By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: नोएडा हिंसा का ‘ब्लूप्रिंट’ उजागर: मजदूर आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तर प्रदेश > नोएडा हिंसा का ‘ब्लूप्रिंट’ उजागर: मजदूर आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा
उत्तर प्रदेशक्राइमफीचर्ड

नोएडा हिंसा का ‘ब्लूप्रिंट’ उजागर: मजदूर आंदोलन की आड़ में माहौल बिगाड़ने की साजिश का खुलासा

The Hill India News
Last updated: April 20, 2026 10:35 am
The Hill India News
Published: April 20, 2026
Share
SHARE

नोएडा में हाल ही में हुए मजदूर आंदोलन के दौरान भड़की हिंसा को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। शुरुआती तौर पर इसे मजदूरों के हक की लड़ाई माना जा रहा था, लेकिन जांच एजेंसियों की पड़ताल में यह मामला अब एक सुनियोजित साजिश के रूप में उभर रहा है। पुलिस और खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरी घटना के पीछे महीनों पहले तैयार किया गया एक विस्तृत ‘ब्लूप्रिंट’ था, जिसका मकसद आंदोलन की आड़ में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना और प्रशासनिक कामकाज को ठप करना था।

जांच में सामने आया है कि इस हिंसा की पटकथा अचानक नहीं लिखी गई थी, बल्कि इसे 2022 से ही धीरे-धीरे तैयार किया जा रहा था। अलग-अलग संगठनों और उनके फ्रंट के जरिए लोगों को जोड़ने, उन्हें प्रशिक्षित करने और एक संगठित भीड़ तैयार करने की रणनीति पर काम किया गया। जब सही समय आया, तो इस भीड़ का इस्तेमाल प्रदर्शन के नाम पर हिंसा भड़काने के लिए किया गया।

इस पूरे मामले में पुलिस ने मुख्य संदिग्ध आदित्य आनंद को तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि वह जून 2025 से नोएडा में रह रहा था और उससे पहले गुरुग्राम में रहता था। नोएडा में उसने एक रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल के घर में किराये पर फ्लैट लिया था, जिसे कथित तौर पर इस साजिश का ‘कंट्रोल सेंटर’ बनाया गया। यहीं बैठकर पूरी योजना तैयार की गई और उसे अमल में लाने की रणनीति बनाई गई।

आदित्य आनंद खुद को एक आईटी कंपनी से जुड़ा बताता था और उसने लेबर स्टडी में एमए किया हुआ है। वह हंसराज कॉलेज से पढ़ाई कर चुका है और पीएचडी की तैयारी कर रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, कॉलेज के समय से ही उसकी कुछ कट्टर वामपंथी विचारधारा से जुड़े समूहों से नजदीकियां बढ़ गई थीं। बताया जा रहा है कि आर्थिक रूप से सक्षम होने के कारण वह इस पूरे नेटवर्क को संचालित करने में आर्थिक मदद भी कर रहा था।

जांच में चार प्रमुख संगठनों के नाम सामने आए हैं— RWPI, मजदूर बिगुल दस्ता, नौजवान भारत सभा और दिशा ऑर्गनाइजेशन। एजेंसियों का दावा है कि ये सभी संगठन एक साझा एजेंडे के तहत काम कर रहे थे और आपस में समन्वय बनाकर इस पूरी योजना को आगे बढ़ा रहे थे। इन संगठनों के जरिए अलग-अलग इलाकों में लोगों को जोड़ा गया और धीरे-धीरे एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया गया।

नोएडा के अरुण विहार इलाके में हुई छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं। इन दस्तावेजों में साजिश की पूरी रूपरेखा विस्तार से दर्ज है। इसमें यह तक लिखा हुआ था कि किस चरण में क्या करना है, कब और कहां लोगों को इकट्ठा करना है, और किस तरह प्रदर्शन को आगे बढ़ाना है। यहां तक कि व्हाट्सऐप ग्रुप बनाने, उसमें लोगों को जोड़ने और समय आने पर ग्रुप छोड़ने तक की रणनीति भी तय की गई थी।

दस्तावेजों के अनुसार, मानेसर से लेकर नोएडा तक एक श्रृंखलाबद्ध प्रदर्शन की योजना बनाई गई थी। करावल नगर, मानेसर और नोएडा को जोड़ते हुए चरणबद्ध तरीके से भीड़ जुटाने का प्लान था। फरवरी 2026 में बड़े स्तर पर लेबर स्ट्राइक की योजना बनाई गई थी, जिसका असली उद्देश्य सिर्फ मजदूरों की समस्याओं को उठाना नहीं, बल्कि सड़कों को जाम कर प्रशासनिक व्यवस्था को बाधित करना था।

जांच में यह भी सामने आया है कि मार्च के अंत से अप्रैल के बीच इस योजना को अंतिम रूप दिया गया। 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच बड़ी संख्या में लोग अरुण विहार में जुटे थे। अलग-अलग संगठनों के माध्यम से भीड़ को इकट्ठा किया गया और उन्हें एक दिशा में संचालित किया गया। पेम्फलेट बांटकर लोगों को जोड़ा गया और सोशल मीडिया के जरिए उन्हें सक्रिय रखा गया।

बरामद दस्तावेजों में यह भी उल्लेख है कि इस पूरे आंदोलन को मई 2026 तक जारी रखने की योजना थी, ताकि धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा सके और व्यापक असर डाला जा सके। यानी यह सिर्फ एक दिन या एक घटना तक सीमित नहीं था, बल्कि इसे लंबे समय तक चलाने की रणनीति बनाई गई थी।

पुलिस ने दिल्ली के आदर्श नगर और शाहबाद डेयरी इलाकों में भी छापेमारी की, जहां से इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, संदिग्ध दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई। इनसे यह संकेत मिलता है कि इस नेटवर्क का दायरा काफी व्यापक हो सकता है और इसमें कई अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं।

अब जांच एजेंसियां इस बात का पता लगाने में जुटी हैं कि इस पूरे नेटवर्क को फंडिंग कहां से मिल रही थी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि युवाओं को किस तरह इस नेटवर्क में शामिल किया गया और उनकी भर्ती की प्रक्रिया क्या थी। विदेशी फंडिंग और अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन की भी जांच की जा रही है।

कुल मिलाकर, नोएडा हिंसा का यह मामला अब सिर्फ एक स्थानीय घटना नहीं रह गया है, बल्कि यह एक बड़े और सुनियोजित नेटवर्क की ओर इशारा कर रहा है। पुलिस और जांच एजेंसियां इस पूरे मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं, ताकि साजिश में शामिल सभी लोगों को बेनकाब किया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

You Might Also Like

Uttarakhand: हिमाचल में अतिवृष्टि पर अध्ययन को भेजा जाएगा यूएसडीएमए का विशेषज्ञ दल
लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण के लिए मतदान आज, EVM में कैद होगी इन नेताओं की किस्मत
‘आरक्षण के लिए भाजपा के साथ आए थे, अब तक लागू क्यों नहीं किया?’ यूपी चुनाव से पहले संजय निषाद के तीखे तेवर, बोले- निषाद समाज अपना हक मांग रहा है
भारत-पाकिस्तान युद्ध विराम पर सहमत, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मध्यस्थता से बनी सहमति
उत्तराखंड के इस ज़िलें में अनोखा नियम: शादियों में महिलाएं पहन सकेंगी सिर्फ तीन सोने के गहने, ज्यादा पहने तो लगेगा जुर्माना
TAGGED:conspiracyHidden AgendaNoida ViolencePolice InvestigationViolence ExposedWorkers Protest
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री आवास घेराव के बाद कांग्रेस पर कार्रवाई से सियासत गरमाई, मुकदमों और वाहन जब्ती के आरोप पर कांग्रेस का बड़ा ऐलान—“अन्याय के खिलाफ आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे”

The Hill India News
The Hill India News
September 5, 2026
450 साल पुराने वर्ल्ड मैप को बदलने की तैयारी, UN में ‘Correct the Map’ प्रस्ताव पास; अब नक्शे पर असली आकार में दिखेगा अफ्रीका
हल्द्वानी के कथित ‘शुद्धिकरण’ पर बेंगलुरु में जीरो एफआईआर, खड़गे के आरोपों से गरमाई सियासत; राहुल गांधी पर भी दर्ज है मामला
श्रीकृष्ण के रंग में रंगा उत्तराखंड, मंदिरों में गूंजे जयकारे और शंखनाद; लक्सर से नैनीताल और टिहरी तक दिखी आस्था की अद्भुत छटा
नौ साल से खाली लोकायुक्त का पद, कांग्रेस ने भाजपा सरकार को घेरा; बीजेपी बोली- भ्रष्टाचार के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी
सहारनपुर कलेक्ट्रेट की मस्जिद पर कार्रवाई से मचा सियासी घमासान, इकरा हसन को रोका गया; भारी पुलिस फोर्स तैनात
पेंशन लाभार्थियों के लिए बड़ी राहत! CM धामी ने एक क्लिक में जारी किए ₹147 करोड़, करीब 10 लाख लोगों के खातों में पहुंची अगस्त की पेंशन
देश की पहली ऑल-इन-वन किसान एप ‘मनोरमा कृषि रक्षक’ का उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया शुभारंभ
क्या बदल जाएगा दुनिया का नक्शा? संयुक्त राष्ट्र में आज ऐतिहासिक वोटिंग, अफ्रीका के असली आकार को लेकर उठी बड़ी बहस
रानीपोखरी में गूंजी मातृशक्ति की आवाज, कांग्रेस के संवाद कार्यक्रम में महिलाओं ने खुलकर उठाए सामाजिक, आर्थिक और सुरक्षा के मुद्दे
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?