By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, बहुमत के गणित में उलझा नारी शक्ति का संवैधानिक हक
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, बहुमत के गणित में उलझा नारी शक्ति का संवैधानिक हक
देशफीचर्ड

लोकसभा में गिरा महिला आरक्षण बिल, बहुमत के गणित में उलझा नारी शक्ति का संवैधानिक हक

The Hill India News
Last updated: April 17, 2026 3:07 pm
The Hill India News
Published: April 17, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली: भारतीय संसदीय इतिहास में शुक्रवार का दिन एक बड़े सियासी घटनाक्रम का गवाह बना। महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने के उद्देश्य से लाया गया ऐतिहासिक ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’ निचले सदन (लोकसभा) में पारित नहीं हो सका। दो दिनों की लंबी और तीखी चर्चा के बाद जब मत विभाजन (Voting) की बारी आई, तो विधेयक संवैधानिक अनिवार्यताओं की कसौटी पर खरा नहीं उतर पाया। इसके साथ ही परिसीमन और संघ राज्य विधि से जुड़े दो अन्य सहायक विधेयक भी स्वतः ही ठंडे बस्ते में चले गए हैं।

Contents
वोटिंग का गणित: बहुमत से दूर रह गई सरकार“विपक्ष ने दिखाया महिला विरोधी चेहरा”: अमित शाह का तीखा प्रहारBJP की नई रणनीति: अब ‘संसद’ नहीं ‘सड़क’ पर होगा फैसलाचुनाव वाले राज्यों पर टिकी नजर: बंगाल और तमिलनाडु में गूँजेगा मुद्दासंवैधानिक अड़चन और आगे की राह

वोटिंग का गणित: बहुमत से दूर रह गई सरकार

सदन में हुए मत विभाजन के दौरान दृश्य काफी रोमांचक रहा। विधेयक के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि विरोध में 230 वोट दर्ज किए गए। हालांकि, सरकार के पास साधारण बहुमत से अधिक का समर्थन था, लेकिन ‘संविधान संशोधन’ के लिए आवश्यक ‘विशेष बहुमत’ (उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई) का आंकड़ा सदन में नहीं जुट पाया।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बिल के गिरने के बाद भारी मन से घोषणा की कि चूंकि मुख्य संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं हो पाया है, इसलिए सरकार इससे संबंधित ‘परिसीमन विधेयक 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक 2026’ को आगे नहीं बढ़ाएगी।

“विपक्ष ने दिखाया महिला विरोधी चेहरा”: अमित शाह का तीखा प्रहार

विधेयक गिरने के तुरंत बाद सदन के भीतर और बाहर जुबानी जंग तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कभी भी महिलाओं को उनका हक देने के पक्ष में नहीं था। शाह ने कहा, “यह स्पष्ट हो गया है कि कौन नारी शक्ति के सशक्तिकरण के साथ है और कौन केवल राजनीति कर रहा है। विपक्ष ने इस ऐतिहासिक अवसर को गवांकर अपनी संकुचित मानसिकता का परिचय दिया है।”

#TodayInLokSabha

संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026 पर मतदान:

पक्ष मेंः
298 विरोध मेंः 230

सदन में मतदान के दौरान दो तिहाई बहुमत नहीं मिलने के कारण विधेयक पारित नहीं हुआ.

इसलिए संघ राज्य क्षेत्र विधि संशोधन विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026, जो संविधान (131वां… pic.twitter.com/glaycSjFre

— SansadTV (@sansad_tv) April 17, 2026

BJP की नई रणनीति: अब ‘संसद’ नहीं ‘सड़क’ पर होगा फैसला

भले ही Women Reservation Bill 2026 Parliament में तकनीकी कारणों से गिर गया हो, लेकिन भाजपा ने इसे एक बड़े राजनीतिक अवसर में बदलने की तैयारी कर ली है। सूत्रों के अनुसार, एनडीए (NDA) की एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई गई है, जिसमें इस मुद्दे को जनता के बीच ले जाने का ब्लूप्रिंट तैयार किया जाएगा।

बीजेपी की रणनीति अब ‘डिफेंसिव’ होने के बजाय ‘अग्र्रेसिव’ होने की है। पार्टी देशव्यापी अभियान चलाकर जनता को यह बताएगी कि सरकार तो आरक्षण देना चाहती थी, लेकिन विपक्ष की ‘नकारात्मक राजनीति’ ने इसे रोक दिया।

चुनाव वाले राज्यों पर टिकी नजर: बंगाल और तमिलनाडु में गूँजेगा मुद्दा

इस बिल के गिरने का तात्कालिक असर पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में देखने को मिल सकता है। बीजेपी इन राज्यों में महिला मतदाताओं की बड़ी संख्या को साधने के लिए इसे ‘चुनावी हथियार’ बनाएगी।

  • पीएम मोदी का बंगाल दौरा: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 23 अप्रैल को नदिया जिले के कृष्णानगर और 24 अप्रैल को 24 परगना में जनसभाओं को संबोधित करेंगे। माना जा रहा है कि इन रैलियों में पीएम मोदी महिला आरक्षण बिल के मुद्दे पर विपक्ष को सीधे तौर पर कटघरे में खड़ा करेंगे।

  • महिला कार्ड: ‘नारी शक्ति’ को केंद्र में रखकर बीजेपी यह संदेश देगी कि विपक्ष ने विकास और प्रतिनिधित्व की राह में रोड़ा अटकाया है।

संवैधानिक अड़चन और आगे की राह

विशेषज्ञों के अनुसार, 2029 के लोकसभा चुनावों से इस आरक्षण को लागू करने की योजना अब अधर में लटक गई है। यदि सरकार दोबारा इस बिल को लाना चाहती है, तो उसे नए सिरे से प्रक्रिया शुरू करनी होगी या फिर व्यापक राजनीतिक आम सहमति बनानी होगी। विपक्ष का तर्क है कि बिल के वर्तमान स्वरूप में ओबीसी (OBC) और अल्पसंख्यक महिलाओं के लिए अलग से कोटा नहीं था, जिसके कारण उन्होंने इसका विरोध किया।

लोकसभा में बिल का गिरना केवल एक विधायी प्रक्रिया की विफलता नहीं है, बल्कि यह आगामी 2029 के चुनावों की दिशा तय करने वाली घटना है। Women Reservation Bill 2026 Parliament के इस घटनाक्रम ने सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच की खाई को और चौड़ा कर दिया है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भारतीय राजनीति की ‘आधी आबादी’ इस सियासी खींचतान को किस नजरिए से देखती है और आने वाले चुनावों में इसका क्या प्रभाव पड़ता है।

You Might Also Like

UPSC की जांच में खुलासा, पूजा खेडकर ने धोखाधड़ी से यूपीएससी की परीक्षा दी 8 बार
उत्तराखंड: पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अस्पताल से डिस्चार्ज, डॉक्टरों ने दी कुछ दिन आराम की सलाह
रुद्रप्रयाग के बेलनी पुल के दिन बहुरेंगे, ₹33 करोड़ के साथ नए ‘स्टील गार्डर’ ब्रिज को केंद्र की हरी झंडी
कक्षा 6 से तीसरी भाषा अनिवार्य: CBSE का बड़ा फैसला, स्कूलों को 7 दिन में लागू करने का निर्देश
सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम: राजनीतिक दलों के ‘असीमित’ चुनावी खर्च पर केंद्र और चुनाव आयोग को नोटिस
TAGGED:BJP Campaign against Opposition on Mahila AarakshanConstitution 131st Amendment Bill Voting DetailsPM Modi West Bengal Rally April 2026Role of OBC quota in Women Reservation BillWhy Women Reservation Bill failed in Lok Sabha 2026
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

सरकार से बनी सहमति, आंदोलन समाप्त: सीजेपी ने वापस लिया विरोध, मंगलवार तक बाकी मांगें पूरी होने का भरोसा

The Hill India News
The Hill India News
July 25, 2026
कांवड़ यात्रा पर सीएम योगी का सख्त अल्टीमेटम: हुड़दंग, अफवाह और अव्यवस्था फैलाने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई, सुरक्षा से सुविधाओं तक व्यापक तैयारी
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सियासत में हलचल: विपक्ष ने बताया युवाओं की जीत, शिक्षा सुधार की नई उम्मीद जगी
UTU पेपर लीक पर कांग्रेस का बड़ा प्रदर्शन: गणेश गोदियाल समेत कई नेता हिरासत में, सुद्धोवाला जेल भेजे गए
थार में बैठाकर पत्नी की हत्या, फिर नहर में फेंका शव! मुरादाबाद हत्याकांड ने उड़ाए होश, जांच में हो रहे चौंकाने वाले खुलासे
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जंतर-मंतर पर जश्न: अभिजीत दीपके बोले— “झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए”
NEET विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, युवाओं के नाम भावुक पत्र में बोले— ‘देश के किसी भी छात्र के भविष्य से नहीं होने दूंगा अन्याय’
देहरादून में नशे के कारोबार पर बड़ा प्रहार: हॉटस्पॉट क्षेत्रों में होगी ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, युवाओं को बचाने के लिए प्रशासन का व्यापक अभियान
कारगिल विजय दिवस पर शहीदों को नमन: सीएम धामी ने ‘रन फॉर कारगिल हीरोज’ मैराथन को दिखाई हरी झंडी, युवाओं से राष्ट्र सेवा का किया आह्वान
CJP प्रदर्शन पर सख्ती: हत्या के प्रयास की धारा वाली FIR से बढ़ा विवाद, जंतर-मंतर बना सुरक्षा छावनी
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?