टनकपुर/खटीमा: उत्तराखंड के चंपावत जिले के सीमांत नगर टनकपुर से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ मानवता को ताक पर रखकर एक दुकानदार ने काम करने वाली महिलाओं की आर्थिक मजबूरी का सौदा किया। आरोपी ने न केवल महिलाओं का शारीरिक शोषण किया, बल्कि उनके अश्लील वीडियो बनाकर उन्हें लंबे समय तक मानसिक और भावनात्मक रूप से प्रताड़ित भी किया। चंपावत पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
एसपी रेखा यादव के कड़े तेवर: ‘ऑपरेशन न्याय’ के तहत कार्रवाई
मामला तब प्रकाश में आया जब पीड़ित महिलाओं ने हिम्मत जुटाकर अपनी आपबीती पुलिस के सामने रखी। चंपावत की पुलिस अधीक्षक (SP) रेखा यादव ने इस संवेदनशील मामले का स्वतः संज्ञान लिया और महिला अपराधों के प्रति अपनी ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति को स्पष्ट किया। एसपी के सख्त निर्देशों के बाद, सोमवार को कोतवाली टनकपुर में पीड़िताओं की तहरीर पर तत्काल मुकदमा दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि देवभूमि में महिलाओं की अस्मत से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने विवेचना अधिकारी को साक्ष्यों के संकलन और पीड़िताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कड़े आदेश दिए हैं।
मजबूरी का फायदा और हैवानियत की हदें
शिकायत के अनुसार, टनकपुर महिला यौन शोषण मामला आरोपी की उस दुकान से शुरू हुआ जहाँ पीड़िताओं ने रोजगार की तलाश में कदम रखा था। आरोपी और उसकी एक महिला सहयोगी ने इन महिलाओं को काम पर रखा। बताया जा रहा है कि पीड़ित महिलाएं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आती हैं।
जब पीड़िताओं ने अपने काम का मेहनताना माँगा, तो आरोपी ने उनकी आर्थिक तंगहाली का फायदा उठाना शुरू किया। आरोप है कि आरोपी ने उन्हें डराया-धमकाया और दुकान के भीतर ही उनके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। यह सिलसिला एक बार नहीं, बल्कि बार-बार चलता रहा। आरोपी ने पीड़िताओं के निजी पलों के अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए, जिन्हें हथियार बनाकर वह उन्हें ब्लैकमेल करने लगा।
ब्लैकमेलिंग का जाल: वीडियो वायरल करने की धमकी
आरोपी की दरिंदगी यहीं नहीं रुकी। जैसे ही पीड़िताओं ने विरोध करने की कोशिश की, उसने मोबाइल में कैद अश्लील वीडियो को सार्वजनिक करने और सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। इस डिजिटल ब्लैकमेलिंग के कारण पीड़ित महिलाएं गहरे सदमे और मानसिक दबाव में थीं। आरोपी उन्हें समाज में बदनाम करने का डर दिखाकर लगातार अपनी हवस का शिकार बनाता रहा।
पुलिसिया कार्रवाई: बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज
मामले की गंभीरता और अपराध की प्रकृति को देखते हुए, टनकपुर कोतवाली में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64 (दुष्कर्म) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
विवेचना की जिम्मेदारी महिला उपनिरीक्षक गुरविंदर को सौंपी गई, जिन्होंने बिना वक्त गंवाए जाल बिछाया और 50 वर्षीय आरोपी को उसके ठिकाने से धर दबोचा। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि डिलीट किए गए वीडियो और साक्ष्य बरामद किए जा सकें।
न्यायालय में पेशी और आगे की रणनीति
पुलिस ने आरोपी को स्थानीय न्यायालय में पेश किया है, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस अब आरोपी की पुलिस रिमांड लेने की तैयारी में है ताकि उसकी महिला सहयोगी की भूमिका और इस मामले से जुड़े अन्य संभावित पीड़ितों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी ने इस तरह के वीडियो का उपयोग किसी पोर्नोग्राफिक नेटवर्क के लिए किया था या केवल व्यक्तिगत ब्लैकमेलिंग तक ही सीमित था।
विशेषज्ञों की राय: कार्यस्थल पर सुरक्षा और जागरूकता
इस घटना ने एक बार फिर अनौपचारिक क्षेत्रों (Informal Sector) में काम करने वाली महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे कस्बों में काम करने वाली महिलाओं को अपने अधिकारों और ‘विशाखा गाइडलाइंस’ जैसी सुरक्षा नियमावली के बारे में जागरूक होना आवश्यक है।
चंपावत पुलिस की अपील: पुलिस ने जिले की महिलाओं से अपील की है कि यदि उनके साथ कार्यस्थल या कहीं भी किसी भी प्रकार का शोषण या ब्लैकमेलिंग होती है, तो वे डरे नहीं। पुलिस उनकी पहचान गुप्त रखते हुए त्वरित कार्रवाई करेगी।
टनकपुर महिला यौन शोषण मामला समाज के उस कड़वे सच को उजागर करता है जहाँ आर्थिक अभाव को ढाल बनाकर अपराधी अपनी मनमानी करते हैं। हालांकि, चंपावत पुलिस की त्वरित कार्रवाई ने पीड़िताओं के मन में न्याय की आस जगाई है। अब निगाहें न्यायालय की कार्रवाई पर हैं, जहाँ अपराधी को उसके किए की सख्त सजा मिलना तय माना जा रहा है।



