
मिडलबर्ग (नीदरलैंड्स)। रूस और यूक्रेन के बीच जारी भीषण सैन्य संघर्ष के बीच, यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को दुनिया के सबसे सम्मानित नागरिक पुरस्कारों में से एक ‘इंटरनेशनल फोर फ्रीडम्स अवार्ड’ (International Four Freedoms Award) से सम्मानित किया गया है। नीदरलैंड्स के मिडलबर्ग में आयोजित एक भव्य समारोह में जेलेंस्की और यूक्रेनी जनता के साहस को यह सम्मान प्रदान किया गया। यह पुरस्कार न केवल जेलेंस्की के नेतृत्व की पुष्टि करता है, बल्कि उस वैश्विक एकजुटता को भी दर्शाता है जो लोकतंत्र की रक्षा के लिए यूक्रेन के पीछे खड़ी है।
रूजवेल्ट की विरासत और जेलेंस्की का साहस
रूजवेल्ट फाउंडेशन की ओर से दिया जाने वाला यह पुरस्कार उन व्यक्तियों या संगठनों को दिया जाता है जिन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रैंकलिन डी. रूजवेल्ट द्वारा 1941 में घोषित ‘चार स्वतंत्रताओं’—अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, पूजा की स्वतंत्रता, अभाव से मुक्ति और भय से मुक्ति—के लिए असाधारण कार्य किया हो।
पुरस्कार की घोषणा करते हुए फाउंडेशन के अध्यक्ष ह्यूगो डी जोंग ने कहा, “हम यूक्रेनी लोगों के अटूट साहस और उनके राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के अडिग नेतृत्व को यह सर्वोच्च सम्मान अर्पित करते हैं। जेलेंस्की ने न केवल अपने देश की रक्षा की है, बल्कि पूरी दुनिया के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की एक मिसाल पेश की है।”
प्रतिष्ठित विजेताओं की सूची में शामिल हुए जेलेंस्की
वोलोदिमीर जेलेंस्की इंटरनेशनल फोर फ्रीडम्स अवार्ड प्राप्त करने के साथ ही उन महान हस्तियों की कतार में शामिल हो गए हैं जिन्होंने इतिहास की दिशा बदली है। इससे पूर्व यह सम्मान दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला, तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा, जर्मनी की पूर्व चांसलर एंजेला मर्केल और ‘इंटरनेशनल कमिटी ऑफ द रेड क्रॉस’ जैसी संस्थाओं को मिल चुका है।
अन्य श्रेणियों में भी हुए महत्वपूर्ण ऐलान
इस वर्ष का समारोह कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। फाउंडेशन ने अन्य श्रेणियों में भी नायकों का चयन किया:
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भय से मुक्ति (Freedom from Fear): फ्रांस की गिसेले पेलिकॉट को यह पुरस्कार दिया गया। बलात्कार जैसी जघन्य त्रासदी को झेलने के बाद समाज में न्याय की अलख जगाने वाली गिसेले को उनके अदम्य साहस के लिए चुना गया।
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बोलने की स्वतंत्रता (Freedom of Speech): यह पुरस्कार ‘कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ (CPJ) को प्रदान किया गया।
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पूजा की स्वतंत्रता (Freedom of Worship): सुरक्षा कारणों और मौजूदा भू-राजनीतिक संवेदनशीलता का हवाला देते हुए इस श्रेणी के विजेता का नाम सार्वजनिक नहीं किया गया।
नीदरलैंड्स का बड़ा रक्षा दांव: 248 मिलियन यूरो के ड्रोन
पुरस्कार समारोह के इतर जेलेंस्की ने डच प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। नीदरलैंड्स शुरू से ही यूक्रेन का कट्टर समर्थक रहा है। इसी कड़ी में डच रक्षा मंत्री डिलन येसिलगोज-जेगेरियस ने घोषणा की कि नीदरलैंड्स यूक्रेनी सेना के लिए अत्याधुनिक ड्रोन खरीदने हेतु 248 मिलियन यूरो (लगभग 292 मिलियन अमेरिकी डॉलर) का निवेश कर रहा है।
इससे पहले भी नीदरलैंड्स ने यूक्रेन को पैट्रियट मिसाइल रक्षा प्रणाली और एफ-16 लड़ाकू विमान उपलब्ध कराकर रूसी हवाई हमलों के खिलाफ यूक्रेन की ढाल को मजबूत किया है।
यूरोप की खाक छानते जेलेंस्की: सैन्य सहायता का महाभियान
युद्ध के मोर्चे पर रूस की बढ़ती आक्रामकता और भविष्य की अनिश्चितताओं के बीच जेलेंस्की ने महज 48 घंटों में तीन यूरोपीय राजधानियों—बर्लिन, ओस्लो और रोम—का तूफानी दौरा किया। इस कूटनीतिक सक्रियता का बड़ा असर भी देखने को मिला है:
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जर्मनी: बर्लिन यूक्रेन को 4 अरब यूरो (4.7 अरब अमेरिकी डॉलर) का विशाल रक्षा पैकेज देने पर सहमत हुआ है।
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नॉर्वे: नॉर्वे ने यूक्रेन की अर्थव्यवस्था और सैन्य मजबूती के लिए 9 अरब यूरो की लंबी अवधि की सहायता का वादा किया है।
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इटली: इटली ने भी वायु रक्षा प्रणालियों और मानवीय सहायता को और तेज करने का आश्वासन दिया है।
सम्मान के साथ बढ़ती जिम्मेदारियां
जेलेंस्की को मिला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मान उस समय आया है जब युद्ध अपने निर्णायक मोड़ पर है। जहाँ एक ओर रूस सैन्य दबाव बढ़ा रहा है, वहीं दूसरी ओर ‘फोर फ्रीडम्स अवार्ड’ जैसे वैश्विक सम्मान यूक्रेन के मनोबल को ऊँचा रखने का काम करते हैं। यह स्पष्ट संदेश है कि दुनिया यूक्रेन के ‘अटूट साहस’ के साथ खड़ी है। अब जेलेंस्की की चुनौती इस वैश्विक समर्थन को युद्ध के मैदान में निर्णायक जीत में बदलने की होगी।



