
तेल अवीव/नई दिल्ली: भारत और इजराइल के बीच सामरिक और आर्थिक संबंधों ने एक नई ऊंचाई को छू लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इजराइल दौरे के दौरान दोनों देशों ने भविष्य की तकनीकों और व्यापारिक सुगमता को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि दोनों देश शीघ्र ही एक ‘म्यूचुअली बेनिफिशियल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट’ (FTA) को अंतिम रूप देंगे।
यह समझौता न केवल व्यापारिक बाधाओं को दूर करेगा, बल्कि भारत और इजराइल के बीच द्विपक्षीय व्यापार के वर्तमान आंकड़ों को कई गुना बढ़ाने की क्षमता रखता है।
‘क्रिटिकल टेक्नोलॉजी’ बनेगा दोस्ती का नया आधार
गुरुवार को हुई उच्च स्तरीय वार्ता में दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने ‘क्रिटिकल एंड इमर्जिंग टेक्नोलॉजीस पार्टनरशिप’ स्थापित करने का बड़ा फैसला किया है। इस साझेदारी के तहत भारत और इजराइल निम्नलिखित क्षेत्रों में कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे:
-
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI): जटिल डेटा विश्लेषण और भविष्य की मशीनों के निर्माण में सहयोग।
-
क्वांटम कंप्यूटिंग: सुपरफास्ट प्रोसेसिंग तकनीक में संयुक्त शोध।
-
क्रिटिकल मिनरल्स: सेमीकंडक्टर और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स के लिए आवश्यक खनिजों की सप्लाई चेन को सुरक्षित करना।
इजराइल में गूंजेगा ‘डिजिटल इंडिया’: अब UPI से होगा भुगतान
डिजिटल क्रांति के क्षेत्र में भारत की सफलता का डंका अब इजराइल में भी सुनाई देगा। पीएम मोदी ने घोषणा की है कि इजराइल में भारतीय डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI (Unified Payments Interface) के इस्तेमाल के लिए समझौता किया गया है। इससे इजराइल जाने वाले भारतीय पर्यटकों और वहां रहने वाले प्रवासियों को भुगतान करने में अत्यधिक सुगमता होगी। इसके साथ ही ‘डिजिटल हेल्थ’ के क्षेत्र में भी दोनों देश अपने अनुभव साझा कर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुलभ बनाएंगे।
रक्षा सहयोग: ‘बाय और सेल’ से आगे बढ़कर ‘जॉइंट प्रोडक्शन’ की ओर
भारत और इजराइल के बीच रक्षा संबंध दशकों पुराने और भरोसेमंद रहे हैं। लेकिन अब यह सहयोग केवल हथियार खरीदने और बेचने तक सीमित नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “हम मिलकर जॉइंट डेवलपमेंट, जॉइंट प्रोडक्शन और ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (ToT) की दिशा में आगे बढ़ेंगे।” पिछले वर्ष हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के आधार पर अब दोनों देश मिसाइल सिस्टम, ड्रोन तकनीक और साइबर डिफेंस जैसे क्षेत्रों में सह-उत्पादन करेंगे। इसके अतिरिक्त सिविल न्यूक्लियर एनर्जी और स्पेस (अंतरिक्ष) क्षेत्र में भी आपसी सहयोग को नई दिशा दी जाएगी।
FTA वार्ता: दिल्ली में शुरू हुआ मंथन
जहाँ एक ओर तेल अवीव में रणनीतिक चर्चा हुई, वहीं दूसरी ओर नई दिल्ली में वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर पहले दौर की तकनीकी बातचीत शुरू कर दी है। इस वार्ता में विशेषज्ञों ने निम्नलिखित बिंदुओं पर गहन मंथन किया:
-
वस्तुओं और सेवाओं में व्यापार: दोनों देशों के बीच आयात-निर्यात शुल्क को कम करना।
-
रूल्स ऑफ ओरिजिन: यह सुनिश्चित करना कि व्यापारिक लाभ का सही दिशा में उपयोग हो।
-
बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR): नवाचार और पेटेंट की सुरक्षा।
-
स्वच्छता और पादप स्वच्छता उपाय: कृषि उत्पादों के व्यापार के लिए मानक तय करना।
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-2025 के दौरान दोनों देशों के बीच कुल द्विपक्षीय व्यापार 3.62 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा था। FTA के लागू होने के बाद इस आंकड़े के 10 बिलियन डॉलर तक पहुँचने की उम्मीद जताई जा रही है।
नवाचार और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग पर जोर
भारत और इजराइल का मुख्य ध्यान अब ‘इनोवेशन’ पर है। दोनों देशों ने साइबर सुरक्षा, कृषि (Precesion Agriculture) और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग को प्राथमिकता दी है। इजराइली कंपनियों को भारत के विशाल बाजार और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत निवेश करने के लिए आमंत्रित किया गया है। नवंबर 2025 में हस्ताक्षरित ‘टर्म्स ऑफ रिफरेंस’ ने इस आर्थिक सहयोग की मजबूत रूपरेखा पहले ही तैयार कर दी थी।
वैश्विक स्थिरता के लिए मजबूत गठबंधन
पीएम मोदी और नेतन्याहू की यह मुलाकात केवल दो देशों के बीच की बातचीत नहीं है, बल्कि यह हिंद-प्रशांत क्षेत्र और मध्य-पूर्व की स्थिरता के लिए एक नया ‘पॉवर ब्लॉक’ तैयार होने का संकेत है। टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डिफेंस का यह ‘त्रिकोण’ भारत और इजराइल के संबंधों को आने वाले दशकों के लिए एक अटूट बंधन में बांध देगा।



