
सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला, जिससे आम ग्राहकों से लेकर बड़े निवेशकों तक सभी असमंजस की स्थिति में नजर आए। कभी तेजी तो कभी गिरावट के बीच बाजार का हाल बिल्कुल “पल में तोला, पल में माशा” जैसा दिखाई दिया। 18 मई, सोमवार को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में सोना-चांदी की कीमतों ने कई बार करवट बदली, जिसके चलते निवेशकों को बाजार की दिशा समझने में मुश्किल हो रही है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स पर सुबह के कारोबार में सोने और चांदी दोनों की शुरुआत गिरावट के साथ हुई थी। हालांकि कुछ ही देर बाद दोनों धातुओं में तेजी लौटती दिखाई दी, लेकिन दोपहर तक पहुंचते-पहुंचते चांदी में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि सोना मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहा।
एमसीएक्स पर सुबह करीब 11:45 बजे पांच जून डिलीवरी वाला सोना 173 रुपये यानी 0.11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1,58,720 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया। दूसरी ओर तीन जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 1,085 रुपये यानी 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,70,801 रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड करती नजर आई।
यदि दिन की शुरुआत की बात करें तो सोने के पांच जून 2026 कॉन्ट्रैक्ट ने पिछली क्लोजिंग 1,58,547 रुपये के मुकाबले 471 रुपये की कमजोरी के साथ 1,58,076 रुपये पर कारोबार शुरू किया था। हालांकि शुरुआती कारोबार के दौरान इसमें तेजी लौट आई और सुबह करीब 9:15 बजे यह 133 रुपये की बढ़त के साथ 1,58,680 रुपये तक पहुंच गया। कारोबार के दौरान सोने ने 1,57,547 रुपये का न्यूनतम स्तर और 1,58,547 रुपये का उच्चतम स्तर छुआ।
वहीं चांदी के तीन जुलाई 2026 कॉन्ट्रैक्ट की शुरुआत भी भारी गिरावट के साथ हुई। पिछली क्लोजिंग 2,71,886 रुपये के मुकाबले यह 4,486 रुपये टूटकर 2,67,400 रुपये पर खुली थी। हालांकि शुरुआती कारोबार में चांदी में तेजी देखने को मिली और यह 2,72,650 रुपये तक पहुंच गई थी, लेकिन बाद में इसमें फिर गिरावट आ गई। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,64,949 रुपये का न्यूनतम स्तर और 2,74,145 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया।
स्थानीय सर्राफा बाजार की बात करें तो यहां भी कीमतों में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। देश के विभिन्न ज्वेलरी बाजारों में 24 कैरेट सोना लगभग 1,56,220 रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बिक रहा है। वहीं 22 कैरेट सोने की कीमत करीब 1,43,200 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। इसके अलावा 18 कैरेट सोना लगभग 1,17,170 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर कारोबार करता दिखाई दिया।
चांदी के दामों में भी बड़ा बदलाव देखने को मिला। स्थानीय बाजारों में चांदी की कीमत रविवार के मुकाबले करीब 10 हजार रुपये अधिक होकर लगभग 2,90,000 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई। हालांकि अलग-अलग शहरों और बाजारों में टैक्स तथा मेकिंग चार्ज के कारण कीमतों में थोड़ा अंतर देखने को मिल सकता है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी की चाल कमजोर दिखाई दी। कॉमेक्स पर सोने की कीमत में लगभग 0.39 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में करीब 2.28 प्रतिशत की कमजोरी देखने को मिली। वैश्विक बाजार में कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ने की सबसे बड़ी वजह अमेरिकी बॉन्ड यील्ड और डॉलर इंडेक्स को माना जा रहा है।
जानकारों के अनुसार अमेरिका के 10 वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 4.65 प्रतिशत के स्तर पर पहुंचने से डॉलर मजबूत हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ जाता है, क्योंकि निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर और बॉन्ड की तरफ रुख करने लगते हैं। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना और चांदी दबाव में दिखाई दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि मौजूदा समय में वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और भू-राजनीतिक तनाव जैसे कई कारक सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर रहे हैं। इसी कारण बाजार में अस्थिरता लगातार बनी हुई है।
हालांकि हालिया गिरावट के बावजूद लंबे समय में सोना और चांदी निवेशकों को शानदार रिटर्न देने में सफल रहे हैं। पिछले एक वर्ष के दौरान डॉलर के मुकाबले सोने ने 40 प्रतिशत से अधिक का रिटर्न दिया है, जबकि चांदी ने 131 प्रतिशत से ज्यादा का जबरदस्त रिटर्न देकर निवेशकों को चौंका दिया है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में भी सोना और चांदी में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में फैसले लेने से बचना चाहिए और बाजार की चाल पर नजर बनाए रखनी चाहिए। खासतौर पर छोटे निवेशकों को विशेषज्ञों की सलाह के बाद ही निवेश करना चाहिए, क्योंकि मौजूदा समय में बाजार काफी अस्थिर बना हुआ है।
त्योहारी और शादी के सीजन के चलते स्थानीय बाजारों में सोने और चांदी की मांग बनी हुई है, लेकिन कीमतों में लगातार बदलाव से ग्राहक भी उलझन में हैं। कई लोग दाम स्थिर होने का इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ निवेशक गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं। आने वाले दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और वैश्विक बाजार के संकेतों के आधार पर सोना-चांदी की दिशा तय होगी।



