By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: देहरादून के फाइव स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की दस्तक, किचन से स्टोर तक चला सघन अभियान; एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खास नजर
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > उत्तराखंड > देहरादून के फाइव स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की दस्तक, किचन से स्टोर तक चला सघन अभियान; एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खास नजर
उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून के फाइव स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की दस्तक, किचन से स्टोर तक चला सघन अभियान; एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खास नजर

The Hill India News
Last updated: August 11, 2026 6:47 am
The Hill India News
Published: August 11, 2026
Share
SHARE

मसालों और तैयार दाल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, गुलकंद-ऑर्गेनो-सौंफ के दस्तावेज भी तलब; विभाग ने कहा- होटल छोटा हो या फाइव स्टार, खाद्य सुरक्षा नियम सभी के लिए समान

देहरादून: उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और शुद्धता को लेकर खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अब बड़े होटल और रिसॉर्ट प्रतिष्ठानों पर भी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। राजधानी देहरादून और मसूरी रोड स्थित प्रमुख फाइव स्टार होटलों में विभाग की टीमों ने सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान होटल की रसोई, स्टोर, खाद्य सामग्री के भंडारण, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेज्ड खाद्य पदार्थों, साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के रखरखाव की व्यवस्था को बारीकी से परखा गया।

Contents
मसालों और तैयार दाल के सैंपल जांच के लिए भेजे गए, गुलकंद-ऑर्गेनो-सौंफ के दस्तावेज भी तलब; विभाग ने कहा- होटल छोटा हो या फाइव स्टार, खाद्य सुरक्षा नियम सभी के लिए समानफाइव स्टार होटल भी जांच के दायरे में, किचन और स्टोर की हुई पड़तालमसाले और तैयार दाल के सैंपल, रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाईगुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के दस्तावेज भी मांगेएनालॉग पनीर पर क्यों है विभाग की विशेष नजर?होटलों और रेस्टोरेंट को साफ संदेश- गुणवत्ता से समझौता नहींऔचक जांच का दायरा और बढ़ेगाआयुक्त ने दोहराया- छोटा दुकानदार हो या फाइव स्टार होटल, नियम सबके लिए एकग्राहकों के लिए भी जरूरी है जागरूक रहनाकुल मिलाकर देहरादून के फाइव स्टार होटलों में हुई यह कार्रवाई केवल सैंपलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों के लिए एक बड़ा संदेश भी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों की थाली तक पहुंचने वाले हर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और सुरक्षा महत्वपूर्ण है। मसालों और दाल के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट से आगे की तस्वीर साफ होगी, वहीं एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों, पैकेज्ड सामग्री और खाद्य पदार्थों के स्रोत पर निगरानी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। उत्तराखंड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में यह सख्ती स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

अभियान के दौरान एक बड़े होटल से मसालों और दूसरे प्रमुख होटल से तैयार दाल के नमूने लिए गए हैं। इन नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। प्रयोगशाला रिपोर्ट सामने आने के बाद यदि खाद्य पदार्थ निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग की इस कार्रवाई से होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों में भी हलचल बढ़ गई है।

खास बात यह है कि इस अभियान में विभाग की नजर केवल सामान्य खाद्य सामग्री तक सीमित नहीं रही, बल्कि एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, स्रोत, लेबलिंग और इस्तेमाल को लेकर भी विशेष निगरानी की गई। अधिकारियों ने होटल प्रबंधन को स्पष्ट संदेश दिया कि खाद्य सामग्री की खरीद से लेकर उसे ग्राहकों को परोसे जाने तक हर स्तर पर खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करना जरूरी है।

फाइव स्टार होटल भी जांच के दायरे में, किचन और स्टोर की हुई पड़ताल

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग के आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य खाद्य कारोबारियों को यह स्पष्ट संदेश देना है कि खाद्य सुरक्षा के नियम सभी प्रतिष्ठानों पर समान रूप से लागू होते हैं। चाहे कोई छोटी दुकान हो, रेस्टोरेंट हो, डेयरी प्रतिष्ठान हो या फिर फाइव स्टार होटल—ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना उनकी जिम्मेदारी है।

जांच के दौरान अधिकारियों ने होटल की रसोई में इस्तेमाल होने वाले कच्चे माल, खाद्य पदार्थों के स्टोरेज, पैकिंग, एक्सपायरी डेट, लेबलिंग और स्वच्छता व्यवस्था की जानकारी ली। खाद्य सामग्री को किस तापमान पर रखा जा रहा है, कच्चे और तैयार भोजन को अलग रखने की व्यवस्था है या नहीं, खाद्य पदार्थों के भंडारण में साफ-सफाई का कितना ध्यान रखा जा रहा है और रसोई में स्वच्छता के मानकों का पालन हो रहा है या नहीं, इन सभी पहलुओं को जांच का हिस्सा बनाया गया।

विभाग का कहना है कि किसी भी होटल में ग्राहकों को परोसा जाने वाला भोजन सीधे उनकी सेहत से जुड़ा होता है। ऐसे में केवल स्वाद और प्रस्तुति ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खाद्य सामग्री की गुणवत्ता और सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है।

मसाले और तैयार दाल के सैंपल, रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

अभियान के दौरान दो प्रमुख खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए हैं। एक बड़े होटल से मसाले का नमूना लिया गया, जबकि दूसरे होटल से तैयार दाल का सैंपल लिया गया है। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा जा रहा है।

खाद्य नमूने की जांच में यह देखा जाता है कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप है या नहीं। यदि प्रयोगशाला जांच में किसी तरह की मिलावट, मानक से विचलन या अन्य अनियमितता सामने आती है तो संबंधित कारोबारी के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है।

अधिकारियों ने साफ किया है कि सैंपल लिया जाना अपने आप में किसी होटल या खाद्य पदार्थ को दोषी साबित नहीं करता। अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी। यही वजह है कि विभाग ने फिलहाल नमूनों को जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की है।

गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के दस्तावेज भी मांगे

जांच अभियान के दौरान एक बड़े होटल के स्टोर में रखे गुलकंद, इंपोर्टेड ऑर्गेनो और सौंफ के पैक्ड उत्पादों को लेकर भी विभाग ने संबंधित दस्तावेज और गुणवत्ता संबंधी जानकारी मांगी है। अधिकारियों की ओर से संबंधित निर्माताओं से आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

खाद्य सुरक्षा के लिहाज से पैकेज्ड उत्पादों पर सही लेबलिंग, निर्माता की जानकारी, बैच नंबर, निर्माण और उपयोग की तिथि तथा अन्य आवश्यक विवरण महत्वपूर्ण होते हैं। विभाग यह सुनिश्चित करना चाहता है कि होटल जिन उत्पादों का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनकी खरीद और आपूर्ति का स्रोत स्पष्ट हो तथा उनके संबंध में आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध रहें।

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी ने कहा कि खाद्य सामग्री की खरीद से लेकर उसके भंडारण और इस्तेमाल तक प्रत्येक स्तर पर निर्धारित मानकों का पालन होना चाहिए। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर विभाग कार्रवाई कर सकता है।

एनालॉग पनीर पर क्यों है विभाग की विशेष नजर?

इस अभियान में सबसे ज्यादा चर्चा एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों को लेकर है। पनीर आम तौर पर दूध से तैयार किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है, लेकिन बाजार में कुछ ऐसे उत्पाद भी उपलब्ध होते हैं जो पनीर जैसे दिखाई देते हैं, मगर उनकी संरचना पारंपरिक दूध से बने पनीर से अलग हो सकती है।

ऐसे उत्पादों में दूध के बजाय या दूध के साथ अन्य वनस्पति वसा, स्टार्च अथवा दूध से प्राप्त सामग्री का इस्तेमाल हो सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि किसी उत्पाद की वैधता और उपयुक्तता इस बात पर निर्भर करती है कि वह किस श्रेणी में आता है, उसकी संरचना क्या है और उसकी लेबलिंग सही एवं स्पष्ट है या नहीं। किसी गैर-दुग्ध या वैकल्पिक उत्पाद को वास्तविक पनीर के नाम से गलत तरीके से बेचना उपभोक्ता को भ्रमित कर सकता है।

इसीलिए विभाग यह जांच कर रहा है कि होटलों में इस्तेमाल किए जा रहे पनीर और उससे मिलते-जुलते उत्पाद वास्तव में क्या हैं, उनकी खरीद कहां से की गई है और पैकेट पर उत्पाद की सही जानकारी दी गई है या नहीं।

ग्राहकों के लिए भी यह जानना जरूरी है कि केवल देखने में पनीर जैसा दिखाई देने वाला उत्पाद जरूरी नहीं कि पारंपरिक दूध से बना पनीर ही हो। इसलिए खाद्य पदार्थों की पहचान, लेबलिंग और स्रोत की पारदर्शिता महत्वपूर्ण है।

होटलों और रेस्टोरेंट को साफ संदेश- गुणवत्ता से समझौता नहीं

अपर आयुक्त ताजबर सिंह जग्गी के मुताबिक सरकार की प्राथमिकता प्रदेश के नागरिकों के साथ-साथ उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों को भी सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। उत्तराखंड एक प्रमुख पर्यटन राज्य है और देहरादून-मसूरी क्षेत्र में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं।

ऐसे में बड़े होटल और रिसॉर्ट केवल स्थानीय ग्राहकों के लिए ही नहीं बल्कि प्रदेश की पर्यटन छवि के लिए भी महत्वपूर्ण हैं। यदि किसी प्रतिष्ठान में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी होती है तो इसका असर केवल एक ग्राहक की सेहत तक सीमित नहीं रहता, बल्कि इससे पूरे पर्यटन क्षेत्र की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है।

इसी वजह से विभाग ने होटल प्रबंधन को खाद्य सुरक्षा, स्वच्छता और जिम्मेदार खाद्य प्रबंधन को लेकर विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।

औचक जांच का दायरा और बढ़ेगा

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान केवल एक दिन की कार्रवाई नहीं है। देहरादून जिले में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी, मिठाई की दुकानों और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों में औचक निरीक्षण और सैंपलिंग आगे भी जारी रहेगी।

अधिकारियों का कहना है कि खाद्य कारोबारियों को अपनी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखनी होंगी। खाद्य पदार्थों के भंडारण में स्वच्छता, कच्चे माल की गुणवत्ता, पैकेज्ड उत्पादों की वैधता, सही लेबलिंग और रसोई की साफ-सफाई जैसे बिंदुओं पर लगातार ध्यान देना होगा।

अगर किसी प्रतिष्ठान से लिए गए नमूने प्रयोगशाला जांच में मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं तो रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

आयुक्त ने दोहराया- छोटा दुकानदार हो या फाइव स्टार होटल, नियम सबके लिए एक

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया है कि विभाग की प्राथमिकता प्रदेश के लोगों को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उनका संदेश साफ है कि खाद्य सुरक्षा के नियम किसी प्रतिष्ठान की प्रतिष्ठा, आकार या श्रेणी देखकर नहीं बदलते। जिस तरह एक छोटे खाद्य प्रतिष्ठान को नियमों का पालन करना होता है, उसी तरह फाइव स्टार होटल को भी सभी निर्धारित मानकों का पालन करना होगा।

ग्राहकों के लिए भी जरूरी है जागरूक रहना

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बीच आम उपभोक्ताओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है। ग्राहक जब किसी होटल या रेस्टोरेंट में भोजन करते हैं तो उन्हें भी स्वच्छता और खाद्य गुणवत्ता को लेकर जागरूक रहना चाहिए। पैकेज्ड खाद्य सामग्री खरीदते या इस्तेमाल करते समय लेबल, पैकिंग और उपयोग की तिथि जैसी जानकारी देखना उपयोगी है।

किसी खाद्य पदार्थ को लेकर संदेह होने पर संबंधित विभाग को शिकायत की जा सकती है। इससे विभाग को ऐसे प्रतिष्ठानों की पहचान करने में मदद मिल सकती है जहां खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही हो।

कुल मिलाकर देहरादून के फाइव स्टार होटलों में हुई यह कार्रवाई केवल सैंपलिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि खाद्य कारोबारियों के लिए एक बड़ा संदेश भी है। विभाग ने साफ कर दिया है कि ग्राहकों की थाली तक पहुंचने वाले हर खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता और सुरक्षा महत्वपूर्ण है। मसालों और दाल के नमूनों की प्रयोगशाला रिपोर्ट से आगे की तस्वीर साफ होगी, वहीं एनालॉग पनीर, गैर-दुग्ध उत्पादों, पैकेज्ड सामग्री और खाद्य पदार्थों के स्रोत पर निगरानी आने वाले दिनों में और तेज होने की संभावना है। उत्तराखंड जैसे पर्यटन प्रधान राज्य में यह सख्ती स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी सुरक्षित खाद्य व्यवस्था सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

You Might Also Like

नई दिल्ली : राष्ट्रव्यापी कोविड टीकाकरण के तहत अब तक 194.09 करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं
Rajasthan: भजनलाल शर्मा आज लेंगे सीएम पद की शपथ, समारोह में मोदी-शाह भी होंगे शामिल
दिवाली के बाद दिल्ली की वायु हुई जहरीली: एनसीआर से पहाड़ों तक छाई धुंध
टमाटर हुआ 100 के पार, तो प्रियंका चतुर्वेदी ने किया कटाक्ष: देश की वित्त मंत्री टमाटर खाती हैं?
उत्तराखण्ड: जनता दरबार में मुख्यमंत्री ने सुनी लोगों कि परेशानिया
TAGGED:Analogue PaneerDehradunFive Star HotelsFood Inspectionfood safetyFood Safety DepartmentUttarakhand
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डविदेश

85 सेकेंड में आसमान में बना आग का गोला! चीन का लॉन्ग मार्च-7A रॉकेट फेल, सैटेलाइट मिशन को बड़ा झटका

The Hill India News
The Hill India News
August 11, 2026
देहरादून के फाइव स्टार होटलों में खाद्य सुरक्षा विभाग की दस्तक, किचन से स्टोर तक चला सघन अभियान; एनालॉग पनीर और गैर-दुग्ध उत्पादों पर खास नजर
15 अगस्त से पहले दिल्ली में हाई अलर्ट! 19 वांटेड आतंकियों के पोस्टर जारी, इंडियन मुजाहिदीन से लेकर अलकायदा और खालिस्तानी मॉड्यूल पर पुलिस की पैनी नजर
चंपावत में गीता धामी का बड़ा बयान: UCC से बेटियों के अधिकार से लेकर ‘लैंड जिहाद’ तक का मुद्दा उठा, बोलीं- सुरक्षित और सशक्त उत्तराखंड के लिए जरूरी है जागरूकता
SBI लॉकर में 50 लाख के जेवर गायब! 2003 से कटता रहा किराया, फिर भी लॉकर में नहीं मिला सामान; बिना चाबी खुला ताला तो उठे बड़े सवाल
टूटेगा या अमर रहेगा विराट कोहली का महारिकॉर्ड? भारत-श्रीलंका टेस्ट सीरीज में 610 रन का ऐसा पहाड़, जिसे पार करना आसान नहीं
झारखंड बंद से थमी रफ्तार! छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में सड़कों पर उतरी BJP, जगह-जगह टायर जलाकर प्रदर्शन
अदाणी को अमेरिका से बड़ी कानूनी राहत! रिश्वत और धोखाधड़ी का आपराधिक केस खारिज, गौतम अदाणी बोले- ‘कानून में अटूट विश्वास’
‘तेरे घर के नीचे गड़ा है करोड़ों का खजाना…’ फ्रॉड बाबा का बड़ा खेल! 11 लोगों को बनाया शिकार, करीब 1 करोड़ की ठगी
ऋषभ पंत के पैतृक गांव पाली में फिर लौटेगी रौनक? पुश्तैनी मकान का निर्माण शुरू, मां ने सड़क को लेकर ग्रामीणों से की बातचीत
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?