By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
The Hill IndiaThe Hill IndiaThe Hill India
Notification Show More
Font ResizerAa
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Reading: NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: कमजोर लेकिन अमीर छात्रों को बनाया जाता था निशाना, करोड़ों की डील के शक में जांच तेज
Share
Font ResizerAa
The Hill IndiaThe Hill India
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Search
  • होम
  • फीचर्ड
  • उत्तराखंड
  • देश
  • विदेश
  • राजनीति
  • पर्यावरण
  • क्राइम
  • पर्यटन
  • शिक्षा
  • स्वास्थय
  • सामाजिक
  • स्पोर्ट्स
  • वीडियो
  • Contact Us
Have an existing account? Sign In
Follow US
The Hill India > Blog > देश > NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: कमजोर लेकिन अमीर छात्रों को बनाया जाता था निशाना, करोड़ों की डील के शक में जांच तेज
देशफीचर्ड

NEET पेपर लीक मामले में बड़ा खुलासा: कमजोर लेकिन अमीर छात्रों को बनाया जाता था निशाना, करोड़ों की डील के शक में जांच तेज

The Hill India News
Last updated: May 18, 2026 7:45 am
The Hill India News
Published: May 18, 2026
Share
SHARE

देशभर में चर्चा का विषय बने नीट पेपर लीक मामले में अब एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों की पड़ताल में पता चला है कि इस पूरे रैकेट के मुख्य आरोपियों में शामिल डॉ. शुभम खैरनार की नजर खास तौर पर उन अमीर परिवारों के बच्चों पर थी, जो पढ़ाई में कमजोर थे लेकिन किसी भी कीमत पर मेडिकल कॉलेज में दाखिला चाहते थे। केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी सीबीआई को शक है कि ऐसे छात्रों को डॉक्टर बनाने के नाम पर करोड़ों रुपये की डील की जाती थी।

जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह केवल पेपर लीक का मामला नहीं बल्कि एक संगठित नेटवर्क था, जो पैसों के दम पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता दिलाने का दावा करता था। इस नेटवर्क के जरिए उन छात्रों और उनके परिवारों को टारगेट किया जाता था, जिनके पास पैसा तो बहुत था लेकिन छात्रों की पढ़ाई कमजोर थी। आरोप है कि ऐसे परिवारों को मेडिकल सीट दिलाने के लिए बड़े पैमाने पर सौदेबाजी की जाती थी।

सीबीआई की जांच में अब महाराष्ट्र के कई नामी कोचिंग क्लास संचालकों की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है। शुरुआती जांच में पता चला है कि कुछ कोचिंग संस्थानों से जुड़े लोगों ने सीधे छात्रों के माता-पिता को आरोपी शुभम खैरनार से मिलवाया था। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या कोचिंग संचालक इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा थे या सिर्फ संपर्क माध्यम के रूप में काम कर रहे थे।

सूत्रों के अनुसार, शुभम खैरनार छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाता था कि मेडिकल प्रवेश परीक्षा में कम अंक आने के बावजूद एडमिशन सुनिश्चित कराया जा सकता है। इसके बदले भारी रकम की मांग की जाती थी। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कई मामलों में करोड़ों रुपये तक की डील हुई हो सकती है।

इस मामले में 12 मई को नासिक से डॉ. शुभम खैरनार को हिरासत में लिया गया था। जांच में सामने आया है कि शुभम खुद भी मेडिकल क्षेत्र से जुड़ा हुआ है और भोपाल के एक कॉलेज में बीएएमएस यानी आयुर्वेदिक चिकित्सा के अंतिम वर्ष का छात्र है। इतनी कम उम्र में उसका इतना बड़ा नेटवर्क चलाना जांच एजेंसियों को भी हैरान कर रहा है।

प्रारंभिक जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि शुभम “एसआर एजुकेशन कंसल्टेंसी” नाम से एक नेटवर्क चला रहा था। यह नेटवर्क सिर्फ महाराष्ट्र तक सीमित नहीं था, बल्कि कई अन्य राज्यों में भी फैला हुआ था। विज्ञापनों और दस्तावेजों के अनुसार, इस कंसल्टेंसी के कार्यालय नासिक, संभाजीनगर, पुणे और नागपुर के अलावा भोपाल और बेंगलुरु जैसे शहरों में भी संचालित किए जा रहे थे।

सीबीआई अब इस बात की जांच कर रही है कि इस नेटवर्क के जरिए कितने छात्रों को मेडिकल प्रवेश दिलाया गया और किन-किन राज्यों में इसका प्रभाव था। एजेंसी उन छात्रों और अभिभावकों की सूची भी तैयार कर रही है, जिनका संपर्क इस नेटवर्क से था। इसके साथ ही बैंक खातों, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजैक्शन की भी जांच की जा रही है।

जांच अधिकारियों का मानना है कि यह रैकेट केवल परीक्षा में धांधली तक सीमित नहीं था, बल्कि इसमें शिक्षा माफिया का बड़ा गठजोड़ शामिल हो सकता है। एजेंसियों को शक है कि कई लोग पर्दे के पीछे से इस पूरे खेल को संचालित कर रहे थे।

इस पूरे मामले ने मेडिकल शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि पैसे के दम पर अयोग्य छात्रों को डॉक्टर बनाया जाएगा, तो इसका सीधा असर देश की स्वास्थ्य व्यवस्था पर पड़ेगा। इससे मेहनत करने वाले लाखों छात्रों के साथ भी अन्याय होता है, जो ईमानदारी से परीक्षा की तैयारी करते हैं।

नीट परीक्षा देश की सबसे महत्वपूर्ण मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और हर साल लाखों छात्र इसमें शामिल होते हैं। ऐसे में पेपर लीक और फर्जीवाड़े जैसी घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।

फिलहाल सीबीआई इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

You Might Also Like

नीतीश सरकार का पहला सख्त कदम: राबड़ी देवी को 10 सर्कुलर रोड खाली करने का नोटिस, हार्डिंग रोड बना नया आवास
जम्मू और कश्मीर : केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने आज जम्मू में जम्मू और कश्मीर में सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की…
ओडिशा: सरकारी हॉस्टल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल, 9वीं की नाबालिग छात्रा बनी मां; महीनों तक सोता रहा स्कूल प्रशासन
उत्तराखण्ड: कई आईएएस व पीसीएस के तबादले ,
Uttarakhand: गृह सचिव ने सभी तैयारियों की करी समीक्षा, कहा- “संवेदनशील क्षेत्रों एवं स्लाइडिंग जोन में किया जाए उचित प्रबंधन”
TAGGED:CBI investigationEducation MafiaMedical Admission ScamNEET Paper LeakShubham Khairnar
Share This Article
Facebook Email Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
YoutubeSubscribe
TelegramFollow
Popular News
देशफीचर्ड

एमपी का ‘घोस्ट हॉस्पिटल’: इंदौर में ज़मीन पर ईंट तक नहीं रखी, लेकिन सरकारी पोर्टल पर सालों से चल रही है डॉक्टरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग

The Hill India News
The Hill India News
July 4, 2026
समुद्र तल से 3,680 मीटर ऊपर ‘तृतीय केदार’ तुंगनाथ धाम में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, टूट गए पिछले सारे रिकॉर्ड
सोशल मीडिया का चश्मा और कानून के हाथ: देहरादून में लाखों के हीरे की चोरी का वो अनसुना किस्सा, जिसे एक ‘इंस्टाग्राम रील’ ने बेपर्दा कर दिया
यूपी का बड़ा भूमि घोटाला: संभल में गंगा किनारे की 1144 बीघा सरकारी जमीन माफियाओं के हवाले, पूर्व SDM और वकील समेत 6 गिरफ्तार
उत्तराखंड में आंगनबाड़ी व्यवस्था का कायाकल्प: 3,211 पदों पर जल्द होगी बंपर भर्ती, मंत्री रेखा आर्या ने दिए सख्त निर्देश
नियुक्ति पत्र नहीं, यह जनसेवा का संकल्प है: CM धामी ने उत्तराखंड PCS 2024 के सफल अभ्यर्थियों को सौंपा ‘सफलता का महामंत्र’
अस्पताल में 1500 रूपये के बिल पर बवाल, भड़के मरीज ने गुंडों को बुलाकर डॉक्टर और स्टाफ को रॉड से पीटा
तेलंगाना में डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी के साम्राज्य पर एसीबी का शिकंजा, करोड़ों की बेनामी संपत्ति और विदेशी शराब जब्त
उत्तराखंड चुनाव से पहले गरमाई सियासत: वीर चंद्र सिंह गढ़वाली पर BJP विधायक दिलीप रावत के बयान से भूचाल, कांग्रेस आक्रामक
उत्तराखंड में मतदाता सूची पुनरीक्षण का अंतिम चरण: 8 लाख से अधिक ASD वोटरों की खोज, 15 सितंबर को आएगी फाइनल लिस्ट
© The Hill India. All Rights Reserved | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?