मुजफ्फरपुर: सोशल मीडिया के दौर में फॉलोअर्स बढ़ाने और रील को वायरल कराने का लालच कई बार लोगों को ऐसे लोगों के संपर्क में ले आता है, जिनकी मंशा बेहद गंभीर और खतरनाक हो सकती है। बिहार के मुजफ्फरपुर से सामने आया एक मामला इसी तरह सोशल मीडिया के जरिए बने संपर्क और उसके बाद लगाए गए गंभीर यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर चर्चा में है। दिल्ली की एक महिला इनफ्लुएंसर ने आरोप लगाया है कि उसे सोशल मीडिया पर रील वायरल कराने और फॉलोअर्स बढ़ाने का झांसा देकर मुजफ्फरपुर बुलाया गया, जहां एक होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया।
महिला ने इस मामले में SSB के ASI विकास कुमार और उनके कथित साथी राजीव राय पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता के मुताबिक, दोनों से उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि सोशल मीडिया पर उसकी रील को वायरल कराने और फॉलोअर्स बढ़ाने का भरोसा देकर उसे मुजफ्फरपुर बुलाया गया। महिला अपने दो साल के बच्चे के साथ 7 सितंबर 2025 को मुजफ्फरपुर पहुंची थी।
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक, उसे नगर थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड स्थित एक होटल में ठहराया गया। महिला का आरोप है कि होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया गया और उसका आपत्तिजनक वीडियो भी बनाया गया। इसके बाद कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया गया और विरोध करने पर उसके दो साल के मासूम बच्चे को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी गई।
सोशल मीडिया के जरिए हुई थी आरोपियों से पहचान
पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में बताया कि मुजफ्फरपुर में तैनात SSB के ASI विकास कुमार और राजीव राय से उसकी पहचान सोशल मीडिया के माध्यम से हुई थी। महिला सोशल मीडिया पर रील बनाती थी और अपने फॉलोअर्स बढ़ाने की कोशिश कर रही थी।
आरोप है कि राजीव राय ने महिला को भरोसा दिलाया कि उसकी रील को सोशल मीडिया पर वायरल कराने और फॉलोअर्स बढ़ाने में मदद की जा सकती है। इसी भरोसे के बाद महिला को मुजफ्फरपुर आने के लिए कहा गया।
महिला अपने छोटे बच्चे के साथ मुजफ्फरपुर पहुंची। उसके मुताबिक, उसे स्टेशन रोड स्थित होटल में ठहराया गया। यहीं से पूरा मामला कथित तौर पर गंभीर मोड़ लेता है।
होटल में दुष्कर्म और आपत्तिजनक वीडियो बनाने का आरोप
महिला का आरोप है कि होटल में राजीव राय ने उसके साथ दुष्कर्म किया और उसका आपत्तिजनक वीडियो बना लिया। इसके बाद आरोप है कि उसे SSB के ASI विकास कुमार के साथ भी संबंध बनाने के लिए दबाव डाला गया।
महिला ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसे डराया-धमकाया गया। शिकायत में सबसे गंभीर आरोप यह है कि विरोध करने पर उसके दो साल के बच्चे को नुकसान पहुंचाने और यहां तक कि उसकी हत्या करने की धमकी दी गई।
ऐसे आरोपों के सामने आने के बाद मामले की गंभीरता और बढ़ गई है। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस ने फिलहाल शिकायत को संज्ञान में लेकर मामले की जांच शुरू करने की बात कही है।
दिल्ली लौटने के बाद शुरू हुआ कथित ब्लैकमेलिंग का दौर
पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद वह अपने बच्चे को लेकर वापस दिल्ली लौट गई। लेकिन महिला का आरोप है कि दिल्ली पहुंचने के बाद भी उसे राहत नहीं मिली।
उसके मुताबिक, दोनों आरोपियों द्वारा कथित तौर पर बनाए गए आपत्तिजनक वीडियो को वायरल करने की धमकी दी जाने लगी। आरोप है कि वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देकर महिला पर दबाव बनाया गया और उसे ब्लैकमेल किया गया।
महिला ने आरोप लगाया कि इस दबाव के बीच उससे 20 हजार रुपये भी लिए गए। लगातार धमकियों और कथित ब्लैकमेलिंग से परेशान होकर महिला ने आखिरकार अपने पति को पूरे मामले की जानकारी दी।
इसके बाद उसने मामले को संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का फैसला किया।
SSB मुख्यालय में भी दी शिकायत
पीड़िता ने मामले को लेकर SSB के मुख्यालय में भी शिकायत दी है। महिला का आरोप है कि उसने अधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
इसी बीच महिला ने मुजफ्फरपुर पुलिस को भी एक आवेदन दिया। इस शिकायत में उसने आरोप लगाया कि मामला सामने आने के बाद अब उस पर अपना बयान बदलने और केस वापस लेने का दबाव बनाया जा रहा है।
महिला का कहना है कि दोनों आरोपी कथित तौर पर उसे धमका रहे हैं और मामले को आगे नहीं बढ़ाने के लिए दबाव डाल रहे हैं। दूसरी शिकायत सामने आने के बाद मुजफ्फरपुर पुलिस ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
पुलिस ने शिकायत को लिया संज्ञान में
पीड़िता की शिकायत के संबंध में मुजफ्फरपुर के SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले की जानकारी होने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और फिलहाल इसकी जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के सामने अब कई महत्वपूर्ण सवाल हैं। शिकायत में लगाए गए आरोपों की सच्चाई क्या है? होटल में वास्तव में क्या हुआ था? कथित आपत्तिजनक वीडियो बनाया गया था या नहीं? अगर वीडियो बनाया गया तो उसका इस्तेमाल कैसे किया गया? महिला से 20 हजार रुपये लिए जाने के आरोप कितने सही हैं? और सबसे महत्वपूर्ण, क्या महिला को केस वापस लेने या बयान बदलने के लिए धमकाया गया?
जांच के दौरान इन सभी बिंदुओं को खंगाला जा सकता है।
होटल, सोशल मीडिया और डिजिटल सबूत अहम कड़ी
ऐसे मामलों में जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्य महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। महिला और आरोपियों के बीच हुई सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड, होटल में ठहरने से संबंधित रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और कथित वीडियो जैसी सामग्री जांच का हिस्सा बन सकती है।
इसके अलावा यह भी देखा जा सकता है कि महिला को मुजफ्फरपुर बुलाने से पहले आरोपियों और पीड़िता के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी। फॉलोअर्स बढ़ाने और रील वायरल करने के संबंध में किए गए दावों से जुड़ी बातचीत भी जांच में महत्वपूर्ण हो सकती है।
यदि महिला द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो पुलिस कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकती है।
आरोप गंभीर, लेकिन जांच के बाद ही साफ होगी पूरी तस्वीर
इस पूरे मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अभी महिला द्वारा लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। आरोपों के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच, उपलब्ध साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटनाक्रम वास्तव में किस तरह हुआ था।
हालांकि, महिला द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। खासकर सोशल मीडिया के जरिए पहचान बनाकर भरोसा हासिल करना, फॉलोअर्स बढ़ाने और रील वायरल कराने का लालच देना, होटल में बुलाने का आरोप, यौन अपराध, आपत्तिजनक वीडियो बनाने और बाद में उसे वायरल करने की धमकी देने जैसे आरोप मामले को गंभीर बनाते हैं।
सोशल मीडिया यूजर्स के लिए भी बड़ा सबक
यह मामला सोशल मीडिया इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण चेतावनी के रूप में देखा जा सकता है। सोशल मीडिया पर किसी अनजान व्यक्ति के बड़े दावे, फॉलोअर्स बढ़ाने का ऑफर या रील वायरल कराने का लालच मिलने पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा करना जोखिम भरा हो सकता है।
विशेषकर किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर दूसरे शहर में जाना, होटल या निजी स्थान पर अकेले मिलना और निजी जानकारी साझा करना सावधानी के बिना गंभीर स्थिति पैदा कर सकता है।
मुजफ्फरपुर का यह मामला फिलहाल पुलिस जांच के अधीन है। पीड़िता ने जहां अपने साथ गंभीर अपराध होने का आरोप लगाया है, वहीं पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कर रही है। आने वाले समय में जांच से ही यह स्पष्ट होगा कि इस पूरे घटनाक्रम में वास्तविकता क्या है और आरोपों की पुष्टि किस स्तर तक होती है।
