By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: CJI सूर्यकांत बोले: ‘न्यायाधीशों की दिनचर्या अत्यधिक तनावपूर्ण, ऊर्जा बनाए रखने को जरूरी है मनोरंजन’
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > CJI सूर्यकांत बोले: ‘न्यायाधीशों की दिनचर्या अत्यधिक तनावपूर्ण, ऊर्जा बनाए रखने को जरूरी है मनोरंजन’
देशफीचर्ड

CJI सूर्यकांत बोले: ‘न्यायाधीशों की दिनचर्या अत्यधिक तनावपूर्ण, ऊर्जा बनाए रखने को जरूरी है मनोरंजन’

The Hill India News
Last updated: November 29, 2025 2:07 pm
The Hill India News
Published: November 29, 2025
Share
SHARE

नई दिल्ली। भारत के प्रधान न्यायाधीश (CJI) न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने शनिवार को न्यायपालिका के कार्य-कलाप, न्यायाधीशों पर बढ़ते मानसिक दबाव और उनके स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की आवश्यकता पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। दिल्ली के त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में आयोजित ‘अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप’ के उद्घाटन समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि न्यायाधीशों के लिए शारीरिक और मानसिक रूप से फिट रहना बेहद आवश्यक है, क्योंकि उनका कार्य घंटों लंबा, जटिल और अत्यंत तनावपूर्ण होता है।

Contents
न्यायपालिका के काम की ‘लंबी और तनावपूर्ण’ प्रकृति पर CJI का जोर“मनोरंजन और खेल उम्र के अनुसार चुनें”हाई कोर्ट न्यायाधीशों की बड़ी संख्या में मौजूदगी को बताया सकारात्मक संकेतकानून मंत्री मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू भी रहे शामिलत्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दो दिवसीय चैंपियनशिप का आयोजनसमापन समारोह में शामिल होंगे शीर्ष न्यायाधीशन्यायपालिका में वेलनेस और फिटनेस की बढ़ती पहलनिष्कर्ष

सीजेआई सूर्यकांत ने स्पष्ट कहा कि न्यायाधीशों को अपने व्यस्त कार्यक्रम के बीच भी मनोरंजन और खेल जैसी गतिविधियों को अपने दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए, ताकि वे ऊर्जा, स्पष्टता और सकारात्मकता के साथ न्यायिक दायित्वों का निर्वहन कर सकें।


न्यायपालिका के काम की ‘लंबी और तनावपूर्ण’ प्रकृति पर CJI का जोर

उद्घाटन समारोह में न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने कहा कि देशभर में न्यायाधीश प्रतिदिन लंबी अवधि तक अदालतों में बैठते हैं, कई बार 8 से 10 घंटे तक लगातार काम करते हैं, और फैसला देने से पहले जटिल कानूनी पहलुओं पर गहन मनन करना पड़ता है। ऐसे में मानसिक दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा—
“न्यायाधीशों के काम के घंटे बहुत लंबे होते हैं। बैठने का समय भी लंबा होता है और कार्य अत्यधिक तनावपूर्ण है। ऐसे में हर न्यायाधीश को किसी न किसी मनोरंजक गतिविधि में नियमित रूप से हिस्सा लेना चाहिए। यह उनकी दिनचर्या का हिस्सा बनना ही चाहिए, ताकि वे खुद को तरोताजा और ऊर्जावान रख सकें।”

CJI ने कहा कि शारीरिक फिटनेस और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता सिर्फ स्वास्थ्य का मुद्दा नहीं बल्कि न्यायिक गुणवत्ता को मजबूत बनाए रखने का भी महत्वपूर्ण आधार है।


“मनोरंजन और खेल उम्र के अनुसार चुनें”

न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने न्यायाधीशों को सलाह दी कि वे अपनी आयु, क्षमता और पसंद के हिसाब से मनोरंजन या खेल गतिविधि का चयन करें। उन्होंने कहा कि अलग-अलग उम्र के लोगों के लिए अलग-अलग शारीरिक गतिविधियां उपयुक्त रहती हैं और इन्हें अपनाने से कार्यक्षमता में सीधा सुधार होता है।

उनके अनुसार,
“मनोरंजन कोई विलासिता नहीं, बल्कि मानसिक स्वास्थ्य के लिए एक आवश्यकता है। न्यायधीशों को अपनी उम्र के हिसाब से गतिविधियों का चयन कर उन्हें नियमित अभ्यास का हिस्सा बनाना चाहिए।”


हाई कोर्ट न्यायाधीशों की बड़ी संख्या में मौजूदगी को बताया सकारात्मक संकेत

उद्घाटन समारोह में देशभर के हाई कोर्ट के न्यायाधीश बड़ी संख्या में उपस्थित थे। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए CJI ने कहा कि यह उनके स्वास्थ्य और कल्याण के प्रति जागरूकता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि न्यायपालिका का काम न सिर्फ बौद्धिक रूप से चुनौतीपूर्ण है बल्कि उसे संतुलन में रखने के लिए शारीरिक स्वास्थ्य का ध्यान रखना भी महत्वपूर्ण है।


कानून मंत्री मेघवाल और केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू भी रहे शामिल

इस महत्वपूर्ण अवसर पर केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू, सुप्रीम कोर्ट के अनेक न्यायाधीश और देशभर के कई हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश उपस्थित रहे।

मेघवाल और रीजीजू दोनों ने न्यायपालिका के स्वास्थ्य और फिटनेस को प्राथमिकता देने जैसी पहल की सराहना की और इसे न्याय प्रणाली में दक्षता बढ़ाने का एक सकारात्मक कदम बताया।


त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में दो दिवसीय चैंपियनशिप का आयोजन

अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप का आयोजन दिल्ली के अत्याधुनिक त्यागराज स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया गया है। यह दो दिवसीय प्रतियोगिता न केवल खेल को बढ़ावा देने का मंच है, बल्कि देशभर के न्यायाधीशों को एक साथ लाकर सौहार्द, संवाद और सहयोग को भी बढ़ाती है।

प्रतियोगिता में देश के लगभग सभी राज्यों से आए न्यायाधीश भाग ले रहे हैं। आयोजन से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, प्रतियोगिता में सिंगल्स और डबल्स दोनों श्रेणियों में मुकाबले होंगे।


समापन समारोह में शामिल होंगे शीर्ष न्यायाधीश

चैंपियनशिप के समापन और पुरस्कार वितरण समारोह की अध्यक्षता रविवार को पूर्व प्रधान न्यायाधीश बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ करेंगे।

पूर्व अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी अबंतिका द्वारा इस पूरे आयोजन का नेतृत्व किया गया है। उनकी उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा और उत्साह दोनों को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया।


न्यायपालिका में वेलनेस और फिटनेस की बढ़ती पहल

हाल के वर्षों में न्यायपालिका ने कार्यस्थल तनाव को कम करने और बेहतर मानसिक स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं। कई अदालतों में योग, ध्यान, खेल और स्वास्थ्य चेतना संबंधी कार्यक्रमों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिट और मानसिक रूप से स्वस्थ न्यायाधीश न केवल बेहतर निर्णय लेते हैं, बल्कि न्याय वितरण प्रणाली में दक्षता भी बढ़ाते हैं।

CJI सूर्यकांत की यह अपील न्यायिक अधिकारियों को स्वास्थ्य और फिटनेस के लिए समय निकालने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश माना जा रहा है।


निष्कर्ष

अखिल भारतीय न्यायाधीश बैडमिंटन चैंपियनशिप केवल एक खेल आयोजन नहीं, बल्कि न्यायपालिका के स्वास्थ्य, आत्मअनुशासन और जीवन संतुलन को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत का यह संदेश—कि फिटनेस और मनोरंजन हर न्यायाधीश के जीवन का हिस्सा होना चाहिए—न सिर्फ न्यायपालिका बल्कि आम लोगों के लिए भी प्रेरणादायक है।

You Might Also Like

उत्तर प्रदेश: कानपुर में कुछ ही घंटों के भीतर 2 हादसों में 31 की मौत, 20 से अधिक घायल
भारत ने रचा इतिहास: श्रीहरिकोटा से लॉन्च हुआ पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट ‘विक्रम-1’, अंतरिक्ष क्षेत्र में नए युग की शुरुआत
Uttarakhand: बच्चों के लिए प्रतिबंधित कफ सिरप पर, सख्त हुई धामी सरकार
करवाचौथ पर उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, महिला कर्मचारियों को मिलेगा सार्वजनिक अवकाश
MP: उज्जैन की जनता को मुख्यमंत्री मोहन यादव की अनोखी सौगात, ‘इंडियन कॉफी हाउस’ का किया शुभारंभ
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

दिल्ली में हाई-वोल्टेज ड्रामा: राहुल, प्रियंका और अखिलेश यादव पुलिस हिरासत में, पीएम आवास के बाहर धरना स्थल छावनी में तब्दील

The Hill India News
The Hill India News
July 21, 2026
हरिद्वार आम महोत्सव में मुख्यमंत्री धामी का बड़ा ऐलान: किसान उत्तराखंड की असली ताकत, एप्पल मिशन पर 80% सब्सिडी और ‘हिमालय ब्रांड’ से ग्लोबल पहचान
उत्तराखंड हाईकोर्ट की पुलिस को सख्त फटकार: प्रभात ध्यानी की ट्रेन से गिरफ्तारी पर पूछा- क्या नागरिकों की स्वतंत्रता छीन ली गई है?
राहुल गांधी का 7 लोक कल्याण मार्ग पर धरना: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और पेपर लीक पर संसद से सड़क तक संग्राम
बारिश का महाअलर्ट: दिल्ली से हिमाचल और यूपी-बिहार तक मौसम का कहर, 20 राज्यों में भारी वर्षा की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
छात्रों के समर्थन में सड़क पर उतरी कांग्रेस: राहुल, प्रियंका और खड़गे का पीएम आवास तक मार्च, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘मेरी पीठ में खंजर घोंपा, सारे चोर भाजपा में चले गए’— ममता बनर्जी का बड़ा हमला, विपक्षी एकता की भी दोहराई अपील
मध्यप्रदेश में UCC को मिली विधानसभा की मंजूरी: हंगामे, ‘जय श्रीराम’ के नारों और तीखी बहस के बीच पास हुआ ऐतिहासिक विधेयक
पेपर लीक पर उत्तराखंड में उबाल: गैरसैंण से हल्द्वानी तक छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
‘लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में…’ बुलडोजर कार्रवाई पर हाईकोर्ट में मतभेद, अब चीफ जस्टिस तय करेंगे कानूनी दिशा
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?