Breaking: मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव का निधन, लखनऊ के सिविल अस्पताल में मृत लाए गए; जांच में जुटी पुलिस
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति के सबसे रसूखदार परिवारों में से एक, ‘यादव परिवार’ से एक स्तब्ध कर देने वाली खबर सामने आ रही है। समाजवादी पार्टी के संस्थापक दिवंगत मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेता अपर्णा यादव के पति, प्रतीक यादव का संदिग्ध परिस्थितियों में निधन हो गया है। बुधवार सुबह करीब 6:15 बजे उन्हें लखनऊ के हजरतगंज स्थित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) अस्पताल लाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
इस खबर के फैलते ही लखनऊ के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है। अस्पताल के बाहर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन बेहद सतर्कता बरत रहा है।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत
अस्पताल के शीर्ष सूत्रों और पुलिस अधिकारियों से मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव को उनके परिवार के सदस्य सुबह तड़के अस्पताल लेकर पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि जब उन्हें इमरजेंसी वार्ड में लाया गया, तब तक उनकी सांसें थम चुकी थीं। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (Brought Dead) घोषित कर दिया।
विशेष बात यह है कि शुरुआती जानकारी के मुताबिक, जब प्रतीक को अस्पताल लाया गया, तब उनकी पत्नी और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव उनके साथ मौजूद नहीं थीं। हालांकि, घटना की जानकारी मिलते ही परिवार के अन्य वरिष्ठ सदस्य और राजनीतिक शुभचिंतक अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं।
रहस्यमयी परिस्थितियों में बिगड़ी तबीयत
परिवार की ओर से दी गई शुरुआती जानकारी के अनुसार, प्रतीक यादव अपने घर पर सो रहे थे। सुबह अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और वह अचेत हो गए। आनन-फानन में परिजन उन्हें सिविल अस्पताल ले गए, लेकिन चिकित्सा सहायता मिलने से पहले ही उनका निधन हो गया।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस विभाग के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रतीक के शरीर पर प्रथम दृष्टया संघर्ष या चोट के कोई बाहरी निशान नहीं पाए गए हैं। इसी कारण मामला और भी रहस्यमयी हो गया है कि आखिर स्वस्थ दिखने वाले और फिटनेस के प्रति बेहद सजग रहने वाले प्रतीक यादव की अचानक मृत्यु कैसे हुई।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर टिकी सबकी निगाहें
लखनऊ पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है और पंचनामे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने डॉक्टरों के एक विशेष पैनल द्वारा पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह एक हाई-प्रोफाइल मामला है, इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार करना अनिवार्य है।
लखनऊ के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, “हमें सुबह सिविल अस्पताल से सूचना मिली थी। फिलहाल मौत के कारणों के बारे में कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा, जिसकी वीडियोग्राफी भी कराई जा सकती है, ताकि मौत की असली वजह—चाहे वह कार्डियक अरेस्ट हो या कुछ और—पूरी तरह स्पष्ट हो सके।”
राजनीति से दूर, फिटनेस और बिजनेस के थे शौकीन
प्रतीक यादव, मुलायम सिंह यादव और उनकी दूसरी पत्नी साधना गुप्ता के बेटे थे। जहाँ यादव परिवार का लगभग हर सदस्य प्रत्यक्ष राजनीति में सक्रिय है, वहीं प्रतीक ने हमेशा खुद को सियासी चमक-धमक से दूर रखा। उन्होंने अपनी पहचान एक सफल बिजनेसमैन और फिटनेस आइकन के रूप में बनाई थी। वह लखनऊ में अपनी वर्ल्ड-क्लास जिम ‘आयरन कोर’ और रियल एस्टेट बिजनेस के लिए जाने जाते थे।
उनकी पत्नी, अपर्णा यादव, सक्रिय राजनीति में हैं और हाल के वर्षों में उन्होंने समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था। प्रतीक को अक्सर सार्वजनिक मंचों पर अपर्णा के साथ देखा जाता था, लेकिन उन्होंने कभी भी चुनाव लड़ने या राजनीतिक पद की आकांक्षा जाहिर नहीं की थी।
सियासी जगत में शोक की लहर
भले ही परिवार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन प्रतीक यादव के निधन की खबर ने उत्तर प्रदेश के राजनीतिक हलकों में शोक की लहर दौड़ा दी है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस दुखद समाचार पर संवेदना व्यक्त करना शुरू कर दिया है। सोशल मीडिया पर भी उनके असामयिक निधन को लेकर गहरा दुख जताया जा रहा है।
अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और किसी भी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है। पुलिस प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने और अफवाहों को रोकने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है।



