अलीगढ़: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जनपद में रंगों के त्योहार होली के बीच एक ऐसी वारदात सामने आई है जिसने पूरे शहर को दहला दिया है। जहाँ एक ओर लोग एक-दूसरे को गुलाल लगाकर खुशियाँ बाँट रहे थे, वहीं दूसरी ओर बदमाशों ने ‘होली मिलन’ को ही अपना हथियार बनाकर एक प्रतिष्ठित कारोबारी के घर में तांडव मचाया। बदमाशों ने न केवल हथियारों के बल पर परिवार को बंधक बनाया, बल्कि महिलाओं के जेवर उतरवाकर और घर की अलमारियाँ खंगालकर लाखों की संपत्ति समेट ली।
वारदात का तरीका: पहचान बनी धोखा
यह सनसनीखेज मामला अलीगढ़ के चौकी घुडियाबाग क्षेत्र का है। पीड़ित विनोद कुमार, जो पेशे से स्क्रैप कारोबारी हैं, अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। घटना की शुरुआत तब हुई जब घर के बाहर से ‘होली मिलन’ की आवाज आई।
विनोद कुमार के अनुसार, वह अपने कमरे में बेड पर बैठे थे, तभी पीछे की जाली वाले गेट के पास से किसी ने आवाज दी। चेहरे पर गाढ़ा रंग लगा होने के कारण पहचानना मुश्किल था, लेकिन आवाज देने वाले ने खुद को परिचित जाहिर करते हुए पास बुलाया। जैसे ही विनोद कुमार गेट के करीब पहुँचे, उन्होंने देखा कि सामने खड़ा युवक ‘अनाड़ी’ नाम का परिचित लग रहा था। लेकिन जैसे ही गेट खुला, मंजर पूरी तरह बदल गया।
हथियारों के बल पर बंधक, पत्नी से छीने कंगन
पीड़ित ने बताया कि उस युवक के पीछे तीन अन्य नकाबपोश और रंग लगे बदमाश छिपे थे। घर के अंदर दाखिल होते ही चारों ने कट्टा, तमंचा और पैना चाकू निकाल लिया। बदमाशों ने विनोद कुमार और उनकी पत्नी को जान से मारने की धमकी दी और एक कमरे में धकेल दिया।
अपराधियों का खौफनाक व्यवहार:
-
हाथापाई और मारपीट: बदमाशों ने विरोध करने पर दंपति के साथ मारपीट की।
-
जेवरों की लूट: डरे हुए कारोबारी की पत्नी के हाथों से सोने के कंगन जबरन उतरवा लिए गए।
-
अलमारियों की तलाशी: बदमाश सीधे कारोबारी की बेटी के कमरे में घुसे और वहां रखी अलमारी का लॉक तोड़कर कीमती सामान और नकदी लूट ली।
तकनीकी साक्ष्य मिटाने की कोशिश: वाई-फाई राउटर भी ले गए बदमाश
अलीगढ़ के इस होली मिलन लूटकांड में बदमाशों की शातिर योजना का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे जाते-जाते तकनीकी साक्ष्य भी साथ ले गए। बदमाशों ने परिवार के दो मोबाइल फोन छीन लिए ताकि वे तुरंत पुलिस को सूचना न दे सकें। इतना ही नहीं, घर में लगा जियो (Jio) का वाई-फाई राउटर भी उखाड़ लिया, ताकि इंटरनेट कनेक्टिविटी और किसी भी प्रकार की क्लाउड रिकॉर्डिंग या ऑनलाइन अलर्ट को रोका जा सके।
जाते समय बदमाशों ने परिवार को धमकी देते हुए कहा, “अगर बाहर निकले या शोर मचाया तो गोली मार देंगे।” बदमाशों के फरार होने के काफी देर बाद पीड़ित परिवार ने किसी तरह पड़ोसियों की मदद से पुलिस को सूचित किया।
पुलिसिया कार्रवाई: सीसीटीवी खंगाल रही टीमें
वारदात की सूचना मिलते ही अलीगढ़ पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। भारी पुलिस बल के साथ आला अधिकारी मौके पर पहुँचे और घटनास्थल का मुआयना किया।
एएसपी मयंक पाठक ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा:
“चौकी घुडियाबाग क्षेत्र में अज्ञात बदमाशों द्वारा घर में घुसकर लूट की सूचना मिली थी। शुरुआती जांच में पता चला है कि 4 युवक होली के रंग में रंगे हुए थे, जो मिलने के बहाने अंदर घुसे। घटना के सफल अनावरण के लिए विशेष टीमों का गठन कर दिया गया है। हम आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक कर रहे हैं और आरोपियों की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है।”
सुरक्षा पर सवाल: त्योहारों में बढ़ जाता है जोखिम
अलीगढ़ की इस घटना ने त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अपराधी अक्सर ‘होली मिलन’ या ‘दिवाली की बधाई’ जैसे बहानों का इस्तेमाल कर लोगों के घरों में रेकी करते हैं या सीधे प्रवेश पा लेते हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि त्योहार के समय भी अनजान या संदिग्ध दिखने वाले व्यक्तियों के लिए घर का दरवाजा खोलने से पहले पूरी सावधानी बरतें।
कारोबारी जगत में दहशत
इस डकैती के बाद अलीगढ़ के व्यापारी वर्ग में काफी आक्रोश और डर देखा जा रहा है। स्क्रैप कारोबारियों के संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटा गया माल बरामद किया जाए, अन्यथा वे विरोध प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे।
अलीगढ़ पुलिस के लिए बड़ी चुनौती
अलीगढ़ में हुई यह सशस्त्र डकैती पुलिस की कार्यप्रणाली के लिए एक अग्निपरीक्षा की तरह है। रंग लगे होने के कारण बदमाशों की पहचान करना एक बड़ी चुनौती है, लेकिन जिस तरह से ‘अनाड़ी’ नाम के व्यक्ति का जिक्र सामने आया है, पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही गिरोह के तार सुलझ जाएंगे। फिलहाल, पूरा इलाका पुलिस छावनी में तब्दील है और दबिश जारी है।



