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मिशन हरिद्वार: 7 मार्च को बैरागी कैंप पहुंचेंगे अमित शाह, CM धामी ने संभाली कमान; अधिकारियों को दिए सुरक्षा के कड़े निर्देश

हरिद्वार: धर्मनगरी हरिद्वार एक बार फिर बड़े सियासी और प्रशासनिक केंद्र के रूप में तैयार हो रही है। आगामी 7 मार्च, 2026 को देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का हरिद्वार के ऐतिहासिक बैरागी कैंप में प्रस्तावित भ्रमण कार्यक्रम है। इस महत्वपूर्ण दौरे को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। मंगलवार को मुख्यमंत्री ने स्वयं बैरागी कैंप पहुंचकर तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की बारीकी से समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने खुद परखीं व्यवस्थाएं: ‘जीरो एरर’ का मंत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम स्थल के निरीक्षण के दौरान मंच से लेकर पार्किंग तक की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री का आगमन उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है और इसमें किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को ‘समयबद्धता और सुव्यवस्थित संचालन’ का निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी विभाग एक टीम की तरह काम करें। उन्होंने मंच की मजबूती, बैठने की क्षमता, पेयजल आपूर्ति और निर्बाध विद्युत सेवा सुनिश्चित करने को कहा।


सुरक्षा और यातायात: पुलिस प्रशासन को ‘अलर्ट’ रहने के आदेश

अमित शाह के दौरे को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद की जा रही है। मुख्यमंत्री ने पुलिस और प्रशासन को आपसी समन्वय (Coordination) के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  1. सुरक्षा में शिथिलता बर्दाश्त नहीं: सुरक्षा घेरे को अभेद्य बनाने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को खुद मॉनिटरिंग करनी होगी।

  2. स्मूथ ट्रैफिक मैनेजमेंट: मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शहर में यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि “शहर में कहीं भी जाम की स्थिति पैदा न हो, ताकि आम नागरिकों को असुविधा न हो।”

  3. आपातकालीन सेवाएं: चिकित्सा सुविधा, एंबुलेंस और अग्निशमन (Fire Brigade) की टीमें हर समय अलर्ट मोड पर रहेंगी।


बैरागी कैंप में विकास और अनुशासन की झलक

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान कहा कि राज्य सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रमों में अनुशासन और पारदर्शिता सर्वोपरि है। उन्होंने निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर आने वाले आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए।

निरीक्षण के दौरान गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पाण्डे और जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने मुख्यमंत्री को मैप के जरिए पूरे कार्यक्रम स्थल का लेआउट समझाया। उन्होंने बताया कि पंडाल और प्रवेश द्वारों का निर्माण किस प्रकार किया जा रहा है ताकि भीड़ का प्रबंधन सुचारू रूप से हो सके। वहीं, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नवनीत सिंह भुल्लर ने वीआईपी पार्किंग और आम जनता के वाहनों के लिए बनाए गए रूट प्लान की विस्तृत जानकारी साझा की।


दिग्गज नेताओं की मौजूदगी: तैयारियों में कोई कमी नहीं

इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उत्तराखंड की राजनीति के कई दिग्गज चेहरे भी मौजूद रहे। इनमें:

  • महेंद्र भट्ट: राज्यसभा सांसद एवं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष

  • किरन चौधरी: जिला पंचायत अध्यक्ष

  • मदन कौशिक, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा: क्षेत्रीय विधायक

  • आशुतोष शर्मा: भाजपा जिलाध्यक्ष

प्रशासनिक अधिकारियों में आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, एमडी सिडकुल सौरव गैहरवार और सीडीओ ललित नारायण मिश्रा सहित कई विभागों के मुखिया उपस्थित थे।


क्यों महत्वपूर्ण है अमित शाह का यह दौरा?

राजनीतिक गलियारों में अमित शाह के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है। बैरागी कैंप वह स्थान है जहां कुंभ जैसे बड़े आयोजनों की रूपरेखा तैयार होती है। गृह मंत्री के इस दौरे से न केवल धार्मिक नगरी को नई सौगातें मिल सकती हैं, बल्कि यह उत्तराखंड में चल रही विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा का भी अवसर हो सकता है।

मुस्तैद प्रशासन, भव्य आयोजन की तैयारी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के इस निरीक्षण के बाद प्रशासन की गतिविधियों में तेजी आ गई है। बैरागी कैंप को सजाने और संवारने का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री का खुद मैदान में उतरकर एक-एक छोटी व्यवस्था को देखना यह दर्शाता है कि उत्तराखंड सरकार इस वीवीआईपी दौरे को यादगार बनाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं रखना चाहती।

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