मुंबई/पुणे। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड में जांच के दौरान एक के बाद एक चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। पुलिस जांच में अब यह जानकारी सामने आई है कि मंगेतर सिया गोयल ने केतन अग्रवाल को लोहागढ़ किले की पहाड़ी से धक्का देने से पहले इस वारदात की बाकायदा प्रैक्टिस की थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, सिया ने अपने कथित बॉयफ्रेंड चेतन के साथ मिलकर पुणे के लुल्लानगर क्षेत्र स्थित एक पहाड़ी पर इस पूरी योजना का अभ्यास किया था। इस खुलासे के बाद पुलिस सिया को उसी पहाड़ी पर लेकर पहुंची, जहां कथित तौर पर उसने धक्का देने की प्रैक्टिस की थी और घटनाक्रम का पुनर्निर्माण (रीकंस्ट्रक्शन) कराया।
पुलिस के अनुसार, लुल्लानगर सेक्टर-37 स्थित यह पहाड़ी सिया के घर से अधिक दूरी पर नहीं है। जांच में सामने आया है कि सिया और चेतन ने इसी स्थान को चुनकर यह समझने की कोशिश की थी कि किसी व्यक्ति को पहाड़ी से किस प्रकार धक्का दिया जा सकता है ताकि घटना दुर्घटना जैसी प्रतीत हो। पुलिस का मानना है कि इस कथित अभ्यास ने आरोपियों को वारदात को अंजाम देने में मदद की।
जांच के तहत बुधवार सुबह पुणे ग्रामीण पुलिस सबसे पहले सिया को उसके मार्केट यार्ड स्थित निवास “लीला कुंज” लेकर पहुंची। वहां करीब दो घंटे तक पुलिस अधिकारियों ने सिया से पूछताछ की, उसके बयानों का मिलान किया और कई महत्वपूर्ण तथ्यों की पुष्टि करने का प्रयास किया। पुलिस ने घर से कुछ दस्तावेजों और अन्य संभावित साक्ष्यों की भी जांच की। इसके बाद जांच दल सिया को सीधे लुल्लानगर की उस पहाड़ी पर लेकर गया, जहां कथित तौर पर हत्या की साजिश का अभ्यास किया गया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल और प्रैक्टिस स्थल के निरीक्षण से मामले से जुड़े कई अहम सुराग मिल सकते हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि क्या इस योजना में केवल सिया और चेतन ही शामिल थे या किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका रही है। साथ ही, पुलिस मोबाइल फोन, डिजिटल रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की भी गहन जांच कर रही है ताकि पूरी साजिश की कड़ियां जोड़ी जा सकें।
बताया जा रहा है कि पुलिस घटनाक्रम का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्निर्माण कर रही है। इस प्रक्रिया के दौरान यह देखा जा रहा है कि आरोपियों ने किस प्रकार योजना बनाई, घटनास्थल का चयन किया और वारदात को अंजाम देने के लिए किन-किन तैयारियों का सहारा लिया। यदि प्रैक्टिस किए जाने के दावे से जुड़े ठोस साक्ष्य मिलते हैं, तो यह जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकता है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, सिया के घर में उसके पिता प्रवीण गोयल, माता और भाई साहिल गोयल रहते हैं। जांच दल ने परिवार के सदस्यों से भी आवश्यक जानकारी जुटाई है। हालांकि, परिवार की ओर से इस पूरे मामले पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इस बीच, पूरे मामले ने पुणे सहित देशभर में लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा है। सोशल मीडिया पर भी इस हत्याकांड को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की निष्पक्ष और गहन जांच की जा रही है, ताकि अदालत में मजबूत साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र प्रस्तुत किया जा सके।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता हत्या की कथित साजिश, उसकी तैयारी और उसमें शामिल सभी व्यक्तियों की भूमिका को पूरी तरह स्पष्ट करना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इस सनसनीखेज मामले में और कौन-कौन से नए तथ्य सामने आते हैं।
