
उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के पंतनगर स्थित सिडकुल औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिकों का बड़ा आंदोलन शुरू हो गया है। नोएडा में हुए हालिया श्रमिक आंदोलन की तर्ज पर यहां भी मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर उग्र धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। हजारों की संख्या में श्रमिक विभिन्न कंपनियों के बाहर एकत्र होकर नारेबाजी कर रहे हैं, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में हलचल मच गई है। प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
जानकारी के अनुसार, उधम सिंह नगर के पंतनगर सिडकुल क्षेत्र की कई बड़ी कंपनियों के श्रमिक इस आंदोलन में शामिल हैं। इनमें ए जाकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अनसूया ऑटो प्रेस, बडवे और बेला राइस जैसी कंपनियों के कर्मचारी प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं। इन सभी कंपनियों के मजदूर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर कंपनी परिसरों के बाहर धरने पर बैठ गए हैं और प्रबंधन के खिलाफ जोरदार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
श्रमिकों की सबसे बड़ी और प्रमुख मांग वेतन वृद्धि को लेकर है। उनका कहना है कि वर्तमान समय में उन्हें लगभग 11,500 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है। मजदूरों का दावा है कि इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसी वजह से उन्होंने न्यूनतम वेतन को बढ़ाकर 21,000 रुपये प्रति माह करने की मांग रखी है। इसके अलावा श्रमिकों ने कार्यस्थल तक आने-जाने के लिए बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
आंकड़ों के मुताबिक, ए जाकी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में करीब 16,000 श्रमिक तीनों शिफ्टों में कार्यरत हैं, जबकि अनसूया ऑटो प्रेस में लगभग 1,000 मजदूर काम करते हैं। इसके अलावा अन्य कंपनियों में भी बड़ी संख्या में कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में जब इतने बड़े पैमाने पर श्रमिक एक साथ आंदोलन करते हैं, तो इसका असर पूरे औद्योगिक उत्पादन पर पड़ना तय माना जा रहा है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जिसमें कई थानों की पुलिस, पीएसी और खुफिया विभाग के अधिकारी शामिल हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकना और कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों का कहना है कि हालात पर पूरी नजर रखी जा रही है और स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
इस बीच श्रम विभाग भी सक्रिय हो गया है। श्रम निरीक्षक अरविंद सैनी मौके पर पहुंचे और उन्होंने कंपनी प्रबंधन तथा श्रमिकों के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत शुरू की। उन्होंने बताया कि फिलहाल दोनों पक्षों के बीच वार्ता जारी है और समाधान निकालने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन का मानना है कि संवाद के जरिए इस विवाद को सुलझाया जा सकता है।
गौरतलब है कि हाल ही में नोएडा में हुए श्रमिक आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया था, जिसके चलते वहां की स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई थी। उसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए पंतनगर में प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है, ताकि किसी भी प्रकार की हिंसक स्थिति उत्पन्न न हो।
स्थानीय अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि यदि जरूरत पड़ी तो और अधिक सुरक्षा बल तैनात किए जा सकते हैं। साथ ही, कंपनी प्रबंधन पर भी दबाव बनाया जा रहा है कि वे श्रमिकों की मांगों पर गंभीरता से विचार करें और जल्द से जल्द कोई ठोस निर्णय लें।
कुल मिलाकर पंतनगर सिडकुल क्षेत्र में शुरू हुआ यह श्रमिक आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप ले सकता है, यदि मांगों पर शीघ्र समाधान नहीं निकाला गया। फिलहाल सभी की निगाहें प्रशासन और श्रम विभाग की वार्ता पर टिकी हुई हैं, जिससे यह तय होगा कि स्थिति शांतिपूर्ण ढंग से सुलझती है या आंदोलन और उग्र रूप धारण करता है।



