
दिल्ली से देहरादून के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। हाल ही में शुरू हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने न केवल यात्रा का समय घटा दिया है, बल्कि अब सफर पहले से कहीं ज्यादा किफायती भी हो गया है। इस एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद उत्तराखंड परिवहन निगम (उत्तराखंड रोडवेज) ने बसों के किराए में उल्लेखनीय कमी कर दी है, जिससे आम यात्रियों को सीधा फायदा मिल रहा है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना का उद्घाटन 14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया गया था। उद्घाटन के बाद से ही इस मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है और धीरे-धीरे इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है। खासतौर पर देहरादून और दिल्ली के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिए यह एक्सप्रेसवे एक गेमचेंजर साबित हो रहा है।
उत्तराखंड रोडवेज ने पहले चरण में इस एक्सप्रेसवे के जरिए 16 बसों का संचालन शुरू किया है। इनमें 8 वोल्वो, 6 एसी और 2 साधारण (ऑर्डिनरी) बसें शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, यात्रियों से इस रूट को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है। यही कारण है कि जल्द ही वोल्वो की 5 और बसों को इस मार्ग पर उतारने की योजना बनाई जा रही है। इससे यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा किया जा सकेगा और यात्रा को और अधिक सुविधाजनक बनाया जा सकेगा।
सबसे बड़ा बदलाव यात्रा के समय में देखने को मिला है। जहां पहले दिल्ली से देहरादून पहुंचने में 5 से 6 घंटे तक का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज 3 घंटे में पूरी हो रही है। इससे न केवल समय की बचत हो रही है, बल्कि ईंधन की खपत में भी कमी आई है, जिसका सीधा असर बस किराए पर पड़ा है।
किराए में की गई कटौती यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत है। पहले देहरादून से दिल्ली जाने वाली वोल्वो बस का किराया 945 रुपये था, जिसे अब घटाकर 709 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह एसी बस का किराया 709 रुपये से घटाकर 557 रुपये कर दिया गया है। वहीं साधारण बस का किराया, जो पहले 420 रुपये था, अब घटाकर 355 रुपये कर दिया गया है। इस कमी से रोजाना यात्रा करने वाले लोगों और मध्यम वर्ग के यात्रियों को विशेष लाभ मिलेगा।
रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे के कारण बस संचालन की लागत में कमी आई है। कम समय में यात्रा पूरी होने से बसों के फेरे (ट्रिप्स) भी बढ़ गए हैं, जिससे परिवहन निगम को भी फायदा हो रहा है। यही वजह है कि निगम ने किराए में कटौती का फैसला लिया, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्री इस सेवा का लाभ उठा सकें।
ग्रामीण डिपो के सहायक महाप्रबंधक प्रतीक जैन के अनुसार, आने वाले समय में ऑर्डिनरी बसों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। साथ ही सुबह और शाम के व्यस्त समय में अधिक बसें चलाई जा रही हैं, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े। उन्होंने बताया कि अगले एक-दो दिनों में वोल्वो बसों की संख्या बढ़ाकर कुल 13 कर दी जाएगी।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल यात्रा को तेज और सस्ता बना रहा है, बल्कि यह क्षेत्रीय विकास को भी गति देगा। पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या बढ़ने की संभावना है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुरू होना आम जनता के लिए एक बड़ी सौगात साबित हो रहा है। कम समय, कम खर्च और बेहतर सुविधा के साथ यह परियोजना आने वाले समय में और भी ज्यादा लोगों की पहली पसंद बनने वाली है।



