By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 16 राज्यों में बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए समिति गठित, 31 मार्च 2026 तक नए निकाय बनाने के निर्देश
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 16 राज्यों में बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए समिति गठित, 31 मार्च 2026 तक नए निकाय बनाने के निर्देश
देशफीचर्ड

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: 16 राज्यों में बार काउंसिल चुनावों की निगरानी के लिए समिति गठित, 31 मार्च 2026 तक नए निकाय बनाने के निर्देश

The Hill India News
Last updated: November 18, 2025 1:44 pm
The Hill India News
Published: November 18, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली, 18 नवंबर: देश में वकीलों के सबसे बड़े प्रतिनिधिक निकाय—राज्य बार काउंसिलों—में लंबित चुनावों को लेकर उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया। सुप्रीम कोर्ट ने 16 राज्यों में बार काउंसिल चुनावों की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी हेतु अपने सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय पर्यवेक्षी समिति गठित करने का आदेश दिया। अदालत ने स्पष्ट कहा कि बार काउंसिल चुनावों को ‘‘न्यायसंगत, निष्पक्ष और पूर्णतः पारदर्शी’’ तरीके से संपन्न कराया जाना अनिवार्य है।

Contents
कई चरणों में होंगे चुनाव, 2026 तक नए निर्वाचित निकायचुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकतासमिति की भूमिका होगी विस्तृतक्यों आवश्यक हुआ यह हस्तक्षेप?कानूनी समुदाय में स्वागत

कई चरणों में होंगे चुनाव, 2026 तक नए निर्वाचित निकाय

न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति उज्जल भुइयां और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की तीन सदस्यीय पीठ ने निर्देश दिया कि संबंधित राज्य बार काउंसिलों में चुनाव कई चरणों में आयोजित किए जाएंगे। अदालत ने यह भी कहा कि हर राज्य बार काउंसिल में 31 मार्च 2026 तक नया निर्वाचित निकाय होना चाहिए, ताकि लंबे समय से लंबित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को नियमित किया जा सके।

चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता

शीर्ष अदालत ने चुनावी प्रक्रिया की निगरानी हेतु समिति के गठन पर जोर देते हुए कहा कि वकीलों की संस्थाएं न्याय व्यवस्था की रीढ़ हैं और इन संगठनों में लोकतांत्रिक ढांचे को मजबूत बनाए रखना अनिवार्य है। अदालत ने यह भी उल्लेख किया कि चुनावी गड़बड़ियों, विलंब और अनियमितताओं को रोकने के लिए एक स्वतंत्र पर्यवेक्षी तंत्र आवश्यक है।

समिति की भूमिका होगी विस्तृत

नई समिति के अधिकार क्षेत्र में शामिल होंगे—

  • चुनाव की संपूर्ण प्रक्रिया की निगरानी
  • समयबद्ध चुनाव कार्यक्रम तैयार कराना
  • पारदर्शिता एवं निष्पक्षता सुनिश्चित करना
  • किसी भी शिकायत या अनियमितता की समीक्षा
  • राज्य बार काउंसिलों और चुनाव प्राधिकरणों को आवश्यक दिशा-निर्देश देना

अदालत ने स्पष्ट किया कि समिति का निर्णय सभी संबंधित राज्यों और चुनाव आयोजकों पर बाध्यकारी होगा।

क्यों आवश्यक हुआ यह हस्तक्षेप?

देश के कई राज्यों में बार काउंसिलों के चुनाव वर्षों से लंबित हैं या अनियमितताओं के आरोपों से घिरे हैं। कुछ राज्यों में कार्यकारिणी निर्वाचित न होने के कारण अधिवक्ता कल्याण योजनाओं सहित कई निर्णय प्रशासनिक स्तर पर अटके हुए थे। सुप्रीम कोर्ट ने इस स्थिति को “गंभीर” बताते हुए समयबद्ध समाधान का आदेश दिया।

कानूनी समुदाय में स्वागत

कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के इस कदम का स्वागत किया है और कहा कि इससे वकीलों के हितों से जुड़ी संस्थाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।

You Might Also Like

पाकिस्तानी शख्स ने किया बम की खबर का झूठा दावा, ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों ने किया गिरफ्तार
Uttarakhand: “सहकारिता ही सामाजिक एकता और आर्थिक स्वावलंबन की आधारशिला” – मुख्यमंत्री धामी 
उत्तराखण्ड : जोशीमठ में पानी का डिस्चार्ज घटकर 136 एल.पी.एम. हुआ-डा0 रंजीत कुमार सिन्हा
केरल के मुख्यमंत्री विजयन पर बिफरी कांग्रेस, कहा! कायर,अहंकारी और मनोरोगी
हरिद्वार में रिश्तों को शर्मसार करने वाली घटना; 35 लाख नकद और लग्जरी कार न मिलने पर विवाहिता को पीटा, गंगा घाट पर दी जान से मारने की धमकी
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
पेपर लीक पर उत्तराखंड में उबाल: गैरसैंण से हल्द्वानी तक छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में…’ बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट में मतभेद, अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कानूनी दिशा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?