लखनऊ में ट्रेन से मिली महिला की सिर कटी लाश: बॉक्स और बैग में कई टुकड़ों में मिला शव, जांच में जुटीं तीन टीमें

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर खड़ी लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस ट्रेन के स्लीपर कोच से एक महिला का सिर कटा शव बरामद हुआ है। शव को इतनी बेरहमी से काटा गया था कि उसके हाथ-पैर अलग-अलग कर बैग और बॉक्स में भर दिए गए थे। इस खौफनाक वारदात के सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन, जीआरपी और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
मामला उस समय सामने आया जब ट्रेन गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने के बाद सफाई कर्मचारी कोच की सफाई करने अंदर पहुंचे। पूरी ट्रेन खाली हो चुकी थी, लेकिन एक संदिग्ध बॉक्स सीट के नीचे जबरदस्ती ठूंसा हुआ दिखाई दिया। बॉक्स के किनारे खून के धब्बे दिखाई देने पर कर्मचारियों को शक हुआ और उन्होंने तुरंत रेलवे प्रशासन को इसकी सूचना दी। जब बॉक्स को बाहर निकालकर खोला गया तो अंदर का दृश्य देखकर हर कोई दंग रह गया।
बॉक्स में मिला सिर कटा धड़, बैग में मिले हाथ-पैर
पुलिस के अनुसार ट्रेन के एस-1 कोच में रखे बॉक्स के अंदर महिला का सिर कटा धड़ मिला। वहीं एक अलग बैग में महिला के कटे हुए हाथ और पैर पॉलीथीन में पैक करके रखे गए थे। शव को कई हिस्सों में काटकर अलग-अलग तरीके से छिपाया गया था।
घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और पूरे कोच को खाली कराकर जांच शुरू की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है क्योंकि शव का सिर गायब है। पुलिस का अनुमान है कि महिला की उम्र करीब 25 से 35 साल के बीच हो सकती है।
दो दिन पुराना बताया जा रहा शव
प्रारंभिक जांच में जीआरपी ने आशंका जताई है कि शव लगभग दो दिन पुराना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार महिला की गला रेतकर हत्या की गई हो सकती है। शव पर कई चोटों के निशान भी मिले हैं, खासकर गले और कंधे के आसपास।
पुलिस का कहना है कि महिला ने मरने से पहले काफी संघर्ष किया होगा। शव की स्थिति देखकर यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है।
जीआरपी के अनुसार हत्यारे ने पहले महिला की हत्या की और फिर शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई। संभवतः कुछ समय तक शव को कहीं छिपाकर रखा गया और बाद में ट्रेन में रख दिया गया ताकि पुलिस जांच को भ्रमित किया जा सके।
सफाई कर्मचारियों की सतर्कता से खुला मामला
अगर सफाई कर्मचारियों ने समय रहते संदिग्ध बॉक्स पर ध्यान नहीं दिया होता, तो शायद यह मामला देर से सामने आता। कर्मचारियों ने बॉक्स पर खून के धब्बे देखकर तुरंत रेलवे प्रशासन को सूचना दी।
रेलवे अधिकारियों ने तुरंत आरपीएफ और जीआरपी को बुलाया। इसके बाद बम स्क्वॉड और फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। पूरे कोच की गहन जांच की गई ताकि कोई अन्य सबूत मिल सके।
सफाई कर्मचारियों की सतर्कता की अब रेलवे प्रशासन भी सराहना कर रहा है।
रेलवे एसपी ने क्या कहा?
लखनऊ रेलवे एसपी रोहित मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि छपरा से गोमतीनगर आने वाली ट्रेन में रूटीन जांच के दौरान रेलवे कर्मचारियों को एक संदिग्ध बॉक्स और बैग मिला था।
उन्होंने कहा कि बॉक्स के अंदर महिला का धड़ था, जबकि हाथ-पैर अलग-अलग पॉलीथीन में पैक करके बैग में रखे गए थे। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और पहचान की कोशिश की जा रही है।
एसपी के अनुसार सिर गायब होने के कारण महिला की पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और जांच के लिए तीन विशेष टीमें गठित की गई हैं।
20 स्टेशनों से गुजरती है यह ट्रेन
लखनऊ-छपरा एक्सप्रेस बिहार के छपरा से शुरू होकर गोरखपुर होते हुए लखनऊ के गोमतीनगर स्टेशन तक पहुंचती है। इस दौरान ट्रेन करीब 20 रेलवे स्टेशनों से गुजरती है।
जीआरपी को आशंका है कि शव से भरा बॉक्स किसी स्टेशन पर ट्रेन में रखा गया होगा। पुलिस विशेष रूप से बिहार के थावे स्टेशन पर ध्यान केंद्रित कर रही है क्योंकि ट्रेन वहां करीब आधे घंटे तक रुकती है।
इसके अलावा गोरखपुर और बीच के अन्य स्टेशनों की सीसीटीवी फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि बॉक्स ट्रेन में कब और किसने रखा।
सीसीटीवी फुटेज और यात्रियों की जानकारी खंगाल रही पुलिस
पुलिस अब ट्रेन के पूरे रूट की सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। रेलवे स्टेशनों पर लगे कैमरों के जरिए यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि संदिग्ध बॉक्स और बैग को ट्रेन में कौन लेकर चढ़ा था।
इसके अलावा रेलवे रिजर्वेशन डेटा की भी जांच की जा रही है। एस-1 कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों की सूची तैयार की जा रही है ताकि संदिग्ध लोगों की पहचान की जा सके।
फॉरेंसिक टीम भी बॉक्स, बैग और पॉलीथीन से फिंगरप्रिंट और अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है।
हत्या के पीछे क्या हो सकता है मकसद?
फिलहाल हत्या के पीछे की वजह साफ नहीं हो सकी है, लेकिन पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है।
पुलिस को शक है कि यह मामला व्यक्तिगत दुश्मनी, प्रेम प्रसंग, अवैध संबंध या घरेलू विवाद से जुड़ा हो सकता है। शव को जिस तरीके से काटकर अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया, उससे यह भी संकेत मिल रहा है कि हत्यारा बेहद शातिर और निर्दयी था।
कुछ अधिकारियों का मानना है कि आरोपी महिला की पहचान छिपाना चाहता था, इसलिए उसने सिर को अलग कर दिया।
इलाके में दहशत का माहौल
इस खौफनाक घटना के सामने आने के बाद रेलवे यात्रियों और स्थानीय लोगों में डर का माहौल है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा में है।
लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी वारदात के बाद भी किसी को भनक कैसे नहीं लगी। ट्रेन के अंदर शव से भरा बॉक्स कई घंटों तक रखा रहा और किसी को शक तक नहीं हुआ।
रेलवे सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से खुल सकते हैं बड़े राज
पुलिस को उम्मीद है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या के समय, तरीके और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।
फॉरेंसिक जांच से यह भी पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि शव को काटने के लिए किस तरह के हथियार का इस्तेमाल किया गया था।
इसके अलावा डीएनए जांच के जरिए महिला की पहचान करने की भी तैयारी की जा रही है।
पुलिस के सामने बड़ी चुनौती
इस मामले में सबसे बड़ी चुनौती महिला की पहचान करना है। सिर गायब होने के कारण पुलिस के पास पहचान के सीमित विकल्प हैं।
अब पुलिस गुमशुदगी की रिपोर्ट, रेलवे रिकॉर्ड, मोबाइल डेटा और सोशल मीडिया की मदद से महिला की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
तीन विशेष जांच टीमों को अलग-अलग जिम्मेदारियां दी गई हैं। एक टीम सीसीटीवी फुटेज देख रही है, दूसरी यात्रियों और रेलवे स्टाफ से पूछताछ कर रही है, जबकि तीसरी टीम तकनीकी और फॉरेंसिक जांच में जुटी है।
फिलहाल इस खौफनाक वारदात ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है और हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर इस बेरहम हत्या के पीछे कौन है और महिला की पहचान कब तक हो पाएगी।



