उत्तराखंडफीचर्ड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हिमाद्रि आइस रिंक के एक वर्ष पूरे होने पर की शिरकत, बोले— ‘उत्तराखंड बन रहा है नई खेलभूमि’

देहरादून: उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ के साथ-साथ देश की ‘खेलभूमि’ के रूप में स्थापित करने के राज्य सरकार के प्रयासों को एक और नई दिशा मिली है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में आयोजित ‘हिमाद्रि आइस रिंक’ के जीर्णोद्धार की प्रथम वर्षगांठ के मुख्य समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का स्वागत किया, बल्कि ‘उत्तराखंड हॉकी आइस टीम’ की नई जर्सी और ‘पे एंड प्ले’ पोर्टल का भी विधिवत विमोचन किया।

‘हिमाद्रि’ का गौरवमयी सफर

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भारत की एकमात्र अंतरराष्ट्रीय स्तर की आइस रिंक ‘हिमाद्रि’ केवल उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि 2011 में स्थापित यह आइस रिंक कभी अपनी बदहाली के कारण बंद हो गई थी, लेकिन राज्य सरकार ने इसे पुनः संचालित करने का संकल्प लिया।

लगभग साढ़े 8 करोड़ रुपए की लागत से इसका जीर्णोद्धार कर पिछले वर्ष इसी दिन इसे पुनः खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों को समर्पित किया गया था। इसके साथ ही, इसके संचालन के लिए एक मेगावाट क्षमता का सोलर प्लांट स्थापित कर हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा दिया गया है।

राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का केंद्र

पिछले एक वर्ष के दौरान इस आइस रिंक ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई प्रतियोगिताओं की सफल मेजबानी की है। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि बीते एक साल में यहां नेशनल आइस स्केटिंग चैंपियनशिप, एशियन ट्रॉफी, राष्ट्रीय आइस हॉकी लीग के अलावा महिला व बालक वर्ग की राष्ट्रीय टीमों के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए गए।

इसके अतिरिक्त, पिछले वर्ष अगस्त माह में भारत ने पहली बार ‘एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी’ की सफलतापूर्वक मेजबानी की, जिसमें एशिया के 11 देशों के 200 से अधिक खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में शीतकालीन खेलों के प्रति बढ़ते आकर्षण को देखते हुए आने वाले समय में भारत इन खेलों में एक नई महाशक्ति बनकर उभरेगा।

‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ और खेल विश्वविद्यालय

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन का जिक्र करते हुए कहा कि ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ ने देश में एक नई खेल संस्कृति को जन्म दिया है। राज्य सरकार इसी दिशा में उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि राज्य के आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियों की स्थापना के लिए ‘स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान’ जल्द ही लागू किया जाएगा। इसके तहत हर साल 920 विश्वस्तरीय एथलीटों और 1000 अन्य खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण दिया जाएगा।

इसके साथ ही, हल्द्वानी में उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय और लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज की स्थापना का कार्य भी तेजी से प्रगति पर है।

नई खेल नीति और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन

उत्तराखंड की नई खेल नीति पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि खिलाड़ियों से जुड़ी योजनाओं और प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।

राज्य सरकार द्वारा ‘मुख्यमंत्री खेल विकास निधि’, ‘मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना’, ‘मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना’ और ‘खेल किट योजना’ जैसी कई कल्याणकारी पहल चलाई जा रही हैं, जिनसे ग्रामीण और दूरदराज के प्रतिभावान खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

38वें राष्ट्रीय खेलों की ऐतिहासिक सफलता

मुख्यमंत्री ने हाल ही में संपन्न हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों का भी विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन खेलों के सफल आयोजन ने उत्तराखंड को नई पहचान दी है और राज्य के खिलाड़ियों ने 103 पदक जीतकर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विशेष सचिव अमित सिन्हा, खेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों सहित भारी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button