नैनीताल: उत्तराखंड के नैनीताल जिले के रामनगर से एक बेहद चौंकाने वाली और राहत भरी खबर सामने आई है। भारी बारिश के कारण अचानक उफान पर आई ढेला नदी के तेज बहाव में एक युवक अपनी बाइक समेत बह गया। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और पुलिस की मुस्तैदी से युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस घटना के बाद एक बार फिर क्षेत्र में स्थायी पुल की मांग को लेकर बहस छिड़ गई है।
अचानक बिगड़ा मौसम और बढ़ा जलस्तर
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मंगलवार शाम रामनगर और उसके आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ शुरू हुई भारी बारिश ने कुछ ही घंटों में विकराल रूप ले लिया। इस अचानक हुई बारिश का सबसे ज्यादा असर ढेला नदी पर पड़ा, जिसका जलस्तर देखते ही देखते खतरे के निशान के करीब पहुंच गया। इसी दौरान, मालधन क्षेत्र का रहने वाला एक युवक अपनी मोटरसाइकिल से रामनगर की ओर जा रहा था। उसे इस बात का अंदाजा नहीं था कि नदी का बहाव इतना खतरनाक हो चुका है।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक ने खतरे को नजरअंदाज करते हुए उफनती नदी को पार करने का प्रयास किया। जैसे ही वह नदी के बीचों-बीच पहुंचा, पानी के तेज बहाव ने उसकी बाइक का संतुलन बिगाड़ दिया और देखते ही देखते युवक बाइक के साथ नदी की तेज धाराओं में बहने लगा।
अफरा-तफरी का माहौल और त्वरित रेस्क्यू अभियान
नदी में युवक के बहने की घटना से मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए तत्काल ढेला पुलिस चौकी को इस घटना की सूचना दी।
सूचना मिलते ही ढेला पुलिस चौकी की टीम प्रभारी जोगा सिंह के नेतृत्व में तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हो गई। पुलिस टीम ने स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से एक संयुक्त बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया। नदी का बहाव तेज होने के बावजूद, बचाव दल ने कड़ी मशक्कत के बाद युवक तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
चौकी इंचार्ज जोगा सिंह ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, “हमें सूचना मिली थी कि एक युवक बाइक सहित नदी में बह गया है। हमारी टीम ने बिना एक पल गंवाए मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। युवक पूरी तरह सुरक्षित है और प्राथमिक जांच के बाद उसे उसके घर भेज दिया गया है।” —
रामनगर-ढेला के बीच स्थायी पुल का अभाव
इस घटना ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रामनगर से ढेला के बीच लंबे समय से स्थायी पुल का निर्माण नहीं हो पाया है, जिसके कारण स्थानीय निवासियों को हर साल बरसात के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जबकि, इसी क्षेत्र की दूसरी प्रमुख नदी ‘सांवल्दे’ पर पुल का निर्माण पूरा हो चुका है, लेकिन ढेला नदी पर पुल न होने से ग्रामीणों का आवागमन जान जोखिम में डालकर होता है। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां पक्के पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन-प्रशासन स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
सुरक्षा के दावों पर उठते सवाल
क्षेत्रीय लोगों का आरोप है कि बरसात के दिनों में ढेला नदी का जलस्तर बढ़ना एक आम बात है, लेकिन इसके बावजूद यहां कोई चेतावनी बोर्ड या बैरिकेडिंग की व्यवस्था नहीं होती। रामनगर के विभिन्न नालों और नदियों के उफान पर आने से पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।
पर्यटकों की भारी आवाजाही वाले इस क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होना गंभीर चिंता का विषय है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते इस दिशा में कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों की मांग
इस घटना के बाद से ही पूरे इलाके में ढेला नदी पर जल्द से जल्द पुल के निर्माण की मांग जोर पकड़ रही है। जनप्रतिनिधियों का कहना है कि क्षेत्र के विकास और सुरक्षा के लिए यह बेहद जरूरी है। ग्रामीणों ने शासन और प्रशासन से अपील की है कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले ही इस मार्ग पर सुरक्षा के वैकल्पिक उपाय किए जाएं और स्थायी पुल का निर्माण कार्य जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि पूरे साल सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके।



