By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की चिंगारी: 6 नागा नागरिकों के शव मिलने के बाद इंफाल में भारी बवाल, अस्पताल के बाहर हिंसक झड़प, दागने पड़े आंसू गैस के गोले
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की चिंगारी: 6 नागा नागरिकों के शव मिलने के बाद इंफाल में भारी बवाल, अस्पताल के बाहर हिंसक झड़प, दागने पड़े आंसू गैस के गोले
देशफीचर्ड

मणिपुर में फिर भड़की हिंसा की चिंगारी: 6 नागा नागरिकों के शव मिलने के बाद इंफाल में भारी बवाल, अस्पताल के बाहर हिंसक झड़प, दागने पड़े आंसू गैस के गोले

The Hill India News
Last updated: June 11, 2026 3:23 am
The Hill India News
Published: June 11, 2026
Share
Image Source : PTI
SHARE

इंफाल/शिलांग: पूर्वोत्तर के अशांत राज्य मणिपुर में शांति बहाली के तमाम दावों के बीच एक बार फिर हिंसा की भीषण चिंगारी भड़क उठी है। राज्य की राजधानी इंफाल में बीती पूरी रात उग्र हिंसक प्रदर्शनों और सुरक्षा बलों के साथ तीखी झड़पों का गवाह बनी। तनाव का यह ताजा दौर उस समय शुरू हुआ, जब मणिपुर पुलिस ने आधिकारिक तौर पर कांगपोकपी से लापता हुए नागा समुदाय के 6 नागरिकों के शव सेनापति जिले से बरामद होने की पुष्टि की। जैसे ही यह खबर इंफाल घाटी और आसपास के इलाकों में फैली, स्थानीय लोगों का सब्र का बांध टूट गया। उग्र भीड़ ने सड़कों पर उतरकर भारी आगजनी की, जिससे स्थिति को संभालने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों को अतिरिक्त मोर्चा संभालना पड़ा है।

Contents
आधी रात को रणक्षेत्र बनी राजधानी: अस्पताल के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामनेअपहरण का खौफनाक सच: 20 लोगों को बनाया गया था बंधक, 14 कुकी हुए थे रिहासेनापति जिले से बरामद हुए क्षत-विक्षत शव, बातचीत की कोशिशों को लगा झटकामेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने जताई कड़ी आपत्ति: “जघन्य कृत्य कतई स्वीकार्य नहीं”सुलह के माहौल के बीच पीठ में छुरा घोंपने जैसी वारदातसुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, इंटरनेट सेवाओं पर पैनी नजर

आधी रात को रणक्षेत्र बनी राजधानी: अस्पताल के बाहर पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने-सामने

मणिपुर पुलिस द्वारा शवों की बरामदगी और शिनाख्त की जानकारी सार्वजनिक करते ही स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित स्थानीय लोग उस क्षेत्रीय अस्पताल के बाहर जमा हो गए, जहां पोस्टमार्टम के लिए शवों को रखा गया था।

देखते ही देखते भीड़ ने उग्र रूप अख्तियार कर लिया। प्रदर्शनकारियों ने कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए पुलिस द्वारा लगाए गए मजबूत लोहे के बैरिकेड्स को उखाड़ फेंका और सुरक्षा घेरा तोड़कर अस्पताल परिसर के भीतर घुसने की कोशिश की। इस दौरान भीड़ की तरफ से की गई पत्थरबाजी और नारेबाजी के बाद हालात बेकाबू हो गए। अनियंत्रित भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा व्यवस्था को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए पुलिस और सुरक्षाकर्मियों को भारी मात्रा में आंसू गैस के गोले दागने पड़े और लाठीचार्ज का सहारा लेना पड़ा। देर रात तक चले इस घटनाक्रम में इंफाल के कई इलाकों में टायरों और वाहनों को आग के हवाले करने की घटनाएं भी दर्ज की गईं।

अपहरण का खौफनाक सच: 20 लोगों को बनाया गया था बंधक, 14 कुकी हुए थे रिहा

इस पूरी खौफनाक वारदात के तार बीते महीने की 13 मई से जुड़े हुए हैं। खुफिया और स्थानीय पुलिस रिपोर्टों के मुताबिक, 13 मई को भारी हथियारों से लैस उग्रवादी/सशस्त्र समूहों (Armed Groups) ने एक बेहद दुस्साहसिक ऑपरेशन को अंजाम देते हुए कुल 20 लोगों को बंधक बना लिया था। इस अगवा किए गए समूह में जातीय समीकरणों के लिहाज से 14 कुकी और 6 नागा समुदाय के लोग शामिल थे।

इस घटना के बाद से ही राज्य सरकार और विभिन्न जनजातीय संगठन इन बंधकों की सुरक्षित रिहाई के लिए मध्यस्थता के प्रयास कर रहे थे। इसी कड़ी में एक दिन पहले ही सशस्त्र समूहों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए बंधक बनाए गए सभी 14 कुकी नागरिकों को सुरक्षित रिहा कर दिया था। इस रिहाई के बाद यह उम्मीद जताई जा रही थी कि बाकी बचे 6 नागा नागरिक भी जल्द अपने घरों को लौट आएंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।

सेनापति जिले से बरामद हुए क्षत-विक्षत शव, बातचीत की कोशिशों को लगा झटका

बुधवार की दोपहर मणिपुर के सुरक्षा परिदृश्य के लिए काल साबित हुई, जब सुरक्षा बलों को सेनापति जिले के सुदूरवर्ती इलाके से लापता नगा पुरुषों के 6 शव बरामद हुए। पुलिस के आला अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी की हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी।

शवों के मिलने की खबर ने उस भरोसे को पूरी तरह तोड़ दिया, जो विभिन्न समुदायों के बीच शांति स्थापित करने के लिए बुना जा रहा था। शवों के बरामद होने के बाद से ही सेनापति और इंफाल दोनों जिलों में नगा समाज के युवाओं और नागरिक संगठनों का आक्रोश उग्र आंदोलन में बदल गया, जो रात होते-होते सुरक्षाकर्मियों के साथ सीधी जोर-आजमाइश और हिंसक टकराव में तब्दील हो गया।

मेघालय के सीएम कोनराड संगमा ने जताई कड़ी आपत्ति: “जघन्य कृत्य कतई स्वीकार्य नहीं”

मणिपुर में नगा समुदाय के 6 लोगों की हत्या की इस बर्बर घटना की गूंज अब पूरे पूर्वोत्तर और राष्ट्रीय स्तर पर सुनाई दे रही है। नेशनल पीपुल्स पार्टी (NPP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने बुधवार को इस घटना पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की। नई दिल्ली और शिलांग के मीडिया घरानों को जारी अपने आधिकारिक बयान में संगमा ने इसे मानवता के खिलाफ एक जघन्य अपराध करार दिया। उन्होंने कहा:

“मैं मणिपुर में नगा समुदाय के 6 निर्दोष नागरिकों की निर्मम और कायरतापूर्ण हत्या की कड़े से कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। हिंसा का यह क्रूर कृत्य न केवल बेहद दुखद है, बल्कि आधुनिक सभ्य समाज में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। इस अमानवीय और जघन्य वारदात के लिए जो भी लोग या समूह जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के दायरे में लाकर ऐसी सख्त सजा दी जानी चाहिए जो नजीर बने।”

सुलह के माहौल के बीच पीठ में छुरा घोंपने जैसी वारदात

एनपीपी के केंद्रीय नेतृत्व और मेघालय के मुख्यमंत्री ने इस बात पर विशेष चिंता जताई कि यह आत्मघाती घटना ऐसे समय में हुई है जब मणिपुर के सबसे बड़े नगा संगठन ‘यूनाइटेड नगा काउंसिल’ (UNC) द्वारा राज्य में विभिन्न जातीय समूहों के बीच संवाद, शांति और आपसी सुलह का माहौल बनाने के लिए लगातार जमीनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे थे।

कोनराड संगमा ने कहा कि जब शांति की प्रक्रिया आगे बढ़ रही हो, तब ऐसी टारगेटेड किलिंग्स (लक्षित हत्याएं) पूरे तंत्र और शांति प्रयासों की पीठ में छुरा घोंपने जैसी हैं। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए स्पष्ट किया कि निर्दोष और निहत्थे नागरिकों की हत्या को दुनिया के किसी भी तर्क या आधार पर उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने मणिपुर के सभी पक्षों और समुदायों से बेहद संयम बरतने की अपील की ताकि राज्य को फिर से जातीय आग में झुलसने से बचाया जा सके।

सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर, इंटरनेट सेवाओं पर पैनी नजर

इस ताजा हिंसक उबाल के बाद मणिपुर के कार्यवाहक महानिदेशक (DGP) और गृह विभाग ने पूरे राज्य, विशेषकर इंफाल, कांगपोकपी और सेनापति जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बलों (CRPF और असम राइफल्स) की टुकड़ियों को तैनात कर दिया है। अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और इंटरनेट सेवाओं की सघन मॉनिटरिंग की जा रही है। राष्ट्रीय मीडिया के विश्लेषकों का मानना है कि यदि इस मोड़ पर स्थिति को सख्ती और सूझबूझ से नहीं संभाला गया, तो मणिपुर का संकट एक नए और अधिक खतरनाक त्रिकोणीय संघर्ष (कुकी-मैतेई-नागा) का रूप ले सकता है।

You Might Also Like

तमिलनाडु में CM विजय ने संभाली कमान, 200 यूनिट मुफ्त बिजली पर लगी ‘शर्त’ और खाली खजाने ने बढ़ाई टेंशन
गुजरात : प्रधानमंत्री मोदी ने भुज में के.के. पटेल सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल राष्ट्र को समर्पित किया
Uttarakhand: ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत मुख्यमंत्री धामी ने फहराया तिरंगा
अजित डोभाल बने तीसरी बार राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार, बने रहेंगे पीके मिश्रा भी प्रधान सचिव
Uttarakhand: अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष ने विकास भवन रुद्रप्रयाग में, अधिकारियों एवं जन प्रतिनिधियों के साथ की बैठक
TAGGED:Conrad Sangma Condemns Manipur KillingsImphal Hospital Protest Tear GasManipur Police Security Alert UpdateManipur Violence Imphal Clash 2026Naga Captives Dead Senapati District
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

जेपी नड्डा और CJP के बीच बैठक: ‘धरना प्रदर्शन समाप्त’ करने के लिए प्रदर्शनकारियों ने रखीं तीन बड़ी शर्तें, दिल्ली में तनाव बरकरार

The Hill India News
The Hill India News
July 20, 2026
बदरीनाथ धाम दान चोरी मामला: गणेश गोदियाल और BKTC अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी में आर-पार, ‘संगठित अपराध’ के आरोपों से गरमाई उत्तराखंड की सियासत
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामला: सुप्रीम कोर्ट सख्त, नई SIT गठित करने के निर्देश, वरिष्ठ IPS अधिकारी करेंगे जांच की अगुवाई
उत्तराखंड में बारिश का कहर: रेड अलर्ट के बीच 24 घंटे में तीन मौतें, भूस्खलन और हादसों से कई जिले प्रभावित
संसद मार्च पर बवाल: CJP प्रदर्शन के बीच पुलिस की सख्ती, नड्डा से वार्ता के बाद खत्म हुआ अनशन, कई नेताओं और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया
50 कोशिशें, गोल्ड मेडल और टूटा सपना: सरकारी नौकरी की दौड़ में हारकर होनहार इंजीनियर ने दी जान
बरसात में मकड़ी ने काट लिया तो घबराएं नहीं! WHO के तकनीकी सलाहकार ने बताए सही इलाज के तरीके और खतरे के संकेत
उत्तराखंड में सुपरफूड किनोवा की दस्तक: थलीसैंण से शुरू होगा खेती का नया अध्याय, कम पानी में अधिक मुनाफे की उम्मीद
बेटी का भविष्य संवारने निकला परिवार काल के मुंह में समाया: समृद्धि हाईवे पर भीषण हादसे में 6 लोगों की जिंदा जलकर मौत
रुद्रप्रयाग में बारिश का रौद्र रूप: उफनाईं अलकनंदा-मंदाकिनी, हाईवे बंद, भूस्खलन से बढ़ा खतरा; प्रशासन ने जारी किया हाई अलर्ट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?