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हरिद्वार में पति से मिलने आई महिला से ‘सामूहिक दुष्कर्म’, होटल मैनेजर समेत तीन दरिंदे गिरफ्तार

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार से एक बेहद विचलित करने वाली घटना सामने आई है, जहाँ मानवता को ताक पर रखकर एक विवाहिता के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। उत्तर प्रदेश के बिजनौर से अपने पति से मिलने आई महिला को बहला-फुसलाकर न केवल बंधक बनाया गया, बल्कि एक होटल में ले जाकर उसके साथ दरिंदगी की गई। इस सनसनीखेज मामले ने हरिद्वार पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। हालांकि, पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के मुख्य आरोपियों सहित होटल मैनेजर को सलाखों के पीछे पहुँचा दिया है।

विश्वासघात और दरिंदगी की पूरी कहानी

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले की रहने वाली है। उसका पति हरिद्वार के सिडकुल स्थित एक फैक्ट्री में कार्यरत है। शनिवार देर शाम महिला अपने पति से मिलने के लिए हरिद्वार बस अड्डे पहुँची थी। बस स्टैंड पर उतरते ही एक ऑटो चालक ने उसे मदद का झांसा दिया और विश्वास में लेकर अपने वाहन में बैठा लिया।

आरोप है कि ऑटो चालक उसे गंतव्य तक छोड़ने के बजाय कुछ दूरी पर ले गया, जहाँ पहले से ही एक कार खड़ी थी। महिला को जबरन कार में स्थानांतरित कर दिया गया और कार चालक उसे शिवमूर्ति गली स्थित एक होटल (गेस्ट हाउस) में ले गया। पीछे-पीछे ऑटो चालक भी वहां पहुँच गया। होटल के कमरे में ले जाकर दोनों आरोपियों ने महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। इस जघन्य कृत्य में होटल मैनेजर की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई, जिसने बिना उचित पहचान और सुरक्षा मानकों के आरोपियों को संरक्षण दिया।

पुलिस की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 23 घंटे की घेराबंदी और गिरफ्तारी

घटना के बाद पीड़िता किसी तरह आरोपियों के चंगुल से छूटकर शहर कोतवाली पहुँची और अपनी आपबीती सुनाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने तत्काल उच्चाधिकारियों को सूचित किया और विशेष टीमों का गठन किया।

पुलिस ने अपराधियों को पकड़ने के लिए एक अभूतपूर्व रणनीति अपनाई:

  • होटल मालिकों पर शिकंजा: नगर कोतवाली क्षेत्र के करीब सात होटल मालिकों को संदेह के घेरे में लेते हुए पुलिस ने उन्हें लगभग 23 घंटे तक हिरासत में रखा।

  • दस्तावेजों की जांच: घटना स्थल के आसपास संचालित हो रहे सभी होटलों के रजिस्टर, सीसीटीवी फुटेज और कर्मचारियों के आईडी कार्ड्स को खंगाला गया।

  • लोकेशन ट्रेसिंग: तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की लोकेशन नहर पटरी के पास ट्रेस की।

कड़ी घेराबंदी के बाद पुलिस ने तीनों मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। पकड़े गए अभियुक्तों में एक कार चालक (निवासी नहटौर, बिजनौर), दूसरा ऑटो चालक (निवासी ज्वालापुर, हरिद्वार) और तीसरा होटल मैनेजर (निवासी मुरादाबाद, हाल निवासी हरिद्वार) शामिल है।

कानून का सख्त शिकंजा: आरोपियों को भेजा गया जेल

शहर कोतवाली प्रभारी रितेश शाह ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। रविवार को मेडिकल परीक्षण और कानूनी औपचारिकताओं के बाद तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से माननीय न्यायालय ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है, लेकिन इस घटना ने तीर्थनगरी में महिलाओं की सुरक्षा पर भी बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेष रूप से बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों के आसपास सक्रिय ‘ऑटो गैंग’ और अनधिकृत होटलों की कार्यप्रणाली अब जांच के घेरे में है।

होटल संचालकों के लिए कड़ा संदेश

इस गैंगरेप केस हरिद्वार के बाद पुलिस प्रशासन ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। शहर कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी गेस्ट हाउस या होटल में बिना वैध आईडी और रजिस्टर एंट्री के मेहमानों को ठहराना अपराध की श्रेणी में आएगा। यदि किसी होटल परिसर में कोई संदिग्ध गतिविधि पाई जाती है, तो केवल कर्मचारी ही नहीं, बल्कि होटल मालिक के विरुद्ध भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

हरिद्वार में महिला सुरक्षा और भविष्य की रणनीति

इस वारदात ने हरिद्वार में आने वाले तीर्थयात्रियों और प्रवासियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि रात के समय सार्वजनिक स्थानों पर पुलिस गश्त और अधिक सघन होनी चाहिए। विशेष रूप से सिडकुल और औद्योगिक क्षेत्रों में काम करने वाले परिवारों की महिलाओं को सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।


हरिद्वार पुलिस की तत्परता ने अपराधियों को भागने का मौका नहीं दिया, जो कि न्याय प्रक्रिया के लिए एक सकारात्मक कदम है। हालांकि, ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए समाज और प्रशासन, दोनों को अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। हरिद्वार सामूहिक दुष्कर्म जैसी घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि देवभूमि की पवित्र छवि पर भी आघात करती हैं।

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