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आज का मौसम: उत्तर भारत में लू की तपिश और पहाड़ों पर ओलावृष्टि, दिल्ली में 5 डिग्री उछलेगा पारा

नई दिल्ली: भारत में मौसम के मिजाज में एक साथ दो चरम स्थितियां देखने को मिल रही हैं। एक ओर जहां उत्तर और मध्य भारत के विशाल भूभाग भीषण गर्मी और लू (Heatwave) की चपेट में आने को तैयार हैं, वहीं दूसरी ओर पहाड़ी राज्यों और पूर्वोत्तर भारत में भारी बारिश और ओलावृष्टि का संकट मंडरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा बुलेटिन ने देश के विभिन्न हिस्सों के लिए ‘ऑरेंज’ और ‘येलो’ अलर्ट जारी कर नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

दिल्ली-NCR में भीषण गर्मी की दस्तक: 5 डिग्री तक बढ़ेगा तापमान

देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों (NCR) के निवासियों के लिए आने वाले 48 घंटे काफी चुनौतीपूर्ण होने वाले हैं। IMD हीटवेव अलर्ट और मौसम पूर्वानुमान 2026 के अनुसार, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में अगले दो दिनों के भीतर दिन का अधिकतम तापमान 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है।

वर्तमान में जहां पारा सामान्य के करीब बना हुआ था, वहीं अब इसके 45 डिग्री के करीब पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग का कहना है कि 21 अप्रैल तक तापमान में यह वृद्धि जारी रहेगी, जिसके बाद पारा स्थिर हो सकता है। शुष्क हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर के समय लोगों को बाहर निकलने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा।

उत्तर प्रदेश और राजस्थान में ‘लू’ का तांडव

उत्तर प्रदेश के पूर्वी हिस्सों में आज से ही भीषण गर्मी का दौर शुरू हो गया है जो 20 अप्रैल तक चरम पर रहेगा। विभाग ने यहाँ ‘उष्ण लहर’ (Heatwave) की आधिकारिक चेतावनी जारी की है। राजस्थान के हालात भी इससे जुदा नहीं हैं; पूर्वी राजस्थान और उड़ीसा में 19 से 22 अप्रैल तक लू का प्रकोप रहेगा, जबकि पश्चिमी राजस्थान में 21 और 22 अप्रैल को सूरज की तपिश अपने उग्र रूप में होगी।

पिछले 24 घंटों के आंकड़ों पर गौर करें तो विदर्भ, मध्य प्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पारा पहले ही 40 से 44 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा चुका है।

दक्षिण और पूर्व भारत: ‘उष्ण रात’ और उमस का दोहरा वार

केवल दिन ही नहीं, बल्कि रातें भी अब झुलसाने लगी हैं। उड़ीसा, छत्तीसगढ़ और झारखंड में ‘उष्ण रात’ (Warm Night) की स्थिति बनी रहने की संभावना है, जिसका अर्थ है कि रात का न्यूनतम तापमान भी सामान्य से काफी अधिक रहेगा। इसके अलावा, तटीय आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल और तटीय कर्नाटक में ‘उष्ण और आर्द्र’ (Hot and Humid) मौसम रहेगा, जिससे उमस भरी गर्मी लोगों को बेहाल करेगी।

पहाड़ों पर आफत: ओलावृष्टि और तूफान की चेतावनी

मैदानी इलाकों में जहां गर्मी का सितम है, वहीं जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में मौसम विभाग ने ओलावृष्टि (Hailstorm) और वज्रपात की चेतावनी दी है। जम्मू-कश्मीर में आज भारी वर्षा के साथ ओले गिरने के आसार हैं, जो बागवानी और फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं।

मैदानी इलाकों की बात करें तो पंजाब, बिहार, पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी तूफान और बिजली गिरने (Thunderstorm & Lightning) की संभावना जताई गई है।

पूर्वोत्तर भारत में ‘जल प्रलय’ जैसी स्थिति

पूर्वोत्तर के राज्यों में मानसून पूर्व की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है।

  • असम और मेघालय: यहाँ आज और कल भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है।

  • अरुणाचल प्रदेश: यहाँ 19 से 21 अप्रैल तक लगातार बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

  • पश्चिम बंगाल और सिक्किम: इन राज्यों में भी आज और कल भारी बारिश होने के आसार हैं।

लगातार हो रही इस बारिश से पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने को कहा है।

महाराष्ट्र में राहत के संकेत?

महाराष्ट्र के निवासियों के लिए मौसम विभाग से एक मिली-जुली खबर है। 19 अप्रैल तक राज्य के अधिकतम तापमान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा, लेकिन उसके बाद पारे में 2 से 3 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। हालांकि, मराठवाड़ा और मध्य महाराष्ट्र में ओलावृष्टि के आसार अभी भी बने हुए हैं।

पिछले 24 घंटों का रिपोर्ट कार्ड

पिछले 24 घंटों में देश के एक बड़े हिस्से में मौसमी उथल-पुथल देखी गई। उड़ीसा, पंजाब, हरियाणा, असम, मेघालय और जम्मू-कश्मीर सहित कई राज्यों में तेज हवाओं के साथ वज्रपात हुआ। हरियाणा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में ओले भी गिरे, जिसने अचानक से मौसम का मिजाज बदल दिया।

डॉक्टरों की सलाह: कैसे बचें इस मौसम से?

भीषण गर्मी और तापमान में अचानक आए इस उछाल को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कुछ जरूरी सावधानियां बरतने की सलाह दी है:

  1. हाइड्रेशन: दिन भर में पर्याप्त पानी पिएं, भले ही प्यास न लगी हो। ओआरएस (ORS) और नींबू पानी का प्रयोग करें।

  2. दोपहर का समय: सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे के बीच सीधी धूप में निकलने से बचें।

  3. पहनावा: हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और सिर को ढक कर रखें।

  4. खान-पान: ताजे फल और तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें, बासी खाने से बचें।

भारत इस समय मौसम के एक अजीबोगरीब चक्र से गुजर रहा है। एक तरफ उत्तर भारत IMD हीटवेव अलर्ट और मौसम पूर्वानुमान 2026 की चपेट में आकर तपने को मजबूर है, तो दूसरी तरफ दक्षिण और पूर्वोत्तर में बारिश और ओलों का दौर जारी है। खेती और स्वास्थ्य के लिहाज से यह हफ्ता बेहद संवेदनशील है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर रखें, क्योंकि आने वाले 48 घंटों में धूल भरी आंधी और ओलावृष्टि की प्रबल संभावना है।

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