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रेल अवसंरचना को नई रफ्तार: मंत्रिमंडल ने द्वारका–कानालुस दोहरीकरण और बदलापुर–कर्जत तीसरी-चौथी लाइन परियोजना को मंजूरी दी

The Hill India News
Last updated: November 26, 2025 12:31 pm
The Hill India News
Published: November 26, 2025
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नई दिल्ली, 26 नवंबर: भारत में रेल अवसंरचना को मजबूत बनाने और यात्रियों की बढ़ती आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए केंद्र सरकार ने बुधवार को दो महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) की बैठक में कुल 2,781 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं पर मुहर लगाई गई। इन परियोजनाओं से न केवल गुजरात और महाराष्ट्र में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि माल–ढुलाई, यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

Contents
परियोजना 1: द्वारका–कानालुस रेल लाइन का दोहरीकरणगुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र को मिलेगी बड़ी सौगातक्यों जरूरी था दोहरीकरण?परियोजना 2: बदलापुर–कर्जत के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माणमुंबई महानगर क्षेत्र में लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों को मिलेगी राहतमुंबई की बढ़ती जनसंख्या के लिए भविष्य-उन्मुख समाधान2,781 करोड़ रुपये का निवेश—रेलवे को मिलेगी नई ऊर्जाकेंद्र सरकार का फोकस: हाई-कैपेसिटी, हाई-सुरक्षा रेल नेटवर्कस्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावागुजरात में—महाराष्ट्र में—समापन

घोषणा की जानकारी देते हुए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य रेल नेटवर्क को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक, सुरक्षित और हाई-कैपेसिटी बनाना है। आज मंजूर हुई दोनों परियोजनाएं इसी दिशा में एक बड़ा कदम हैं।


परियोजना 1: द्वारका–कानालुस रेल लाइन का दोहरीकरण

गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र को मिलेगी बड़ी सौगात

द्वारका–कानालुस सेक्शन का दोहरीकरण लंबे समय से क्षेत्र की प्रमुख मांग रहा है। यह क्षेत्र न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि उद्योगों और बंदरगाह-आधारित गतिविधियों के कारण माल–ढुलाई की दृष्टि से भी अहम है। अकेली लाइन पर बढ़ता ट्रैफिक देरी और संचालन में जटिलता पैदा कर रहा था।

सरकार की मंजूरी के बाद इस परियोजना पर तेज गति से काम शुरू होगा, जिससे—

  • रेल संचालन अधिक सुरक्षित और निर्बाध होगा
  • मालगाड़ियों का टर्नअराउंड समय कम होगा
  • क्षेत्रीय व्यापार, पर्यटन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा
  • द्वारका जैसे धार्मिक शहर तक पहुंच और तेज व सुगम होगी

क्यों जरूरी था दोहरीकरण?

द्वारका, ओखा, जामनगर और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक इकाइयों, बंदरगाहों और पेट्रो-केमिकल सेक्टर की गतिविधियों में तेजी आई है। ट्रैफिक लोड बढ़ने के कारण एकल ट्रैक पर्याप्त नहीं था।
दोहरीकरण के बाद इस रूट की क्षमता दोगुनी हो जाएगी, जिससे पश्चिम रेलवे के इस महत्वपूर्ण सेक्शन पर परिचालन बेहद सुचारु हो जाएगा।


परियोजना 2: बदलापुर–कर्जत के बीच तीसरी और चौथी लाइन का निर्माण

मुंबई महानगर क्षेत्र में लोकल और लंबी दूरी की ट्रेनों को मिलेगी राहत

मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) दुनिया के सबसे व्यस्त रेल नेटवर्क में से एक है। प्रतिदिन लाखों यात्री लोकल ट्रेन सेवाओं का उपयोग करते हैं। बदलापुर–कर्जत सेक्शन ट्रेन संचालन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां लोकल, एक्सप्रेस और मालगाड़ियों का भारी दबाव रहता है।

नई तीसरी और चौथी लाइन निर्माण से—

  • लोकल ट्रेन सेवाओं की आवृत्ति बढ़ेगी
  • भीड़भाड़ में कमी आएगी
  • देरी और रद्दीकरण की घटनाएँ कम होंगी
  • संचालन सुरक्षित और अधिक कुशल होगा
  • लंबी दूरी की मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों का मार्ग भी सुचारु होगा

मुंबई की बढ़ती जनसंख्या के लिए भविष्य-उन्मुख समाधान

शहरी विस्तार और जनसंख्या वृद्धि के कारण मुंबई–ठाणे–पालघर–रायगढ़ कॉरिडोर पर भार तेजी से बढ़ा है। मौजूदा दो लाइनों ने क्षमता की सीमा छू ली थी। अतिरिक्त लाइनों के निर्माण से भीड़ प्रबंधन आसान होगा और यात्री सेवाओं में सुधार आएगा।


2,781 करोड़ रुपये का निवेश—रेलवे को मिलेगी नई ऊर्जा

मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई दोनों परियोजनाओं की संयुक्त लागत 2,781 करोड़ रुपये है। सरकार का मानना है कि यह निवेश दीर्घकालिक रूप से—

  • आर्थिक विकास
  • रोजगार सृजन
  • क्षेत्रीय कनेक्टिविटी सुधार
  • और उद्योगों के विस्तार

के लिए उत्प्रेरक का काम करेगा।

रेल मंत्रालय का अनुमान है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने पर रेल नेटवर्क का परिचालन भार कम से कम 30–40% तक घट जाएगा और समयबद्ध ट्रेन संचालन को बढ़ावा मिलेगा।


केंद्र सरकार का फोकस: हाई-कैपेसिटी, हाई-सुरक्षा रेल नेटवर्क

पिछले वर्षों में केंद्र सरकार ने रेलवे के आधुनिकीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। रेलवे सुरक्षा, डिजिटल सिग्नलिंग, ट्रैक दोहरीकरण, विद्युतीकरण, स्टेशन पुनर्विकास और हाई-स्पीड कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर निवेश किया जा रहा है।

मंजूर हुई दोनों परियोजनाएं “मेक इन इंडिया” और “पीएम गतिशक्ति” योजना के अनुरूप हैं, जिनका उद्देश्य है—

  • मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी
  • लॉजिस्टिक लागत में कमी
  • ट्रांसपोर्ट सेक्टर की समग्र दक्षता बढ़ाना

स्थानीय विकास को मिलेगा बढ़ावा

गुजरात में—

द्वारका, ओखा, जामनगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन, पेट्रो-केमिकल, मरीन उद्योग और पोर्ट सेक्टर को सीधे लाभ होगा।
यात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ स्थानीय बाजार, होटल उद्योग और धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।

महाराष्ट्र में—

मुंबई के पूर्वी उपनगरों—बदलापुर, अंबरनाथ, कर्जत, बैडापूर आदि—में आवागमन और आसान होगा।
कॉरिडोर में रियल एस्टेट और औद्योगिक क्षेत्रों में नई संभावनाएं पैदा होंगी।


समापन

द्वारका–कानालुस रेल लाइन का दोहरीकरण और बदलापुर–कर्जत तीसरी–चौथी लाइन परियोजना भारत के रेल तंत्र को नई मजबूती देने वाला बड़ा कदम है। सरकार का उद्देश्य है कि अगले दशक में भारत विश्व के उन देशों की सूची में शामिल हो जाए जिनके पास अत्याधुनिक, सुरक्षित और विश्वस्तरीय रेल नेटवर्क मौजूद है।

कुल 2,781 करोड़ रुपये का यह निवेश न केवल ट्रैफिक लोड को कम करेगा, बल्कि यात्रियों, उद्योगों और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के लिए दीर्घकालिक लाभ भी सुनिश्चित करेगा। केंद्र सरकार की यह मंजूरी आने वाले वर्षों में रेलवे को और अधिक गति, सुरक्षा और विश्वसनीयता प्रदान करेगी।

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