हैदराबाद में तंत्र-मंत्र और गुप्त धन के नाम पर ठगी का सनसनीखेज मामला, फर्जी बाबा समेत चार गिरफ्तार; नकली सोने के 25 सिक्के, कोयला, मिट्टी और पूजा का सामान बरामद
हैदराबाद: अगर कोई बाबा या तांत्रिक आपसे कहे कि आपके घर या जमीन के नीचे करोड़ों रुपये का गुप्त खजाना दबा हुआ है और वह तंत्र-मंत्र के जरिए उसे बाहर निकाल सकता है, तो सावधान हो जाइए। हैदराबाद में इसी तरह के लालच का इस्तेमाल कर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। आरोप है कि फर्जी बाबा और उसके साथियों ने गुप्त धन निकालने का झांसा देकर 11 लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली।
पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से दो कार, एक ऑटो, दो बाइक, 25 नकली सोने के सिक्के, कोयला, मिट्टी और तंत्र-मंत्र एवं पूजा में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इस पूरे गिरोह के ठगी करने के तरीके का खुलासा हुआ है।
‘बच्चा, तेरे घर के नीचे खजाना गड़ा है…’
आरोप है कि गिरोह के सदस्य पहले लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद उन्हें बताया जाता था कि उनके घर या जमीन के नीचे गुप्त धन दबा हुआ है। इस कथित खजाने में सोना, चांदी और बड़ी मात्रा में नकदी होने की बात कही जाती थी।
लोगों को विश्वास दिलाने के लिए फर्जी बाबा बाकायदा तंत्र-मंत्र और पूजा-पाठ का नाटक करता था। उसे देखकर ऐसा लगता था जैसे वह किसी विशेष धार्मिक या तांत्रिक प्रक्रिया के जरिए जमीन के अंदर छिपे खजाने का पता लगाने की कोशिश कर रहा हो।
इसी तरह की एक कथित तंत्र-मंत्र प्रक्रिया का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में बाबा के वेश में बैठा शख्स जमीन पर तंत्र-मंत्र करता नजर आता है। जमीन पर हल्दी और रोली से गोला बनाया गया है। उसके आसपास पूजा और तंत्र से जुड़ा सामान रखा दिखाई देता है। कई दीये जलते नजर आते हैं और पूरा माहौल इस तरह तैयार किया गया था, जिससे सामने वाले व्यक्ति को लगे कि कोई विशेष अनुष्ठान किया जा रहा है।
नकली सिक्के दबाकर रचा जाता था पूरा ड्रामा
पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह की ठगी का तरीका बेहद शातिर था। आरोपी पहले लोगों को गुप्त खजाने का लालच देते थे और फिर जमीन के अंदर कुछ सामान दबाकर उसे ‘सबूत’ के तौर पर दिखाते थे।
आरोप है कि गिरोह के सदस्य जमीन के नीचे नकली सोने के सिक्के और कोयला दबा देते थे। इसके बाद लोगों से कहा जाता था कि जमीन के अंदर मौजूद कोयला विशेष तांत्रिक प्रक्रिया के बाद सोने में बदल जाएगा या वहां वास्तव में गुप्त खजाना मौजूद है।
लोगों को इस कथित प्रक्रिया में आगे पैसे लगाने के लिए कहा जाता था। धीरे-धीरे रकम बढ़ती जाती और पीड़ित ठगी का शिकार होते चले जाते। लालच और अंधविश्वास के कारण कई लोगों ने आरोपियों की बातों पर भरोसा कर बड़ी रकम दे दी।
11 लोगों से करीब 1 करोड़ रुपये की ठगी
इस गिरोह पर आरोप है कि उसने अलग-अलग लोगों को इसी तरह अपने जाल में फंसाकर 11 लोगों से करीब एक करोड़ रुपये की रकम ऐंठ ली।
ठगी का शिकार होने वाले लोगों को कथित तौर पर यह भरोसा दिलाया जाता था कि उनके घर या जमीन के नीचे बहुत बड़ी संपत्ति मौजूद है। अगर तांत्रिक को पैसे दिए जाएं तो वह विशेष पूजा और अनुष्ठान के माध्यम से उस खजाने को बाहर निकाल सकता है।
जैसे-जैसे लोग आरोपियों के झांसे में आते गए, उनसे अलग-अलग बहानों से रकम मांगी जाती रही। जब लोगों को समझ आया कि उनके साथ धोखा हुआ है, तब मामला पुलिस तक पहुंचा।
फ्रॉड बाबा समेत चार आरोपी गिरफ्तार
मामले की शिकायत और जांच के बाद हैदराबाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। राजेंद्र नगर पुलिस स्टेशन में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह ने किन-किन लोगों को अपना शिकार बनाया और ठगी की रकम का इस्तेमाल कहां किया गया। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि गिरोह में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
दो कार, ऑटो और दो बाइक भी बरामद
पुलिस की कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से कई वाहन और ठगी में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद की गई है। पुलिस ने दो कार, एक ऑटो और दो बाइक जब्त की हैं।
इसके अलावा 25 नकली सोने के सिक्के, कोयला, मिट्टी और पूजा-पाठ से जुड़ा सामान भी बरामद किया गया है। इन सामानों का इस्तेमाल कथित तौर पर लोगों को गुप्त खजाने और तंत्र-मंत्र की कहानी पर विश्वास दिलाने के लिए किया जाता था।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि बरामद नकली सिक्के कहां से लाए गए थे और गिरोह ने कितने स्थानों पर इसी तरह का ‘खजाना’ दबाने का नाटक किया था।
तंत्र-मंत्र के नाम पर लोगों को बनाया जाता था निशाना
इस मामले ने एक बार फिर दिखाया है कि अंधविश्वास और लालच का फायदा उठाकर किस तरह लोगों को बड़ी ठगी का शिकार बनाया जा सकता है। आरोपी कथित तौर पर लोगों की कमजोरियों और उनकी आर्थिक उम्मीदों को निशाना बनाते थे।
किसी व्यक्ति को यदि यह विश्वास दिला दिया जाए कि उसके घर के नीचे करोड़ों रुपये का खजाना दबा है, तो वह उस खजाने को पाने के लालच में कई बार बड़ी रकम खर्च करने के लिए तैयार हो सकता है। इसी मानसिकता का फायदा उठाने का आरोप इस गिरोह पर लगा है।
पुलिस जांच में सामने आएगा ठगी का पूरा नेटवर्क
फिलहाल पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है। बरामद सामान और वाहनों के आधार पर पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। साथ ही ठगी के शिकार हुए अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है।
इस घटना से लोगों के लिए भी एक बड़ा सबक सामने आया है। घर के नीचे गुप्त खजाना, जमीन से सोना निकालने या तंत्र-मंत्र से कोयले को सोने में बदलने जैसे दावों पर आंख मूंदकर भरोसा करना भारी नुकसान का कारण बन सकता है। किसी भी व्यक्ति द्वारा ऐसे दावे किए जाने पर पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचना देना ही सबसे सुरक्षित कदम है।
हैदराबाद के इस मामले में पुलिस की कार्रवाई ने फिलहाल एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जिसने कथित तौर पर तंत्र-मंत्र, नकली सोने के सिक्कों और गुप्त खजाने की कहानी को हथियार बनाकर 11 लोगों से करीब एक करोड़ रुपये ठग लिए। अब जांच के जरिए यह सामने आना बाकी है कि इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं और इसके जाल में अभी कितने लोग फंसे हैं।
