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Uttarakhand: रुद्रपुर में ‘रोड रेज’ के बाद मारपीट, तो काठगोदाम में 16 लाख की स्मैक के साथ तस्कर ढेर

रुद्रपुर/नैनीताल: उत्तराखंड के उधम सिंह नगर और नैनीताल जनपदों से अपराध की दो बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। एक ओर रुद्रपुर के हृदय स्थल इंद्रा चौक पर दिनदहाड़े ‘रोड रेज’ और मारपीट की घटना ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, तो वहीं दूसरी ओर नैनीताल पुलिस ने नशे के सौदागरों के खिलाफ ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ करते हुए लाखों की स्मैक बरामद की है। इन घटनाओं ने न केवल स्थानीय प्रशासन को सतर्क कर दिया है, बल्कि आम जनमानस में भी सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज कर दी हैं।

रुद्रपुर: मामूली विवाद और फिर पेट्रोल पंप पर खूनी संघर्ष

उधम सिंह नगर जिले के सबसे व्यस्ततम इलाकों में शुमार रुद्रपुर स्थित इंद्रा चौक (त्रिशूल चौक) के समीप उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक पेट्रोल पंप पर बाइक सवार युवक के साथ कुछ लोगों ने मारपीट शुरू कर दी। यह रुद्रपुर मारपीट घटना तब शुरू हुई जब पीड़ित युवक अपने एक मित्र का इंतजार कर रहा था।

विवाद की जड़: गाली-गलौज और जानलेवा धमकी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक का मित्र देहराइन से रुद्रपुर आ रहा था, जिसे रिसीव करने के लिए वह सुबह करीब 11:15 बजे पेट्रोल पंप के पास खड़ा था। इसी बीच, एक कार सवार व्यक्ति वहां पहुंचा। आरोप है कि कार सवार ने बिना हॉर्न दिए सीधे गाली-गलौज शुरू कर दी और युवक को वहां से हटने के लिए धमकाया।

जब युवक ने इस अभद्र व्यवहार का विरोध किया, तो मामला बढ़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार के अनुसार, कार सवार के साथ अन्य 3 से 4 लोग वहां पहुंच गए और युवक पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस दौरान हमलावरों ने युवक को जान से मारने की धमकी भी दी। गनीमत रही कि पीड़ित का मित्र वहां पहुंच चुका था, जिसने हिम्मत दिखाते हुए पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया। स्थानीय लोगों के बीच-बचाव के बाद मामला शांत हुआ, लेकिन तनाव की स्थिति बनी रही।

पुलिसिया कार्रवाई: सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही टीम

पीड़ित पक्ष ने कोतवाली रुद्रपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) अनिल जोशी ने बताया कि पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का विश्लेषण कर रही है ताकि हमलावरों की शिनाख्त हो सके। जोशी ने आश्वासन दिया कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।


नैनीताल पुलिस की बड़ी सफलता: 16 लाख की स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार

एक तरफ रुद्रपुर में पुलिस मारपीट के मामले सुलझा रही है, वहीं दूसरी तरफ नैनीताल पुलिस ने नशे के विरुद्ध अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को जारी रखते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। काठगोदाम पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर भारी मात्रा में अवैध स्मैक बरामद की है।

चेकिंग के दौरान पकड़ा गया ‘नशे का सौदागर’

17 अप्रैल 2026 को थाना काठगोदाम पुलिस और एसओजी की टीम कुंवरपुर बाईपास से गौलानदी की ओर जाने वाले रास्ते पर सघन चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान गौलापुल के पास एक संदिग्ध व्यक्ति पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगा। टीम ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी की और आरोपी को दबोच लिया।

तलाशी लेने पर आरोपी के पास से 54.80 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख 44 हजार रुपए आंकी जा रही है। स्मैक तस्करी नैनीताल के इस मामले ने एक बार फिर बरेली से जुड़ते नशे के तारों को उजागर कर दिया है।

बरेली से हल्द्वानी तक फैला ‘सफेद जहर’ का जाल

गिरफ्तार तस्कर की पहचान 34 वर्षीय दिलशाद के रूप में हुई है, जो बनभूलपुरा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस पूछताछ में दिलशाद ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने कुबूल किया कि वह यह स्मैक उत्तर प्रदेश के बरेली (इज्जतनगर) से कम दामों पर खरीदकर लाया था और इसे हल्द्वानी व आसपास के इलाकों में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज कर लिया है और उसे न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। गौरतलब है कि नैनीताल पुलिस ने इस वर्ष जनवरी से अब तक करोड़ों की स्मैक बरामद कर कई बड़े माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजा है।


सुरक्षा और जागरूकता की दरकार

रुद्रपुर में हुई मारपीट और नैनीताल में नशे की बरामदगी, दोनों ही घटनाएं समाज के दो अलग-अलग पहलुओं को दर्शाती हैं। जहां रुद्रपुर की घटना समाज में घटते धैर्य और बढ़ते ‘रोड रेज’ का प्रतीक है, वहीं नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई युवाओं को इस दलदल से बचाने की एक बड़ी कोशिश है।

प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शांति भंग करने वाले और जहर फैलाने वाले, दोनों के लिए कानून सख्त है। अब देखना यह होगा कि सीसीटीवी और साक्ष्यों के आधार पर रुद्रपुर के हमलावरों की गिरफ्तारी कब तक होती है।

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