उत्तराखंडफीचर्ड

देहरादून एनकाउंटर: प्रेमनगर में पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामी बदमाश ढेर, 2014 में अंकित हत्याकांड का था मुख्य आरोपी

देहरादून, उत्तराखंड: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। थाना प्रेमनगर क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार रात पुलिस और बदमाशों के बीच हुई एक भीषण मुठभेड़ में 50 हजार रुपये का इनामी बदमाश मारा गया है। इस दौरान बदमाशों की ओर से की गई फायरिंग में थाना प्रभारी (SHO) प्रेमनगर नरेश राठौड़ भी गोली लगने से घायल हो गए हैं। घायल थाना प्रभारी और पीड़ित व्यक्ति को उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बनी हुई है।

इस घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए आईजी गढ़वाल और एसएसपी देहरादून ने देर रात प्रेमनगर क्षेत्र का दौरा किया और एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी।


क्या है पूरा घटनाक्रम?

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुधवार 29 अप्रैल 2026 की रात करीब 10:30 बजे प्रेमनगर थाना क्षेत्र के पौंधा इलाके में यह घटना हुई। ठेकेदार देवराज अपना कार्य समाप्त कर घर लौट रहे थे, तभी घात लगाए बैठे तीन बदमाशों ने उन्हें तमंचे के बल पर रोक लिया। बदमाशों ने ठेकेदार से 2 लाख रुपये से भरा बैग छीनने का प्रयास किया।

जब ठेकेदार ने विरोध किया, तो बदमाशों ने उन पर गोली चला दी। देवराज की पीठ में गोली लगने के बावजूद, उन्होंने अदम्य साहस का परिचय देते हुए तुरंत 112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही प्रेमनगर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई। पुलिस को देखते ही बदमाशों ने उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। दोनों ओर से करीब 10 राउंड फायरिंग हुई, जिसमें एक गोली थाना प्रभारी नरेश राठौड़ को लग गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार होने में सफल रहे।


एफएसएल और तकनीकी जांच से हुई पहचान

घटनास्थल पर पहुंची एफएसएल (FSL) की टीम और साइबर सेल की जांच के बाद मारे गए बदमाश की पहचान अकरम, निवासी शामली (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई।

पुलिस रिकॉर्ड्स की मानें तो अकरम एक बेहद शातिर अपराधी था, जिस पर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में हत्या, लूट और डकैती के 14 संगीन मुकदमे दर्ज थे। साल 2014 में बालावाला में हुए अंकित हत्याकांड का भी वह मुख्य आरोपी था, जिस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। अकरम को 2017 में देहरादून पुलिस ने अवैध असलहे के साथ गिरफ्तार किया था और बाद में वह जेल भी जा चुका था।


बरामदगी और पुलिस का एक्शन

एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि,

“मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश, थाना प्रभारी और पीड़ित ठेकेदार को प्राथमिक अस्पताल प्रेमनगर ले जाया गया, जहाँ से उन्हें कोरोनेशन अस्पताल रेफर कर दिया गया। इलाज के दौरान बदमाश की मृत्यु हो गई। घटनास्थल से एक देशी पिस्टल, एक तमंचा और लूटी गई शत-प्रतिशत धनराशि बरामद कर ली गई है।”

पुलिस अधीक्षक शामली को भी इस घटना के संबंध में सूचित कर दिया गया है। फिलहाल, फरार अन्य बदमाशों की धरपकड़ के लिए एसओजी (SOG) और स्थानीय थानों की टीमें सघन तलाशी अभियान चला रही हैं।


देहरादून में 17 साल बाद एनकाउंटर की चर्चा

इस घटना के बाद दून घाटी में एक बार फिर पुलिस एनकाउंटर की पुरानी यादें ताजा हो गई हैं। गौरतलब है कि 3 जुलाई 2009 को देहरादून के लाडपुर के जंगलों में रणवीर एनकाउंटर हुआ था, जिसमें 29 राउंड फायरिंग का दावा किया गया था। वह मामला काफी विवादों में रहा था और सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा था।

17 साल बाद हुई इस मुठभेड़ ने एक बार फिर उत्तराखंड में पुलिस और अपराधियों के बीच के टकराव और सुरक्षा व्यवस्था पर बहस छेड़ दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button