगर थाना क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि इलाके में एक सफेद रंग की कार में सवार कुछ संदिग्ध लोग घूम रहे हैं, जो एटीएम बूथों के आसपास रेकी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और संदिग्ध कार को रोक लिया।

कार में सवार तीन व्यक्तियों की पहचान इमरान, नसीरुद्दीन और खालिद के रूप में हुई है। जब पुलिस ने वाहन और आरोपियों की तलाशी ली, तो बरामदगी देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। उनके पास से 66 विभिन्न बैंकों के एटीएम कार्ड मिले, जिनका वे कोई संतोषजनक विवरण नहीं दे पाए।

मोडस ऑपेरंडी: ‘मदद’ के बहाने विश्वास जीतना और फिर हाथ की सफाई

पूछताछ में आरोपियों ने जो खुलासा किया, वह किसी भी बैंक खाताधारक के लिए आंखें खोलने वाला है। गिरोह की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) बेहद शातिर थी:

  1. सॉफ्ट टारगेट की तलाश: आरोपी अक्सर ऐसे एटीएम बूथों को चुनते थे जहाँ भीड़ कम हो या जहाँ कोई बुजुर्ग व्यक्ति अकेला पैसे निकालने आया हो।

  2. विश्वास जीतना: जैसे ही पीड़ित एटीएम मशीन के साथ संघर्ष करता दिखता, गिरोह का एक सदस्य ‘मदद’ करने के बहाने अंदर दाखिल होता।

  3. पिन चोरी: सहायता करते समय आरोपी बड़ी चतुराई से पीड़ित का एटीएम पिन देख लेते थे।

  4. कार्ड की अदला-बदली: बातों में उलझाकर और नजरें बचाकर, आरोपी पीड़ित के असली कार्ड को अपने पास मौजूद उसी बैंक के मिलते-जुलते फर्जी कार्ड से बदल देते थे।

  5. खाता साफ: पीड़ित को पता भी नहीं चलता था कि उसके हाथ में जो कार्ड है वह उसका नहीं है। इसके तुरंत बाद आरोपी किसी दूसरे एटीएम पर जाकर खाते से पूरी नकदी साफ कर देते थे।

25 लाख की ठगी और हरबर्टपुर का मामला

थाना प्रेमनगर प्रभारी नरेश राठौर ने बताया कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था। हाल ही में विकासनगर के हरबर्टपुर क्षेत्र में एक व्यक्ति का एटीएम बदलकर उसके खाते से 50 हजार रुपये निकाल लिए गए थे। इस संबंध में कोतवाली विकासनगर में पहले से ही मुकदमा दर्ज था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अब तक करीब 25 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। पुलिस अब इनके बैंक ट्रांजेक्शन और पुराने आपराधिक इतिहास की गहनता से जांच कर रही है।

पुलिस की अपील: बैंकिंग सुरक्षा को लेकर रहें सतर्क

इस देहरादून एटीएम धोखाधड़ी गिरोह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आम जनता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एडवाइजरी जारी की है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि:

  • एटीएम बूथ के अंदर किसी भी अनजान व्यक्ति की सहायता न लें।

  • अपना पिन एंटर करते समय कीपैड को दूसरे हाथ से ढक लें।

  • यदि कोई जबरन मदद करने की कोशिश करे, तो तुरंत शोर मचाएं या बैंक गार्ड को सूचित करें।

  • अपना कार्ड कभी भी किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ में न दें।

प्रेमनगर पुलिस की इस कार्रवाई ने शहर में सक्रिय ठगों के नेटवर्क को एक बड़ा झटका दिया है। देहरादून एटीएम धोखाधड़ी गिरोह के पकड़े जाने से कई अन्य अनसुलझे मामलों के खुलने की भी उम्मीद है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अपराधियों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा ताकि देवभूमि के नागरिकों और उनकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखा जा सके।

गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है, जहाँ से उन्हें जेल भेजने की तैयारी है।

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