
भोपाल में हुई ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब लगातार गंभीर होता जा रहा है। हर दिन सामने आ रहे नए खुलासे इस मामले को और उलझा रहे हैं। अब ट्विशा शर्मा की मौत से कुछ दिन पहले की आखिरी इंस्टाग्राम चैट सामने आई है, जिसने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया है। इन चैट्स में ट्विशा ने अपनी सहेली से जो बातें कही थीं, उनमें उनका दर्द, डर और बेबसी साफ झलक रही है।
ट्विशा ने अपनी दोस्त मीनाक्षी को इंस्टाग्राम पर मैसेज करते हुए लिखा था, “मैं फंस गई हूं यार… तुम मत फंसना. ज्यादा बात नहीं कर सकती. सही समय आने पर कॉल करूंगी.” यह संदेश अब सोशल मीडिया और मीडिया रिपोर्ट्स में चर्चा का केंद्र बना हुआ है। इस चैट को पढ़ने के बाद उनकी दोस्त भी घबरा गई थी और उसने जवाब में लिखा था, “मुझे तुम्हारी चिंता हो रही है. मैं तुमसे बहुत प्यार करती हूं.”
इन चैट्स ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शादी के महज कुछ महीनों बाद ट्विशा किस तरह के मानसिक दबाव और प्रताड़ना से गुजर रही थीं। परिवार का आरोप है कि ट्विशा लगातार मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न का सामना कर रही थीं और उन्होंने कई बार मदद की गुहार भी लगाई थी।
पांच महीने पहले हुई थी शादी
जानकारी के मुताबिक, नोएडा निवासी ट्विशा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। समर्थ सिंह पेशे से वकील हैं और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के बेटे बताए जा रहे हैं। दोनों की मुलाकात मैट्रिमोनियल साइट और डेटिंग ऐप के जरिए हुई थी। शुरुआत में दोनों परिवारों के बीच रिश्ते अच्छे रहे और शादी धूमधाम से संपन्न हुई।
परिवार के अनुसार शादी के शुरुआती कुछ समय तक सब कुछ सामान्य दिखाई देता था, लेकिन धीरे-धीरे ट्विशा का व्यवहार बदलने लगा। वह तनाव में रहने लगी थीं और अक्सर अपने माता-पिता से परेशानियों का जिक्र करती थीं।
बताया जा रहा है कि शादी के कुछ समय बाद ट्विशा का गर्भपात भी हुआ था, जिसके बाद उनकी मानसिक स्थिति और ज्यादा खराब हो गई थी। परिवार का आरोप है कि ससुराल पक्ष लगातार उन पर शक करता था और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था।
मां-पिता को भेजे आखिरी व्हाट्सएप मैसेज ने बढ़ाई चिंता
इंस्टाग्राम चैट से पहले ट्विशा के आखिरी व्हाट्सएप मैसेज भी सामने आए थे, जो उन्होंने अपनी मौत से पांच दिन पहले अपनी मां और पिता को भेजे थे। इन संदेशों में ट्विशा ने जो बातें लिखीं, उन्होंने परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया।
ट्विशा ने अपने माता-पिता को लिखा था, “बहुत परेशान हूं… ये लोग बहुत घटिया हैं. शक करते हैं. समर्थ पूछता है कि मेरे पेट में किसका बच्चा है. मुझे यहां से ले जाओ. ये लोग मुझे जीने नहीं देंगे.”
इन संदेशों से साफ संकेत मिलता है कि ट्विशा गंभीर मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। परिवार का कहना है कि उन्होंने कई बार बेटी को वापस लाने की कोशिश की, लेकिन हालात सुधरने की उम्मीद में मामला शांत कराने का प्रयास करते रहे।
फंदे पर लटका मिला शव
12 मई 2026 की रात भोपाल के कटारा हिल्स इलाके स्थित घर में ट्विशा शर्मा का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
शुरुआती जांच में इसे आत्महत्या बताया गया, लेकिन बाद में सामने आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कई सवाल खड़े कर दिए। शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि ट्विशा के शरीर पर कई जगह चोटों के निशान पाए गए थे।
अब परिवार का आरोप है कि यह केवल आत्महत्या का मामला नहीं हो सकता और पूरी घटना की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। परिवार ने इसे दहेज प्रताड़ना और घरेलू हिंसा से जुड़ा मामला बताया है।
भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा है शव
घटना के सात दिन बाद भी ट्विशा का शव भोपाल एम्स की मर्चुरी में रखा हुआ है। परिवार दोबारा पोस्टमार्टम की मांग कर रहा है। उनका कहना है कि पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर उन्हें भरोसा नहीं है और मामले की जांच किसी दूसरे राज्य में होनी चाहिए।
परिजनों का आरोप है कि मामले में प्रभावशाली लोगों का दबाव बनाया जा रहा है। इसी वजह से परिवार निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, शव अब डीकंपोज होने लगा है, लेकिन प्रशासन का कहना है कि कोर्ट के आदेश के बिना दोबारा पोस्टमार्टम नहीं कराया जा सकता।
मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठा परिवार
न्याय की मांग को लेकर ट्विशा के माता-पिता और भाई नोएडा से भोपाल पहुंचे और मुख्यमंत्री आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। परिवार ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मांग की कि मामले की जांच निष्पक्ष एजेंसी से कराई जाए।
प्रदर्शन के बाद मृतका के पिता और भाई ने मुख्यमंत्री के ओएसडी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने दो मुख्य मांगें रखीं—
पहली, ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम दिल्ली एम्स में कराया जाए।
दूसरी, मामले की सुनवाई किसी दूसरे राज्य में हो ताकि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके।
परिवार का कहना है कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है और वे बेटी के लिए न्याय चाहते हैं।
मामले की जांच के लिए SIT गठित
मामले की गंभीरता और बढ़ते दबाव को देखते हुए भोपाल पुलिस ने इस केस की जांच के लिए 6 सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है।
यह SIT रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह पर लगे आरोपों की जांच करेगी। पुलिस का कहना है कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है और डिजिटल चैट्स, कॉल रिकॉर्ड, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य सबूतों को खंगाला जा रहा है।
हालांकि परिवार का कहना है कि केवल SIT बनाने से उन्हें संतोष नहीं मिलेगा, जब तक जांच पूरी तरह पारदर्शी तरीके से नहीं होती।
सोशल मीडिया पर उठ रहे सवाल
ट्विशा शर्मा की चैट्स सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी लोगों का गुस्सा देखने को मिल रहा है। कई लोग इस मामले को घरेलू हिंसा और मानसिक प्रताड़ना से जोड़कर देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर “Justice for Twisha” जैसे अभियान भी चल रहे हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर ट्विशा लगातार मदद की गुहार लगा रही थीं, तो समय रहते उनकी सहायता क्यों नहीं हो सकी।
महिला अधिकार संगठनों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि अगर किसी महिला ने अपनी पीड़ा के संकेत पहले ही दे दिए थे, तो उन संकेतों को गंभीरता से लिया जाना चाहिए था।
कई सवाल अब भी बाकी
इस पूरे मामले में अभी कई सवालों के जवाब मिलना बाकी हैं। क्या ट्विशा सच में मानसिक प्रताड़ना का शिकार थीं? शरीर पर मिले चोटों के निशान कैसे आए? क्या यह आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और सच्चाई छिपी है?
इन सभी सवालों के जवाब अब SIT जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया से सामने आएंगे। फिलहाल ट्विशा शर्मा की आखिरी चैट ने पूरे देश को झकझोर दिया है और एक बार फिर घरेलू हिंसा तथा मानसिक प्रताड़ना जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।



