
देहरादून/सहारनपुर। देश के सबसे आधुनिक और चर्चित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे (NH-709B) पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की एक बड़ी कोशिश सामने आई है। एक्सप्रेसवे के एलिवेटेड रोड सेक्शन पर धर्म विशेष के खिलाफ लिखे गए आपत्तिजनक संदेशों का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद उत्तराखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है। इस पूरे प्रकरण की जिम्मेदारी ‘हिंदू रक्षा दल’ ने ली है, जिसके बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
एलिवेटेड रोड पर ‘नफरती’ पेंटिंग का वीडियो वायरल
पूरा मामला मोहंड क्षेत्र के पास बने नवनिर्मित एलिवेटेड रोड का है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ महिलाएं और युवक सड़क किनारे सुरक्षा दीवार पर स्प्रे पेंट और ब्रश की मदद से एक धर्म विशेष के खिलाफ अत्यंत आपत्तिजनक और विवादित शब्द लिख रहे हैं। वीडियो में यह साफ दिख रहा है कि ये संदेश हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में लिखे गए हैं।
यह इलाका भौगोलिक रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के बिहारीगढ़ थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है। वीडियो के सामने आते ही इंटरनेट पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गई हैं। नेटिजन्स ने इसे एक्सप्रेसवे जैसी राष्ट्रीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सांप्रदायिक सद्भाव को चोट पहुंचाने वाला कृत्य बताया है।
हिंदू रक्षा दल ने ली जिम्मेदारी: “यह आक्रोश का प्रकटीकरण है”
जैसे ही मामला मीडिया में उछला, हिंदू रक्षा दल के प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा ने सामने आकर इस कृत्य की पूरी जिम्मेदारी ली। ललित शर्मा ने मीडिया को दिए अपने बयान में कहा कि यह कार्यकर्ताओं का ‘आक्रोश’ था।
उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में एक हिंदू छात्र के साथ किसी गैर-हिंदू युवक द्वारा कथित तौर पर किए गए दुर्व्यवहार की घटना से संगठन के कार्यकर्ता बेहद नाराज थे। पीड़ित छात्र के गांव से लौटते समय कार्यकर्ताओं ने अपनी भावनाओं को एक्सप्रेसवे की दीवारों पर दर्ज किया। शर्मा ने अपने बयान में विवाद को और हवा देते हुए कहा, “कुछ लोग देश में रहकर देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हैं और सरकारी सुविधाओं का लाभ उठा रहे हैं, ऐसे में कार्यकर्ताओं ने जो किया वह उनके अनुसार सही था।”
‘लाल कार’ और ‘सोहेल खान’ का रहस्यमयी कनेक्शन
वायरल वीडियो में एक लाल रंग की कार प्रमुखता से दिखाई दे रही है, जिसका उपयोग आरोपी घटना स्थल तक पहुंचने के लिए कर रहे थे। वीडियो में कार का रजिस्ट्रेशन नंबर स्पष्ट था, जिसकी पड़ताल करने पर मामला और भी पेचीदा हो गया।
आरटीओ रिकॉर्ड्स के अनुसार, वह कार अभी भी सोहेल खान नामक व्यक्ति के नाम पर दर्ज है। जब पुलिस और मीडिया ने सोहेल खान से संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि वह कार पहले उनकी थी, जिसे उन्होंने कुछ समय पहले देहरादून में बेच दिया था। सोहेल का दावा है कि उनकी तरफ से कागजी औपचारिकताएं पूरी थीं, लेकिन खरीदार ने अभी तक नाम ट्रांसफर नहीं कराया था। बाद में, ललित शर्मा ने स्वीकार किया कि वह कार उन्हीं के संगठन ने खरीदी थी और उसी से कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे।
बिहारीगढ़ थाना पुलिस की सख्त कार्रवाई
घटना की गंभीरता और राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा को देखते हुए सहारनपुर पुलिस तत्काल सक्रिय हो गई है। बिहारीगढ़ थाना प्रभारी अक्षय शर्मा ने बताया कि वीडियो साक्ष्य के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ आईपीसी/बीएनएस की संबंधित धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है।
पुलिस की जांच के मुख्य बिंदु:
-
वीडियो विश्लेषण: वीडियो में दिख रही महिलाओं और युवकों की पहचान की जा रही है।
-
सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान: राष्ट्रीय राजमार्ग की दीवारों को विरूपित करने के लिए सरकारी संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है।
-
सांप्रदायिक सौहार्द: पुलिस उन धाराओं पर भी विचार कर रही है जो दो समुदायों के बीच नफरत फैलाने से संबंधित हैं।
कानून व्यवस्था और एक्सप्रेसवे की सुरक्षा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे न केवल पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सामरिक दृष्टि से भी संवेदनशील रूट है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी संगठन या व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। बिहारीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वीडियो की सत्यता की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर उठ रही आवाजों के बीच पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक वीडियो या संदेश को साझा न करें जिससे शांति व्यवस्था प्रभावित हो। फिलहाल, एक्सप्रेसवे की दीवारों से उन आपत्तिजनक संदेशों को मिटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।



