हैदराबाद/रंगा रेड्डी: दक्षिण भारतीय राज्य तेलंगाना के रंगा रेड्डी जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ के आरोप में जेल में बंद शख्स जैसे ही जमानत पर बाहर आया, उसने बदले की आग में पूरे हंसते-खेलते परिवारों को ही उजाड़ दिया। इस सनसनीखेज रंगा रेड्डी मर्डर केस में आरोपी ने एक ही रात में दो अलग-अलग गांवों में तांडव मचाते हुए कुल छह लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। मृतकों में आरोपी की अपनी पत्नी, दो बेहद मासूम बच्चे और उसके खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली 17 साल की नाबालिग लड़की, उसकी मां और नानी शामिल हैं। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और आरोपी फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से दूर फरार है।
चीख-पुकार दबाने के लिए चलाए AC और TV, फिर अपनों को ही सुलाया मौत की नींद
दिल दहला देने वाली इस खूनी दास्तान की शुरुआत शाबाद मंडल के दैवलागुडा गांव से हुई, जहाँ आरोपी राजकुमार अपनी पत्नी पार्वती सरिता (30 वर्ष) और दो मासूम बच्चों के साथ रहता था। कुछ दिनों पहले ही पॉक्सो (POCSO) मामले में बेल पर छूटे राजकुमार के घर में पीड़िता के भाई के अनुसार केवल मामूली घरेलू अनबन चल रही थी। लेकिन बीती रात राजकुमार के सिर पर खून सवार था।
आरोपी ने एक बेहद सोची-समझी साजिश के तहत रात में अपने घर का दरवाजा अंदर से बंद किया। घर के भीतर से चीख-पुकार की आवाजें बाहर न जा सकें, इसके लिए उसने घर में मौजूद भारी आवाज करने वाले उपकरण जैसे एसी (AC), पंखे और टेलीविजन (TV) को पूरी रफ्तार पर चालू कर दिया। इसके बाद उसने गहरी नींद में सो रही अपनी पत्नी सरिता, अपने 4 साल के बेटे और महज 18 महीने के दुधमुंहे बच्चे पर हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया।
बदले की आग: 6 किलोमीटर दूर जाकर पीड़िता के पूरे परिवार को मिटाया
अपने ही परिवार को खत्म करने के बाद भी आरोपी की नफरत शांत नहीं हुई थी। वह तुरंत मोटरसाइकिल या किसी अन्य साधन से करीब छह किलोमीटर दूर स्थित दूसरे गांव की तरफ निकल पड़ा। इस गांव में वह 17 वर्षीय नाबालिग लड़की रहती थी, जिसने बीते 16 मई को राजकुमार के खिलाफ छेड़छाड़ और प्रताड़ना के आरोप में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। इसी मुकदमे के कारण वह जेल की हवा खाकर आया था।
राजकुमार ने रात के सन्नाटे में पीड़िता के घर में घुसकर उस पर जानलेवा हमला बोल दिया। उसने न केवल उस 17 साल की नाबालिग लड़की की जान ली, बल्कि बीच-बचाव करने आई उसकी मां लक्ष्मी (45 वर्ष) और बुजुर्ग नानी रुक्कम्मा (65 वर्ष) को भी नहीं बख्शा। एक ही रात में राजकुमार ने दो अलग-अलग जगहों पर छह जिंदगियों को हमेशा के लिए खामोश कर दिया।
वारदात के बाद पिता को किया फोन, इलाके में पुलिस का पहरा
इस खौफनाक रंगा रेड्डी मर्डर केस का खुलासा तब हुआ जब खुद आरोपी ने इस सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अपने पिता को फोन घुमाया। उसने फोन पर अपने पिता को दोनों जगहों पर किए गए कत्ल की बात कबूल की और वहां से फरार हो गया। पिता ने तुरंत इस बात की सूचना स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आला अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
“शुरुआती तफ्तीश से साफ है कि आरोपी ने रात के वक्त दो अलग-अलग गांवों में जाकर इन हत्याओं को अंजाम दिया है। घटनाओं के बाद उसने अपने पिता को भी सूचित किया था। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस की कई स्पेशल टीमें गठित कर दी गई हैं। हमें कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं और उम्मीद है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।” – तरुण जोशी, पुलिस कमिश्नर (फ्यूचर सिटी)
फोरेंसिक टीम ने जुटाए सबूत, भारी पत्थरों से हमले की आशंका
घटना की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीमों ने शुक्रवार सुबह दोनों अपराध स्थलों का दौरा किया और फिंगरप्रिंट्स व अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। जांच अधिकारी फिलहाल घटनाओं के सटीक क्रम को समझने और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या इस वारदात में राजकुमार के साथ कोई और भी शामिल था।
चेवेल्ला के डीसीपी (DCP) योगेश गौतम, स्थानीय एसीपी (ACP), सर्कल इंस्पेक्टर (CI) और यहां तक कि गांव के शिक्षक व गणमान्य लोग भी पुलिस की इस जांच और संदिग्ध की तलाश में मदद कर रहे हैं। पुलिस की शुरुआती जांच रिपोर्ट बताती है कि सभी छह लोगों को मौत के घाट उतारने के लिए आरोपी ने बड़े पत्थरों और घर में मौजूद भारी व धारदार चीजों का इस्तेमाल किया था। एहतियात के तौर पर दोनों गांवों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
कानूनी व्यवस्था और बेल नीति पर खड़े हुए बड़े सवाल
इस वीभत्स हत्याकांड ने एक बार फिर गंभीर अपराधों, विशेषकर पॉक्सो (POCSO) जैसे मामलों में आरोपियों को मिलने वाली जमानत और उसके बाद पीड़ितों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जब आरोपी के खिलाफ इतना गंभीर मामला दर्ज था, तो जेल से बाहर आने के बाद पीड़ित परिवार को पुलिस सुरक्षा क्यों नहीं दी गई। फिलहाल, पुलिस की टीमें जंगलों और संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं, और पूरे तेलंगाना में इस रंगा रेड्डी मर्डर केस को लेकर न्याय की मांग उठ रही है।
