देशफीचर्ड

राज्यसभा चुनाव 2026: कांग्रेस ने अभिषेक मनु सिंघवी समेत 6 दिग्गजों पर लगाया दांव; बिहार में ‘नीतीश’ के नामांकन से सियासी भूचाल

नई दिल्ली/पटना: देश की उच्च सदन यानी राज्यसभा के आगामी चुनावों को लेकर सियासी पारा चढ़ गया है। कांग्रेस आलाकमान ने गुरुवार को अपने 6 उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची जारी कर दी है, जिसमें अनुभवी अधिवक्ताओं से लेकर जमीनी कार्यकर्ताओं तक को जगह दी गई है। वहीं, बिहार की राजनीति में एक ऐतिहासिक मोड़ देखने को मिल रहा है, जहाँ रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार अब दिल्ली की राजनीति में अपनी नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं।

कांग्रेस की लिस्ट: अनुभव और क्षेत्रीय संतुलन का संगम

कांग्रेस ने अपनी इस सूची में चुनावी गणित और पार्टी के प्रति निष्ठा का विशेष ध्यान रखा है। सबसे महत्वपूर्ण नाम वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी का है। पार्टी ने उन्हें एक बार फिर तेलंगाना से चुनावी मैदान में उतारा है। सिंघवी वर्तमान में भी इसी राज्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और उनकी कानूनी विशेषज्ञता को देखते हुए पार्टी उन्हें संसद में बनाए रखना चाहती है।

तेलंगाना की दूसरी सीट के लिए कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के विश्वासपात्र वी. नरेंद्र रेड्डी को नामांकित किया है। यह कदम राज्य के भीतर सत्ता संतुलन और मुख्यमंत्री के प्रभाव को दर्शाता है।

राज्यवार उम्मीदवारों का विश्लेषण:

कांग्रेस की सूची में विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व इस प्रकार है:

  1. छत्तीसगढ़: यहाँ से फूलो देवी नेताम पर पार्टी ने एक बार फिर भरोसा जताया है। आदिवासी समाज से आने वाली फूलो देवी की उम्मीदवारी छत्तीसगढ़ में पार्टी के मजबूत आधार को दर्शाती है।

  2. हिमाचल प्रदेश: कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अनुराग शर्मा को उम्मीदवार बनाकर पार्टी ने संगठन के कार्यकर्ताओं को बड़ा संदेश दिया है।

  3. हरियाणा: यहाँ से कर्मवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा गया है। उनकी उम्मीदवारी को हरियाणा के आगामी समीकरणों से जोड़कर देखा जा रहा है।

  4. तमिलनाडु: पार्टी ने एम. क्रिस्टोफर तिलक को अपना प्रत्याशी घोषित किया है।


बिहार में महासंग्राम: नीतीश कुमार का राज्यसभा प्रस्थान

बिहार की राजनीति के लिए आज का दिन किसी भूकंप से कम नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, जो दशकों से बिहार की राजनीति के धुरी बने हुए थे, अब सक्रिय मुख्यमंत्री पद से हटकर राज्यसभा जाने की तैयारी कर चुके हैं।

नामांकन और वीआईपी मौजूदगी: सूत्रों के अनुसार, नीतीश कुमार आज सुबह 11:30 बजे बिहार विधानसभा पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल करेंगे। इस दौरान उनके साथ जदयू के वरिष्ठ नेता रामनाथ ठाकुर भी नामांकन भरेंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बात की भी चर्चा है कि इस हाई-प्रोफाइल नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी रह सकती है, जो बीजेपी-जदयू के मजबूत होते रिश्तों का संकेत है।

बिहार का भविष्य: क्या होगा नया समीकरण?

नीतीश कुमार के इस फैसले के साथ ही बिहार में ‘पोस्ट-नीतीश’ युग की चर्चा शुरू हो गई है। पटना में हुई जदयू विधायकों की बैठक के बाद यह स्पष्ट है कि नीतीश अब दिल्ली (केंद्रीय राजनीति) की भूमिका में रहेंगे।

  • बीजेपी का मुख्यमंत्री: सूत्रों का दावा है कि बिहार के इतिहास में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (BJP) अपना मुख्यमंत्री बना सकती है।

  • पुत्र की राजनीति में एंट्री: इस बड़े फेरबदल के बीच नीतीश कुमार के बेटे की राजनीति में सक्रिय भूमिका की खबरें भी जोर पकड़ रही हैं। माना जा रहा है कि जदयू के भीतर विरासत को संभालने के लिए यह एक रणनीतिक कदम हो सकता है।

राज्यसभा चुनाव का राष्ट्रीय प्रभाव

इन चुनावों के नतीजे केवल संसद के गणित को प्रभावित नहीं करेंगे, बल्कि आने वाले लोकसभा चुनावों के लिए गठबंधन की दिशा भी तय करेंगे। कांग्रेस जहाँ अपने अनुभवी रणनीतिकारों को सदन में वापस ला रही है, वहीं एनडीए (NDA) विशेषकर बिहार में अपने प्रभुत्व को विस्तार दे रहा है।

अभिषेक मनु सिंघवी और नीतीश कुमार जैसे दिग्गजों की उच्च सदन में मौजूदगी से राज्यसभा में बहस और विधायी प्रक्रियाओं का स्तर बढ़ना तय है। विशेषकर विपक्षी खेमे के लिए सिंघवी जैसे कानूनी रणनीतिकार की वापसी संजीवनी की तरह है।

राज्यसभा चुनाव 2026 भारतीय लोकतंत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होने जा रहा है। एक तरफ कांग्रेस का अपने पुराने योद्धाओं पर भरोसा है, तो दूसरी तरफ बिहार में नीतीश कुमार का सीएम की कुर्सी छोड़कर राज्यसभा जाना एक युग के अंत और नए अध्याय की शुरुआत है। बिहार में ‘नया सीएम फेस’ कौन होगा, यह सवाल अब पूरे देश की उत्सुकता का केंद्र बना हुआ है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button