
नई दिल्ली: देश में सोने की कीमतों ने एक बार फिर नया रिकॉर्ड बनाते हुए आम खरीदारों को बड़ा झटका दिया है। अक्षय तृतीया जैसे शुभ अवसर से ठीक पहले सोने के दामों में आई इस तेज़ बढ़ोतरी ने बाजार में हलचल मचा दी है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 24 कैरेट सोने की कीमत ₹1,54,080 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गई है, जो अब तक का उच्चतम स्तर माना जा रहा है। एक ही दिन में करीब ₹1,470 की बढ़ोतरी ने यह साफ कर दिया है कि सोने का बाजार फिलहाल तेज़ी के रुख पर है।
विशेषज्ञों के अनुसार, सोने की कीमतों में यह उछाल केवल घरेलू मांग की वजह से नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों का भी सीधा असर है। वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितताओं के चलते निवेशक सुरक्षित विकल्प के रूप में सोने की ओर रुख कर रहे हैं। हाल ही में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की खबर सामने आई, जिससे बाजार में हलचल बढ़ी। इसके अलावा अमेरिका और ईरान के बीच संभावित कूटनीतिक समझौते की अटकलों ने भी निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
हालांकि इन घटनाओं से कुछ हद तक तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन निवेशकों का भरोसा अभी भी सोने पर कायम है। यही वजह है कि वैश्विक बाजार में हल्की स्थिरता के बावजूद घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में गिरावट नहीं आई, बल्कि लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
अगर देश के अलग-अलग शहरों की बात करें तो दक्षिण भारत के चेन्नई में सोने की कीमतों में सबसे ज्यादा उछाल देखा गया। यहां 24 कैरेट सोना ₹1,750 की बढ़त के साथ ₹1,55,130 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गया है, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,42,202 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं मुंबई और हैदराबाद जैसे प्रमुख शहरों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,53,930 प्रति 10 ग्राम रहा, जिसमें ₹1,470 की वृद्धि देखी गई। कोलकाता और बेंगलुरु में भी कीमतें इसी स्तर के आसपास बनी हुई हैं, जो देशभर में एक समान तेजी का संकेत देती हैं।
अक्षय तृतीया के नजदीक आते ही बाजार में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। भारतीय परंपरा में इस दिन सोना खरीदना बेहद शुभ माना जाता है, जिसके चलते हर साल इस समय मांग में तेजी देखी जाती है। ज्वेलर्स का कहना है कि शादी-ब्याह के सीजन और त्योहारों की वजह से बाजार में मांग मजबूत बनी हुई है। यही कारण है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उतार-चढ़ाव के बावजूद घरेलू कीमतें नीचे नहीं आ रही हैं।
22 कैरेट सोना, जिसका उपयोग मुख्य रूप से आभूषण बनाने में किया जाता है, अधिकांश शहरों में ₹1,41,100 से ₹1,41,250 प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है। हालांकि बढ़ती कीमतों के कारण आम उपभोक्ता थोड़े सतर्क जरूर नजर आ रहे हैं, लेकिन त्योहार की वजह से खरीदारी पूरी तरह रुकी नहीं है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। जब तक वैश्विक स्तर पर राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पूरी तरह स्थिर नहीं होती, तब तक सोना निवेशकों के लिए सुरक्षित विकल्प बना रहेगा। यही कारण है कि कई निवेश सलाहकार अब पारंपरिक सोने के बजाय डिजिटल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ में निवेश की सलाह दे रहे हैं।
निवेश के नजरिए से देखा जाए तो एकमुश्त बड़ी रकम लगाने के बजाय सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना बेहतर विकल्प माना जा रहा है। इससे बाजार की अस्थिरता का असर कम होता है और निवेशक लंबी अवधि में बेहतर रिटर्न हासिल कर सकते हैं।
कुल मिलाकर, अक्षय तृतीया से पहले सोने की कीमतों में आई यह तेज़ बढ़ोतरी जहां निवेशकों के लिए अवसर लेकर आई है, वहीं आम ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन गई है। आने वाले दिनों में बाजार का रुख काफी हद तक वैश्विक परिस्थितियों और घरेलू मांग पर निर्भर करेगा।



