देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में रफ्तार का जुनून एक बार फिर मासूम जिंदगी पर भारी पड़ गया है। रायपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत मालदेवता के शेरकी गांव में रविवार देर रात एक अनियंत्रित डंपर ने 17 वर्षीय किशोर को बेरहमी से कुचल दिया। हादसे में किशोर की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव फैल गया और आक्रोशित ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर घंटों जाम लगाए रखा।
हादसे का घटनाक्रम: घर के पास ही थमी सांसें
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शेरकी गांव निवासी 17 वर्षीय शिवांशु रविवार रात अपने घर के पास ही पैदल टहल रहा था। इसी दौरान मालदेवता की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार डंपर ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डंपर की गति इतनी अधिक थी कि चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और किशोर को कुचलते हुए मौके से फरार हो गया।
दुर्घटना इतनी भीषण थी कि शिवांशु ने अस्पताल ले जाने तक का समय भी नहीं मिला और मौके पर ही उसने दम तोड़ दिया। किशोर की मौत की खबर जैसे ही गांव में फैली, कोहराम मच गया। मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों का आक्रोश और चक्का जाम
घटना से नाराज परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। लोगों ने शिवांशु के शव को सड़क के बीचों-बीच रखकर मालदेवता रोड को पूरी तरह जाम कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि इस क्षेत्र में देर रात डंपरों का आतंक बना रहता है। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि जब तक आरोपी चालक की गिरफ्तारी और क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं होते, वे जाम नहीं खोलेंगे।
जाम की सूचना मिलते ही रायपुर थाना पुलिस और उच्चाधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने और अवैध खनन पर तत्काल रोक लगाने की मांग पर अड़े रहे।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई: आरोपी डंपर चालक हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ रायपुर रीना राठौड़ ने मोर्चा संभाला। पुलिस ने क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और अन्य माध्यमों से डंपर की पहचान स्थापित की। कड़ी मशक्कत और आश्वासन के बाद देर रात जाम खुलवाया जा सका, जिसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेजा गया।
सीओ रीना राठौड़ का आधिकारिक बयान: “रविवार रात शेरकी गांव में एक डंपर की चपेट में आने से किशोर की मृत्यु हुई है। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए डंपर को कब्जे में ले लिया है और चालक को हिरासत में ले लिया गया है। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए जाएंगे।”
अवैध खनन और रफ्तार: पुरानी समस्या, नया शिकार
शेरकी गांव के ग्रामीणों का आरोप है कि मालदेवता और रायपुर क्षेत्र में अवैध खनन की वजह से भारी वाहनों की आवाजाही अनियंत्रित हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने पहले भी शासन-प्रशासन को इस संबंध में कई बार पत्र लिखे थे, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें:
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आवासीय क्षेत्रों में डंपरों की गति सीमा तय की जाए।
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रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाई जाए और ओवरलोड वाहनों की चेकिंग हो।
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अवैध खनन में संलिप्त माफियाओं और वाहनों पर कठोरतम कार्रवाई हो।
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मृतक के परिवार को उचित मुआवजा दिया जाए।
प्रशासनिक चुनौती
देहरादून सड़क हादसे की यह ताजा घटना प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े करती है। राजधानी के बाहरी इलाकों में रात के समय जिस तरह भारी वाहन नियमों की धज्जियां उड़ाते हैं, उसका खामियाजा आम जनता को अपनी जान देकर भुगतना पड़ रहा है। पुलिस ने फिलहाल चालक को गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन क्या यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए पर्याप्त होगी? यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है।
प्रशासन के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत तो हो गए हैं, लेकिन उनमें व्याप्त असंतोष किसी बड़ी चिंगारी का रूप ले सकता है यदि क्षेत्र में तेज रफ्तार भारी वाहनों पर नकेल नहीं कसी गई।



