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टिहरी में दर्दनाक सड़क हादसा: चंबा–कोटी मार्ग पर वाहन खाई में गिरा, 8 लोगों की मौत की आशंका, रेस्क्यू जारी

उत्तराखंड के टिहरी जिले से एक बेहद दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है, जिसने पूरे क्षेत्र को शोक में डुबो दिया है। चंबा–कोटी मार्ग पर नैल के पास एक यूटिलिटी वाहन अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा। इस भीषण दुर्घटना में अब तक 8 लोगों की मौत की सूचना मिल रही है, जबकि 2 लोगों को रेस्क्यू कर सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। हादसे के बाद इलाके में राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।

जानकारी के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त वाहन संख्या UK 09 TA 1799 ऋषिकेश से घनसाली की ओर जा रहा था। वाहन में कुल 9 से 10 लोग सवार बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक जांच और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सभी लोग हरिद्वार में एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। बताया जा रहा है कि चंबा–कोटी मार्ग पर नैल के पास वाहन अचानक अनियंत्रित हो गया और सीधा गहरी खाई में जा गिरा। खाई की गहराई अधिक होने के कारण राहत कार्य में भी काफी कठिनाई आ रही है।

हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, SDRF (राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल) और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई और बचाव अभियान शुरू किया गया। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कठिन परिस्थितियों में दो लोगों को जीवित बाहर निकाल लिया है, जिन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दोनों घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है और डॉक्टरों की टीम लगातार उनकी निगरानी कर रही है।

टिहरी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसा बेहद गंभीर है और प्रारंभिक जानकारी के अनुसार 8 लोगों की मौत की आशंका है। उन्होंने कहा कि वाहन काफी गहरी खाई में गिरा था, जिसके कारण राहत कार्य में समय लग रहा है। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है और परिजनों को सूचित किया जा रहा है।

इस दर्दनाक घटना पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए कहा कि यह हादसा अत्यंत दुखद है और सरकार इस कठिन समय में पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि घायलों को तुरंत और बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न होने देने के सख्त निर्देश दिए हैं।

स्थानीय लोगों के अनुसार, यह मार्ग पहले भी दुर्घटनाओं के लिए संवेदनशील माना जाता रहा है। पहाड़ी रास्ता होने के कारण यहां मोड़ काफी खतरनाक हैं और कई स्थानों पर सुरक्षा दीवारों की कमी भी देखी जाती है। इस हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और पहाड़ी मार्गों पर सावधानी की आवश्यकता को उजागर कर दिया है।

फिलहाल, प्रशासन की टीम घटनास्थल पर मौजूद है और पूरी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। जैसे-जैसे रेस्क्यू ऑपरेशन आगे बढ़ेगा, मृतकों और घायलों की सही संख्या और जानकारी स्पष्ट होने की उम्मीद है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक की लहर फैला दी है और स्थानीय लोग भी प्रशासन से सड़क सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं।

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