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बेंगलुरु: इसरो के संवेदनशील आईएसआईटीई परिसर के ऊपर दिखा संदिग्ध ड्रोन, सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप, FIR दर्ज

बेंगलुरु: अंतरिक्ष अनुसंधान के क्षेत्र में भारत की सबसे बड़ी संस्था, भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के एक बेहद संवेदनशील परिसर में सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थित इसरो के सैटेलाइट इंटीग्रेशन एंड टेस्ट एस्टैब्लिशमेंट (ISITE) परिसर के ऊपर कथित तौर पर एक अज्ञात ड्रोन को उड़ता हुआ देखा गया। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।

अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान के ऊपर ड्रोन दिखने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और गहन जांच शुरू कर दी गई है।


घटना का समय और विवरण

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह घटना दो मई की सुबह करीब आठ बजकर 16 मिनट पर घटी। उस समय सीआईएसएफ (CISF) के अधिकारी परिसर की नियमित सुरक्षा जांच कर रहे थे। तभी बल के एक सब इंस्पेक्टर की नजर परिसर के ऊपर उड़ते हुए एक अज्ञात ड्रोन पर पड़ी।

शिकायत के अनुसार, ड्रोन को इसरो आईएसआईटीई परिसर के ठीक ऊपर लगभग 80 से 100 फुट की ऊंचाई पर उड़ते हुए देखा गया था। यह अज्ञात ड्रोन लगभग 10 से 12 सेकंड तक आसमान में मंडराता रहा और फिर अचानक ओझल हो गया। इस दौरान सीआईएसएफ कर्मियों ने तुरंत स्थिति का जायजा लिया और अपने उच्चाधिकारियों को सूचित किया।


सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा और प्रतिबंधित क्षेत्र

इसरो का आईएसआईटीई (ISITE) परिसर अंतरिक्ष कार्यक्रमों के निर्माण और परीक्षण के लिहाज से एक अत्यंत संवेदनशील, महत्वपूर्ण और प्रतिबंधित क्षेत्र है। राष्ट्र की सुरक्षा और गोपनीयता को ध्यान में रखते हुए इस पूरे क्षेत्र को आधिकारिक तौर पर “ड्रोन निषेध क्षेत्र” (No Drone Zone) घोषित किया गया है।

एफआईआर के अनुसार, ऐसे संवेदनशील स्थान पर किसी भी प्रकार की अनधिकृत हवाई गतिविधि, विशेष रूप से ड्रोन का उड़ना, न केवल सुरक्षा के लिहाज से गंभीर खतरा है, बल्कि यह देश के अंतरिक्ष अनुसंधान की महत्वपूर्ण जानकारियों को भी खतरे में डाल सकता है। शिकायत में यह आरोप लगाया गया है कि क्षेत्र के “ड्रोन निषेध क्षेत्र” होने के बावजूद, अज्ञात व्यक्तियों ने जानबूझकर या किसी बड़ी साजिश के तहत इस प्रतिबंधित क्षेत्र में अवैध रूप से ड्रोन उड़ाया।


कानूनी कार्रवाई और दर्ज की गई धाराएं

घटना की गंभीरता को देखते हुए, सीआईएसएफ के सब इंस्पेक्टर की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई की गई। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ बेंगलुरु के एचएएल (HAL) पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है।

इस मामले में निम्नलिखित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है:

  • भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 329(3): आपराधिक अतिक्रमण के तहत मामला दर्ज किया गया है, जो कि किसी प्रतिबंधित क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश से संबंधित है।

  • विमान अधिनियम (Aircraft Act): प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान भरने से जुड़े नियमों के उल्लंघन की धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।


पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की जांच तेज

घटना के बाद से ही बेंगलुरु पुलिस की साइबर सेल और स्थानीय खुफिया इकाइयां हरकत में आ गई हैं। पुलिस उन अज्ञात व्यक्तियों की पहचान करने के लिए आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, जो इस ड्रोन को संचालित कर रहे थे।

इसके साथ ही, तकनीकी विश्लेषण की मदद से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ड्रोन का रिमोट कंट्रोल सिग्नल कहां से आ रहा था और इसका वास्तविक उद्देश्य क्या था। इसरो के सुरक्षा अधिकारियों के साथ भी पुलिस का एक उच्च स्तरीय समन्वय स्थापित किया गया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोका जा सके।

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