हरिद्वार (ब्यूरो): धर्मनगरी हरिद्वार से रिश्तों को तार-तार करने और सामाजिक ताने-बाने को झकझोरने वाला एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां के कनखल थाना क्षेत्र में एक विवाहिता को दहेज के लोभियों द्वारा मानसिक और शारीरिक रूप से इस कदर प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसे कानून का दरवाजा खटखटाना पड़ा। ससुराल पक्ष द्वारा 35 लाख रुपये नकद और एक लग्जरी कार की डिमांड पूरी न होने पर विवाहिता के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की गई, बल्कि उसे घर से भी धक्के मारकर निकाल दिया गया।
इस सनसनीखेज Haridwar Dowry Case में कनखल थाना पुलिस ने पीड़िता की लिखित शिकायत (तहरीर) को बेहद गंभीरता से लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता के पति, सास और ससुर के खिलाफ संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की गहराई से तफ्तीश शुरू कर दी है।
लाखों के दान-दहेज के बाद भी भूखी रही ससुराल वालों की नीयत
कनखल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ब्रह्म विहार की निवासी पीड़िता निशी गर्ग ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में आपबीती सुनाते हुए बताया कि उनका विवाह नवंबर 2025 में ब्रह्म विहार के ही रहने वाले शुभम बिंदल के साथ पूरे रीति-रिवाज से संपन्न हुआ था। निशी के परिवार वालों ने अपनी हैसियत और सामर्थ्य से बढ़कर बेटी की शादी में लाखों रुपये खर्च किए थे। शादी के वक्त सोने-चांदी के कीमती आभूषण, घरेलू सामान और मोटी नकदी समेत खूब दान-दहेज दिया गया था, ताकि उनकी बेटी नए घर में खुश रह सके।
पीड़िता का कहना है कि विवाह के कुछ समय तक तो ससुराल में सब कुछ सामान्य और ठीक-ठाक चलता रहा। लेकिन धीरे-धीरे ससुराल वालों का असली रंग सामने आने लगा। शादी के कुछ ही महीनों बाद पति शुभम बिंदल, सास सुमन बिंदल और ससुर यशपाल बिंदल ने उन पर मायके से 35 लाख रुपये नकद और एक ब्रांडेड लग्जरी कार लाने का दबाव बनाना शुरू कर दिया। जब निशी ने अपने परिवार की आर्थिक स्थिति का हवाला देकर इस मांग को पूरा करने में असमर्थता जताई, तो उनका जीवन नरक बना दिया गया।
मारपीट की खौफनाक दास्तान: 3 अप्रैल को घर से निकाला, 20 मई को गंगा घाट पर हमला
पीड़िता ने पुलिस के सामने आरोप लगाया कि दहेज की यह नाजायज मांग पूरी न होने पर उनके साथ रोज-रोज गाली-गलौज, मारपीट और असहनीय मानसिक उत्पीड़न किया जाने लगा। प्रताड़ना का यह सिलसिला दिन-ब-दिन बढ़ता ही गया।
पीड़िता की तहरीर के मुख्य अंश:
“बीती 3 अप्रैल को ससुराल वालों ने क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। पति और सास-ससुर ने मिलकर मेरे साथ बेरहमी से मारपीट की और फिर से 35 लाख रुपये व कार की मांग दोहराई। जब मैंने मना किया, तो उन्होंने मुझे जबरन घर से बाहर निकाल दिया और साफ लफ्जों में कहा कि अब तभी इस घर में कदम रखना जब पैसे और गाड़ी साथ लेकर आओगी।”
निशी ने रोते हुए बताया कि उनके माता-पिता ने उनकी शादी के लिए बैंक और रिश्तेदारों से भारी-भरकम उधार लिया था, जिसे वे आज तक चुका रहे हैं। ऐसे में उनका परिवार इतनी मोटी रकम और लग्जरी कार देने में पूरी तरह असमर्थ है। घर से निकाले जाने के बाद भी ससुराल वालों का हौसला पस्त नहीं हुआ। आरोप है कि बीती 20 मई को कनखल स्थित एक पवित्र गंगा घाट पर आरोपी पति ने निशी को दोबारा घेरा, उनके साथ सरेआम मारपीट की और शिकायत करने पर जान से मारने की सीधे शब्दों में धमकी दी।
पुलिस की सख्त कार्रवाई: कानून के शिकंजे में आरोपी ससुराल पक्ष
गंगा घाट पर हुई इस वारदात और लगातार मिल रही धमकियों से खौफजदा होकर पीड़िता ने न्याय के लिए पुलिस की शरण ली। इस पूरे मामले पर कनखल थाने के वरिष्ठ उपनिरीक्षक (SSI) ने कड़ा रुख अपनाया है और कानून सम्मत कार्रवाई का भरोसा दिया है।
एसएसआई (SSI) अनुत सिंह का आधिकारिक बयान:
“महिला की तहरीर के आधार पर पति शुभम बिंदल, सास सुमन बिंदल और ससुर यशपाल बिंदल के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। इस Haridwar Dowry Case की हर पहलू से गहनता से जांच की जा रही है। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।”
सामाजिक चेतना और सख्त कानून की जरूरत
हरिद्वार का यह मामला एक बार फिर यह सोचने पर मजबूर करता है कि पढ़े-लिखे समाज में भी दहेज जैसी कुप्रथा किस कदर अपनी जड़ें जमाए हुए है। पवित्र धर्मनगरी में गंगा घाट जैसी जगहों पर एक महिला के साथ इस तरह का कृत्य सामाजिक गिरावट को दर्शाता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों ने भी इस घटना की निंदा करते हुए पीड़िता के लिए न्याय की मांग की है। अब सभी की नजरें पुलिस की आगामी तफ्तीश और कार्रवाई पर टिकी हैं।
