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UKSSSC का बड़ा फैसला: उत्तराखंड में समूह ‘ग’ के तकनीकी पदों की परीक्षा स्थगित, अभ्यर्थियों में असमंजस

देहरादून। उत्तराखंड में सरकारी सेवा का सपना देख रहे युवाओं के लिए एक निराशाजनक खबर सामने आई है। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) ने मई माह में प्रस्तावित तकनीकी अर्हता वाले विभिन्न पदों की भर्ती परीक्षा को अगले आदेश तक के लिए स्थगित कर दिया है। आयोग के इस औचक निर्णय ने उन हजारों उम्मीदवारों की उम्मीदों पर फिलहाल पानी फेर दिया है, जो पिछले कई महीनों से दिन-रात तैयारी में जुटे थे।

अपरिहार्य कारणों का हवाला, नई तारीख पर सस्पेंस

आयोग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, आगामी 3 मई 2026 को आयोजित होने वाली लिखित परीक्षा को फिलहाल टाल दिया गया है। गौरतलब है कि आयोग ने इस फैसले के पीछे किसी विशेष कारण का खुलासा नहीं किया है और केवल ‘अपरिहार्य कारणों’ का हवाला दिया गया है। यूकेएसएसएससी तकनीकी पद परीक्षा स्थगित होने के इस आदेश के बाद सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर अब यह परीक्षा कब होगी? आयोग ने फिलहाल नई तिथियों के संबंध में कोई भी स्पष्ट संकेत नहीं दिए हैं, जिससे अभ्यर्थियों के बीच ऊहापोह की स्थिति बनी हुई है।


स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा पर क्या होगा असर?

यहाँ यह समझना महत्वपूर्ण है कि आयोग ने 20 मार्च 2026 को एक विस्तृत कैलेंडर जारी किया था, जिसमें दो बड़ी परीक्षाओं का जिक्र था:

  1. विशेष तकनीकी अर्हता पद: परीक्षा तिथि 3 मई 2026 (अब स्थगित)।

  2. स्नातक स्तरीय पुनर्परीक्षा: परीक्षा तिथि 17 मई 2026।

राहत की बात यह है कि आयोग ने अभी तक 17 मई को होने वाली स्नातक स्तरीय परीक्षा को लेकर कोई बदलाव नहीं किया है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि वह परीक्षा अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही संचालित की जाएगी। लेकिन 3 मई की परीक्षा का टलना चयन प्रक्रिया की समयबद्धता पर सवालिया निशान लगा रहा है।


किन विभागों में और कितने पदों पर होनी है भर्ती?

यह भर्ती प्रक्रिया उत्तराखंड के विभिन्न सरकारी विभागों में तकनीकी कौशल वाले रिक्त पदों को भरने के लिए शुरू की गई थी। कुल 57 रिक्त पदों के लिए यह पूरी कवायद की जा रही है। इन पदों की प्रकृति बेहद विशिष्ट है और इनके माध्यम से शासन के महत्वपूर्ण विभागों में मैनपावर की कमी को दूर किया जाना है।

प्रमुख पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • लोक निर्माण विभाग: विधि सहायक।

  • पर्यटन विकास परिषद: साहसिक खेल अधिकारी एवं पर्यटक अधिकारी।

  • न्यायिक एवं विधिक अकादमी (नैनीताल): शोध अधिकारी।

  • सूचना एवं लोक संपर्क विभाग: फोटोग्राफर और कनिष्ठ कैमरामैन।

  • महिला कल्याण विभाग: मनोवैज्ञानिक।

  • लघु सिंचाई विभाग: सहायक बोरिंग टेक्नीशियन।

  • अन्य विभाग: कंप्यूटर प्रोग्रामर, सर्वेक्षक, मानचित्रकार और प्राविधिक सहायक।


पदों का गणित: सहायक बोरिंग टेक्नीशियन के सबसे ज्यादा पद

भर्ती के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो स्पष्ट होता है कि इस परीक्षा का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा सहायक बोरिंग टेक्नीशियन का पद है, जिसके लिए सर्वाधिक 27 रिक्तियां निकाली गई हैं। इसके बाद खनन विभाग में सर्वेक्षक के 6 पद और साहसिक खेल अधिकारी के 4 पद शामिल हैं। अन्य विभागों में रिक्तियों की संख्या 1 से 2 के बीच है।

विभाग का नाम पद का नाम रिक्तियों की संख्या
लघु सिंचाई विभाग सहायक बोरिंग टेक्नीशियन 27
खनन विभाग सर्वेक्षक 06
पर्यटन विभाग साहसिक खेल अधिकारी 04
अन्य विभाग विविध तकनीकी पद 20

दिसंबर 2025 से चल रही है प्रक्रिया

इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की नींव 3 दिसंबर 2025 को रखी गई थी, जब आयोग ने विधिवत विज्ञापन जारी किया था। 10 दिसंबर से 30 दिसंबर 2025 के बीच ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए गए थे। युवाओं को उम्मीद थी कि मई में परीक्षा होने के बाद साल के मध्य तक उन्हें नियुक्ति मिल जाएगी, लेकिन यूकेएसएसएससी तकनीकी पद परीक्षा स्थगित होने के कारण अब यह प्रक्रिया लंबी खिंचती नजर आ रही है।

विशेषज्ञों की राय: ‘तैयारी की लय न तोड़ें अभ्यर्थी’

शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा स्थगित होना किसी भी गंभीर अभ्यर्थी के लिए मानसिक तनाव का कारण बनता है, लेकिन इसे एक अवसर के रूप में भी देखा जा सकता है। जिन छात्रों का सिलेबस अधूरा था, उन्हें अतिरिक्त समय मिल गया है। हालांकि, आयोग को चाहिए कि वह जल्द से जल्द नई तारीखों का ऐलान करे ताकि भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता बनी रहे।

अभ्यर्थियों के लिए मुख्य सुझाव:

  • आयोग की आधिकारिक वेबसाइट sssc.uk.gov.in पर नियमित रूप से नजर बनाए रखें।

  • तकनीकी विषयों के अभ्यास को निरंतर जारी रखें।

  • किसी भी भ्रामक सोशल मीडिया खबर पर भरोसा करने के बजाय आधिकारिक प्रेस नोट का इंतजार करें।

उत्तराखंड जैसे राज्य में, जहाँ सरकारी नौकरी युवाओं की पहली प्राथमिकता होती है, वहां परीक्षाओं का समय पर होना अनिवार्य है। अब देखना यह होगा कि उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग इस तकनीकी परीक्षा को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कब नया शेड्यूल जारी करता है।

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