By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ, ओंकारेश्वर मंदिर में भुकुंट भैरव पूजा के साथ शुरू हुई पवित्र परंपरा, कल रवाना होगी डोली
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ, ओंकारेश्वर मंदिर में भुकुंट भैरव पूजा के साथ शुरू हुई पवित्र परंपरा, कल रवाना होगी डोली
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड: केदारनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ, ओंकारेश्वर मंदिर में भुकुंट भैरव पूजा के साथ शुरू हुई पवित्र परंपरा, कल रवाना होगी डोली

The Hill India News
Last updated: April 18, 2026 12:20 pm
The Hill India News
Published: April 18, 2026
Share
SHARE

ओंकारेश्वर मंदिर में क्षेत्र रक्षक भुकुंट भैरव की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ विश्व प्रसिद्ध केदारनाथ धाम की यात्रा का औपचारिक शुभारंभ हो गया है। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान ने चारधाम यात्रा 2026 की पवित्र शुरुआत का संकेत दे दिया है। श्रद्धा, परंपरा और आस्था के इस अद्भुत संगम ने पूरे क्षेत्र को भक्ति के रंग में रंग दिया है।

चारधाम यात्रा का आधिकारिक आगाज 19 अप्रैल को गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ होगा, लेकिन उससे पहले केदारनाथ यात्रा की परंपरागत शुरुआत ओंकारेश्वर मंदिर से हो चुकी है। यह मंदिर भगवान केदारनाथ का शीतकालीन गद्दी स्थल माना जाता है, जहां सर्दियों के दौरान भगवान की पूजा-अर्चना की जाती है।

शनिवार को आयोजित विशेष पूजा में क्षेत्र रक्षक देवता भुकुंट भैरव की आराधना की गई। इस दौरान स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर समिति के सहयोग से मंदिर को करीब आठ क्विंटल विभिन्न प्रकार के फूलों से सजाया गया, जिससे पूरा परिसर भव्य और दिव्य नजर आया। धार्मिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधियों के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने आने वाली यात्रा के सफल और निर्विघ्न होने की कामना की।

मंदिर प्रभारी विजेंद्र बिष्ट ने जानकारी दी कि इस पूजा में स्थानीय लोगों ने नए अनाज का भोग अर्पित किया, जो समृद्धि और शुभता का प्रतीक माना जाता है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष की तरह इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस आयोजन में शामिल हुए और भगवान से यात्रा की सफलता के लिए प्रार्थना की।

अब अगला महत्वपूर्ण चरण 19 अप्रैल को होगा, जब भगवान केदारनाथ की पंचमुखी चल विग्रह उत्सव डोली उखीमठ से केदारनाथ धाम के लिए रवाना होगी। सेना के बैंड की मधुर धुनों और श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच यह डोली यात्रा शुरू होगी। यह डोली विभिन्न पड़ावों से गुजरते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वाद देती हुई 21 अप्रैल को केदारनाथ धाम पहुंचेगी।

डोली केदारनाथ पहुंचने के बाद भगवान की मूर्ति को भंडार गृह में विराजमान किया जाएगा। इसके पश्चात 22 अप्रैल की सुबह वैदिक मंत्रोच्चार और पारंपरिक विधि-विधान के साथ केदारनाथ मंदिर के कपाट ग्रीष्मकाल के लिए श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए जाएंगे। यह क्षण लाखों भक्तों के लिए अत्यंत पवित्र और प्रतीक्षित होता है।

इस बीच, केदारनाथ यात्रा में शामिल होने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु उखीमठ पहुंच चुके हैं। तीर्थयात्रियों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। कई श्रद्धालु पैदल यात्रा के लिए तैयार हैं और यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले विभिन्न पड़ावों पर रुकते हुए भगवान केदारनाथ के दर्शन करने के लिए उत्सुक हैं।

यात्रा की व्यवस्थाओं को लेकर भी प्रशासन और मंदिर समिति पूरी तरह सक्रिय है। केदारनाथ धाम में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए एडवांस टीम पहले ही पहुंच चुकी है। समिति के सदस्य डीएस भुजवाण ने बताया कि यात्रा को सुव्यवस्थित और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं और तय समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी।

इसके अलावा, जल संस्थान द्वारा गौरीकुंड से केदारनाथ तक लगभग 18 किलोमीटर लंबे पैदल मार्ग पर पेयजल की व्यवस्था सुचारू कर दी गई है। रास्ते में विभिन्न स्थानों पर पानी की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है, जिससे तीर्थयात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

यात्रा मार्ग पर व्यापारिक गतिविधियां भी धीरे-धीरे बढ़ने लगी हैं। स्थानीय दुकानदार, होटल संचालक और अन्य व्यवसायी अपनी तैयारियों में जुट गए हैं। इससे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलने की उम्मीद है।

चारधाम यात्रा हर वर्ष उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन का सबसे बड़ा केंद्र होती है। केदारनाथ धाम की यात्रा विशेष रूप से कठिन मानी जाती है, लेकिन इसके बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आती। इस बार भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

इस तरह ओंकारेश्वर मंदिर में भुकुंट भैरव की पूजा के साथ शुरू हुई यह पावन यात्रा अब अपने अगले चरण में प्रवेश कर चुकी है। आने वाले दिनों में केदारनाथ धाम में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है, जिससे पूरा क्षेत्र एक बार फिर भक्ति और आस्था के रंग में रंग जाएगा।

You Might Also Like

मुंबई के हुक्का पार्लर पर पुलिस की रेड, बिगबॉस फेम मुनव्वर फारूकी भी हिरासत में लिए गए लोगों में शामिल
Weather: ये मौसम का जादू है या ग्लोबल वॉर्मिंग का
चीन में भयंकर भूकंप ने मचाई तबाही, अब तक 100 से ज्यादा लोगों की हुई मौत
ईरान में एक ‘नशामुक्ति केंद्र’ में भीषण आग लगने से 27 लोगों की मौत, 17 अन्य घायल
धर्मांतरण रैकेट में बड़ी कार्रवाई: छांगुर बाबा के दो करीबी सहयोगी यूपी ATS के हत्थे चढ़े
TAGGED:Bhukunt Bhairavchar dham yatraDoli YatraKedarnathYatra2026Om kareshwar Temple
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
उत्तराखंडफीचर्ड

उत्तराखंड को मिला नया राज्यपाल! डॉ. ढाल सिंह बिसेन ने ली पद एवं गोपनीयता की शपथ, बोले—संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और विकास योजनाओं को गति देना प्राथमिकता

The Hill India News
The Hill India News
October 19, 2026
टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में बड़ा खुलासा! जयपुर से दिल्ली और फिर नेपाल भागने की थी प्लानिंग, कोटा पुलिस ने 15 मिनट में ट्रेन खंगालकर 3 आरोपियों को दबोचा
गैरसैंण के विकास पर बीजेपी में घमासान! पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह नेगी बोले—‘कुंभकर्ण 6 महीने में जागता था, विधायक 5 साल से सोए हैं’; अनिल नौटियाल ने आरोपों पर दिया जवाब
जंतर-मंतर पर तिरंगा फहराने को लेकर देश की सियासत गरम, CJP के दो नेता तिहाड़ जेल पहुंचे; राहुल गांधी से केजरीवाल तक ने उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के किसान से उत्तराखंड के राजभवन तक! कौन हैं डॉ. ढाल सिंह बिसेन, जानिए विधायक से सांसद और राज्यपाल बनने तक का पूरा सफर
उत्तराखंड में ई-चालान काटना आसान, वसूली बनी बड़ी चुनौती! अब बकाया जुर्माना नहीं भरने वालों की RC, फिटनेस और वाहन ट्रांसफर सेवाओं पर लग सकती है रोक
हरिद्वार में धामी कैबिनेट की ऐतिहासिक बैठक से पहले मां गंगा की शरण में पहुंचे CM धामी और मंत्री, प्रदेश की सुख-समृद्धि के लिए की प्रार्थना
दिल्ली में INDIA गठबंधन के मार्च से हाई अलर्ट! राजीव चौक समेत 6 मेट्रो स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले जान लें पूरा अपडेट
‘हनुमान अंश’ के बाद कैंची धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब! वीकेंड पर 11 अक्टूबर तक ट्रैफिक प्लान लागू, भारी वाहनों की एंट्री बंद; जानें कहां होगी पार्किंग और किन रास्तों से गुजरेंगे वाहन
कैंसर से जंग लड़ रही महिला पर दोहरी मार! तिलवाड़ा में खुदाई से चार मंजिला मकान पर मंडराया खतरा, बेबस प्रभा सकलानी ने CM धामी से लगाई न्याय की गुहार
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?