
देशभर में चर्चा का विषय बने इंदौर के चर्चित हनीमून मर्डर केस में मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को आखिरकार जमानत मिल गई है। लगभग 10 महीने जेल में बिताने के बाद अब उनकी रिहाई का रास्ता साफ हो गया है। जानकारी के अनुसार, अदालत ने उनकी जमानत याचिका मंजूर कर ली है, हालांकि विस्तृत आदेश अभी जारी होना बाकी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद सोनम को जल्द ही रिहा कर दिया जाएगा।
यह मामला मध्य प्रदेश के इंदौर के व्यापारी राजा रघुवंशी की हत्या से जुड़ा है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। इस केस में चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी सोनम रघुवंशी का नाम सामने आया, जिससे यह मामला और भी सनसनीखेज बन गया।
जांच पूरी, चार्जशीट दाखिल—जमानत का आधार
सोनम की ओर से दायर जमानत याचिका में यह दलील दी गई थी कि पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और अदालत में चार्जशीट भी दाखिल की जा चुकी है। साथ ही, उन्होंने जांच में पूरा सहयोग किया है और आगे भी सहयोग करने का भरोसा दिया है। लंबे समय से जेल में रहने और मामले की जांच पूरी होने को आधार बनाकर जमानत की मांग की गई थी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक, सोनम के पिता और चचेरे भाई जमानत की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए शिलांग पहुंच चुके हैं। संभावना जताई जा रही है कि सभी प्रक्रियाएं पूरी होते ही उन्हें उसी दिन रिहा कर दिया जाएगा।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला मई 2025 का है, जब इंदौर निवासी राजा रघुवंशी अपनी पत्नी सोनम के साथ हनीमून मनाने मेघालय गए थे। दोनों 21 मई को शिलांग पहुंचे और 26 मई को सोहरा (चेरापूंजी) घूमने के लिए निकले। उसी दिन दोनों अचानक लापता हो गए।
दंपति के लापता होने के बाद पुलिस ने बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस अभियान में स्थानीय पुलिस, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पर्वतारोहियों की टीमों ने हिस्सा लिया। कई दिनों तक चली खोज के बाद 2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा के वेई सादोंग फॉल्स के पास एक गहरी खाई से बरामद किया गया।
पांच आरोपियों की साजिश
जांच में सामने आया कि इस हत्या के पीछे एक सोची-समझी साजिश थी। पुलिस के अनुसार, इस केस में कुल पांच आरोपी हैं, जिनमें सोनम रघुवंशी, राज कुशवाहा और तीन अन्य हमलावर—विशाल चौहान, आकाश राजपूत और आनंद कुर्मी शामिल हैं।
पुलिस का दावा है कि सोनम और राज कुशवाहा के बीच कथित संबंध थे और दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की योजना बनाई थी। इसके लिए उन्होंने तीन हमलावरों को सुपारी देकर बुलाया था। जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या की वारदात सोनम की मौजूदगी में अंजाम दी गई, जहां आरोपियों ने राजा को घाटी में धक्का देकर मार डाला।
एक हफ्ते में गिरफ्तारी, 790 पन्नों की चार्जशीट
घटना के खुलासे के बाद पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए एक सप्ताह के भीतर सभी पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद विस्तृत जांच के आधार पर पुलिस ने करीब 790 पन्नों का आरोप-पत्र अदालत में दाखिल किया।
यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया था और इसकी सुनवाई मेघालय में चल रही है।
बाकी आरोपी अब भी जेल में
ध्यान देने वाली बात यह है कि अब तक सिर्फ सोनम रघुवंशी ने ही जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जबकि अन्य चार आरोपियों ने अभी तक जमानत की मांग नहीं की है। इसलिए फिलहाल वे सभी न्यायिक हिरासत में ही हैं।
देशभर में बना चर्चा का विषय
यह केस अपने आप में कई कारणों से चर्चा में रहा—हनीमून के दौरान हत्या, पत्नी पर ही साजिश का आरोप, और पूरी योजना का सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जाना। इसने रिश्तों, भरोसे और अपराध के बदलते स्वरूप पर भी कई सवाल खड़े किए।
अब जबकि सोनम रघुवंशी को जमानत मिल चुकी है, आगे की कानूनी प्रक्रिया और ट्रायल पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यह देखना अहम होगा कि अदालत में पेश साक्ष्य और गवाहों के आधार पर इस मामले में अंतिम फैसला क्या आता है।



