By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: AI कभी नहीं ले सकता डॉक्टर की संवेदनाओं की जगह: एम्स दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरक संबोधन
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > AI कभी नहीं ले सकता डॉक्टर की संवेदनाओं की जगह: एम्स दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरक संबोधन
देशफीचर्ड

AI कभी नहीं ले सकता डॉक्टर की संवेदनाओं की जगह: एम्स दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति का प्रेरक संबोधन

The Hill India News
Last updated: May 13, 2026 1:48 am
The Hill India News
Published: May 13, 2026
Share
SHARE

नई दिल्ली: देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), दिल्ली के 51वें दीक्षांत समारोह में मंगलवार को चिकित्सा जगत के भविष्य और तकनीक के समन्वय पर एक महत्वपूर्ण विमर्श देखने को मिला। समारोह के मुख्य अतिथि उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने उभरती हुई तकनीक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और चिकित्सा नैतिकता के बीच की बारीक लकीर को रेखांकित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि तकनीक चाहे कितनी भी उन्नत क्यों न हो जाए, वह मरीज के बिस्तर के पास खड़े एक डॉक्टर के नैतिक दायित्व और मानवीय स्पर्श का स्थान कभी नहीं ले सकती।

Contents
AI बनाम मानवीय संवेदना: तकनीक की सीमाएँडॉक्टरों से अपील: ‘मरीजों के बेतुके सवालों पर न खोएं धैर्य’प्रतिभा पलायन पर रोक और स्वदेश सेवा का आह्वानस्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और एम्स की भूमिका

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा भी उपस्थित रहे, जहाँ देश के भविष्य के डॉक्टरों को डिग्री प्रदान की गई और उन्हें राष्ट्र सेवा का संकल्प दिलाया गया।

AI बनाम मानवीय संवेदना: तकनीक की सीमाएँ

उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने अपने संबोधन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रभाव को स्वीकार किया, लेकिन डॉक्टरों को आगाह भी किया। उन्होंने कहा, “आज AI-संचालित तकनीक चिकित्सा सहित हर क्षेत्र में अपनी पैठ बना रही है। निदान (Diagnosis) से लेकर उपचार की योजना बनाने तक में इसकी मदद ली जा रही है। लेकिन, एक डॉक्टर की ‘नैतिक जिम्मेदारी’ और उसका ‘मानवीय स्पर्श’ ऐसी चीजें हैं जिन्हें कोई भी कोड या एल्गोरिदम रिप्लेस नहीं कर सकता।”

उन्होंने डॉक्टरों को याद दिलाया कि एक मरीज जब अस्पताल आता है, तो वह केवल इलाज नहीं, बल्कि ढांढस और सहानुभूति की तलाश में भी होता है। उपराष्ट्रपति के शब्दों में, “आपकी चिकित्सा पद्धति से अधिक प्रभावी आपके द्वारा कहे गए कुछ विनम्र शब्द और मरीज के प्रति दिखाई गई संवेदना हो सकती है। कई बार दवा से ज्यादा असर एक डॉक्टर का सकारात्मक व्यवहार करता है।”

डॉक्टरों से अपील: ‘मरीजों के बेतुके सवालों पर न खोएं धैर्य’

चिकित्सा के पेशे में बढ़ते दबाव और डॉक्टरों के सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने ‘धैर्य’ को एक अनिवार्य गुण बताया। उन्होंने युवा डॉक्टरों से विशेष अपील की कि वे मरीजों के प्रति अधिक सहनशील बनें।

अक्सर ग्रामीण या कम शिक्षित पृष्ठभूमि से आने वाले मरीज बीमारी के डर से कई बार ‘बेतुके’ या ‘अजीब’ सवाल पूछ सकते हैं। उपराष्ट्रपति ने कहा, “जब मरीज आपसे सवाल पूछें, तो चिढ़ने के बजाय धैर्य रखें। यदि आप उन्हें सरल भाषा में चीजों को समझाएंगे, तो वे निश्चित रूप से समझेंगे। एक डॉक्टर और मरीज के बीच का संवाद ही उपचार की पहली सीढ़ी है।”

प्रतिभा पलायन पर रोक और स्वदेश सेवा का आह्वान

दीक्षांत समारोह में उपराष्ट्रपति ने ‘ब्रेन ड्रेन’ (प्रतिभा पलायन) के मुद्दे को भी छुआ। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि वे ज्ञान के विस्तार के लिए दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित संस्थानों में जाएं और वहां के अनुभवों को सीखें। लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि शिक्षा और विशेषज्ञता प्राप्त करने के बाद उन्हें अपनी मातृभूमि की सेवा के लिए वापस लौटना चाहिए।

उन्होंने कहा, “विदेश जाकर अध्ययन करने के अवसर को कभी न गवाएं, लेकिन यह हमेशा याद रखें कि आपके देश और यहां के लोगों को आपकी सेवाओं की सबसे अधिक आवश्यकता है। विकसित भारत के निर्माण में डॉक्टरों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।”

स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार और एम्स की भूमिका

समारोह के दौरान उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना के तहत देश के विभिन्न हिस्सों में नए एम्स (AIIMS) खोलने के सरकार के निर्णय की सराहना की। उन्होंने कहा कि अब दूर-दराज के क्षेत्रों के लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दिल्ली की ओर नहीं भागना पड़ता। क्षेत्रीय स्तर पर एम्स की उपलब्धता ने न केवल दिल्ली एम्स का बोझ कम किया है, बल्कि अंतिम छोर तक उत्कृष्ट स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई हैं।

उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की भी प्रशंसा की, जिसने छात्रों की बढ़ती आकांक्षाओं को देखते हुए कई राज्यों में नए चिकित्सा और नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना की है। उपराष्ट्रपति ने विश्वास जताया कि ये कदम भविष्य में देश की स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक सशक्त बनाएंगे।

एम्स का 51वां दीक्षांत समारोह केवल डिग्री वितरण का उत्सव नहीं रहा, बल्कि इसने चिकित्सा के आधुनिक युग में नैतिकता, तकनीक और राष्ट्रीय कर्तव्य का एक रोडमैप भी तैयार किया। उपराष्ट्रपति के संबोधन ने युवा डॉक्टरों को यह संदेश दिया कि तकनीक एक उपकरण हो सकती है, लेकिन उपचार की असली शक्ति मानवीय सहानुभूति और धैर्य में ही निहित है।

You Might Also Like

New Delhi: नए संसद का उद्घाटन पीएम के बजाय राष्ट्रपति जी को करना चाहिए: राहुल गांधी
NCR में बड़ा बदलाव संभव: दिल्ली से 100 किमी तक सिमट सकता है दायरा, हरियाणा के 5 जिले हो सकते हैं बाहर
तमिलनाडु में विजय सरकार का बड़ा मंत्रिमंडल विस्तार, 21 TVK और 2 कांग्रेस विधायक बने मंत्री, सहयोगी दलों को अभी इंतजार
उत्तराखण्ड : मुख्यमंत्री धामी ने मुख्य सेवक सदन में ‘मोदी @ 20 ड्रीम्स मीट डिलीवरी’ पुस्तक पर चर्चा एवं विचार गोष्ठी में प्रतिभाग किया
चंडीगढ़ में दो इंटर-स्टेट ड्रग रैकेट्स का भंडाफोड़: 12 आरोपी गिरफ्तार, 8.15 करोड़ की ड्रग्स जब्त
TAGGED:AIIMS Delhi NewsJP Nadda AIIMS EventMedical Ethics and AIMoral Responsibility for DoctorsVice President CP Radhakrishnan
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
फीचर्डस्पोर्ट्स

फीफा वर्ल्ड कप 2026: डेम्बेले की खौफनाक हैट्रिक से फ्रांस ने नॉर्वे को उड़ाया, सेनेगल ने इराक को 5-0 से रौंदकर जिंदा रखीं उम्मीदें

The Hill India News
The Hill India News
June 27, 2026
अलीगढ़ में AIMIM नेता का खौफनाक एलान, BJP नेता नाजिया इलाही की जुबान काटने वाले को 1 लाख का इनाम
रुड़की में मामा की बेटी से लव मैरिज की खौफनाक सजा, सगे मामा ने बीच बाजार भांजे को चाकुओं से गोदकर मार डाला
मध्य भारत को पार कर यूपी-उत्तराखंड की ओर बढ़ा मानसून, मुंबई में भारी आफत का ‘ऑरेंज अलर्ट’, दिल्ली-NCR में भी बदलेगा मौसम
वेनेजुएला में कुछ ही मिनटों में आए दो शक्तिशाली भूकंप, राजधानी काराकास में इमारतें जमींदोज, सुनामी का हाई अलर्ट
हरिद्वार में बड़ा हादसा टला: BHEL क्षेत्र में नर्सिंग छात्राओं से भरी कॉलेज बस का CNG सिलेंडर लीक, मची अफरा-तफरी
डिजिटल गवर्नेंस की ओर देहरादून के बढ़ते कदम: सरकारी दफ्तरों को पूरी तरह ‘पेपरलेस’ बनाने की तैयारी, अफसरों को मिला ई-ऑफिस का व्यावहारिक पाठ
उत्तराखंड में हाई अलर्ट: चारधाम समेत धार्मिक स्थलों को बम से उड़ाने की धमकी, अभेद्य किले में तब्दील हुए केदारनाथ-बदरीनाथ; सुरक्षा एजेंसियां मुस्तैद
उत्तराखंड की बेटी सपना राणा को जर्मनी में मिली ₹3.30 लाख की नौकरी, CM धामी की वैश्विक रोजगार योजना का बड़ा असर
प्यार, साजिश और मौत: मंगेतर सिया ने प्रेमी के साथ मिलकर रचा केतन की हत्या का खौफनाक खेल, कैफे में बना था पूरा प्लान
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?