हैदराबाद। सरकारी सेवा में रहते हुए जनता की सुरक्षा का संकल्प लेने वाली खाकी जब खुद भ्रष्टाचार के दलदल में डूब जाए, तो तंत्र पर सवाल उठना लाजिमी है। ऐसा ही एक बेहद चौंकाने वाला मामला तेलंगाना से सामने आया है, जहां पुलिस कंप्यूटर सर्विसेज में तैनात डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DSP) संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। डीएसपी भीम रेड्डी पर अपनी ज्ञात आय के स्रोतों से कहीं अधिक और अनुपातहीन संपत्ति जमा करने का गंभीर आरोप लगा है। इस शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक दस्ते ने गुरुवार सुबह एक साथ डीएसपी, उनके रिश्तेदारों, दोस्तों और संभावित बेनामीदारों के 16 अलग-अलग ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। इस छापेमारी में जो कुछ बाहर निकलकर आया है, उसने ब्यूरो के अधिकारियों को भी हैरत में डाल दिया है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज, रिश्तेदारों पर भी रेड
एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने पुख्ता खुफिया सूचनाओं और प्राथमिक जांच के आधार पर हैदराबाद में तैनात डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (साल 2018 में संशोधित) की धारा 13(1)(b) और 13(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। जांच एजेंसी के अधिकारियों के मुताबिक, डीएसपी ने अपने सेवाकाल के दौरान पद का दुरुपयोग करते हुए और गलत हथकंडों को अपनाकर अकूत काली कमाई अर्जित की। इस काली कमाई को सफेद करने के लिए उन्होंने अपने करीबियों का सहारा लिया। यही वजह रही कि एसीबी की टीमों ने न केवल डीएसपी के सरकारी और निजी आवास को खंगाला, बल्कि उनके कथित बेनामीदारों, व्यापारिक सहयोगियों और करीबी दोस्तों के ठिकानों पर भी एक साथ दबिश दी।
शानदार विला, पेंटहाउस और कमर्शियल कॉम्प्लेक्स का खुलासा
छापेमारी के दौरान जो दस्तावेज और संपत्तियां सामने आई हैं, वे डीएसपी के किसी आलीशान साम्राज्य से कम नहीं हैं। एसीबी की जांच में अधिकारी के नाम पर और बेनामी रूप से खरीदे गए कई वीवीआईपी इलाकों में प्लॉट्स, फ्लैट्स और पेंटहाउस की जानकारी मिली है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इन संपत्तियों में:
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इब्राहिमबाग स्थित पॉश ‘वेसेला मीडोज’ में एक बेहद लग्जरी विला।
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टेलीकॉम नगर में एक G+2 (तीन मंजिला) आलीशान घर, जिसमें एक शानदार पेंटहाउस और एक अतिरिक्त फ्लैट शामिल है।
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आईटी हब के केंद्र गचीबोवली में स्थित ‘क्रांति सियोन अपार्टमेंट्स’ में एक प्रीमियम फ्लैट।
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तेल्लापुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र में दो अन्य फ्लैट।
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मणिकोंडा में लैंकोहिल्स रोड पर एक G+5 (छह मंजिला) कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बड़ा हिस्सा।
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मणिकोंडा मरिचेट्टू जंक्शन के पास 3,000 वर्ग फीट की व्यावसायिक जगह।
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इसके अलावा नागोल, पटनचेरु, प्रगति रिसॉर्ट्स और मोमिनपेट में कई कीमती खाली भूखंड (प्लॉट)।
ACB अधिकारियों का आधिकारिक बयान: “आरोपी पुलिस अधिकारी के ठिकानों से मिले दस्तावेजों में दर्ज अचल संपत्तियों की जो सरकारी कीमत दिखाई गई है, वह वास्तविक बाजार मूल्य (मार्केट वैल्यू) से कई गुना कम है। खुले बाजार में इन संपत्तियों की कीमत करोड़ों रुपये है। इस पूरे मामले में कई बेनामीदार भी रडार पर हैं, जिनकी गहराई से पड़ताल की जा रही है।”
दो राज्यों में फैला 50 एकड़ से अधिक जमीन का जाल और खनिज उद्योग में निवेश
भ्रष्टाचार के जरिए अर्जित की गई इस बेहिसाब दौलत का दायरा केवल हैदराबाद या तेलंगाना तक ही सीमित नहीं था, बल्कि इसके तार पड़ोसी राज्य कर्नाटक से भी जुड़े पाए गए हैं। एसीबी के जांचकर्ताओं को रेड के दौरान भारी मात्रा में जमीन के मूल दस्तावेज (Registry Papers) मिले हैं। इन दस्तावेजों के अनुसार, डीएसपी भीम रेड्डी के पास संगारेड्डी जिले के जहीराबाद में 3.5 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि, विकाराबाद जिले के मोमिनपेट में 2 एकड़, मुचिंताला गांव में 4.20 एकड़ जमीन है। वहीं, सीमा पार कर्नाटक में कुल 44 एकड़ (6 एकड़ और 38 एकड़ के दो अलग-अलग हिस्से) जमीन के दस्तावेज मिले हैं। इसके साथ ही बेंगलुरु के पास स्थित वीवीआईपी इलाके देवनहल्ली में भी 1 एकड़ कीमती जमीन का पता चला है।
जांच में यह भी साफ हुआ है कि डीएसपी ने केवल रियल एस्टेट में ही नहीं, बल्कि व्यावसायिक उद्योगों में भी अवैध पैसा खपाया था। उन्होंने ‘राघवेंद्र रॉक सैंड मिनरल्स’ नामक कंपनी में करीब 75 लाख रुपये का बड़ा नकद निवेश कर रखा था, जिसके शेयर और निवेश से जुड़े सबूत एसीबी ने जब्त कर लिए हैं।
घर से निकला 43 लाख का कैश, 2 किलो सोना और विदेशी शराब का जखीरा
जब एसीबी की टीम ने डीएसपी और उनके कथित बेनामीदार के घरों के कमरों और लॉकरों को खंगाला, तो वहां नोटों की गड्डियां और आभूषण बरामद हुए। रेड के दौरान डीएसपी के मुख्य आवास से 3.6 लाख रुपये कैश मिले, जबकि उनके एक मुख्य बेनामीदार के ठिकाने से 40 लाख रुपये की भारी-भरकम नकदी बरामद की गई। इसके अतिरिक्त, लगभग 2 किलोग्राम वजनी सोने के चमचमाते जेवरात, करीब 20 किलोग्राम वजनी चांदी के बर्तन व सामग्रियां और विभिन्न बैंक खातों में 19.91 लाख रुपये का लाइव बैंक बैलेंस फ्रीज किया गया है।
इस पूरी वित्तीय अनियमितता के बीच एक और दिलचस्प मोड़ तब आया जब डीएसपी के घर की तलाशी के दौरान महंगी और प्रतिबंधित श्रेणी की विदेशी शराब की 23 बोतलें बरामद हुईं। चूंकि यह सीधे तौर पर आबकारी नियमों का उल्लंघन था, इसलिए एसीबी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए राज्य के आबकारी विभाग (Excise Department) को इसकी सूचना दी। आबकारी विभाग अब इस मामले में अलग से केस दर्ज कर जांच कर रहा है। फिलहाल, डीएसपी संकीरेड्डी भीम रेड्डी की कुछ अन्य गुप्त संपत्तियों के सुराग भी हाथ लगे हैं, जिनकी तस्दीक की जा रही है और भ्रष्टाचार के इस बड़े नेटवर्क को खंगालने के लिए आगे की दंडात्मक कार्रवाई जारी है।
