
बांग्लादेश में इस बार बकरीद से पहले दो अनोखे सफेद भैंसे सोशल मीडिया पर जमकर सुर्खियां बटोर रहे हैं। इन भैंसों की खास बात सिर्फ उनका दुर्लभ सफेद रंग नहीं है, बल्कि उनका चेहरा, आंखें और बालों का स्टाइल भी है, जिसकी तुलना दुनिया के दो चर्चित नेताओं से की जा रही है। यही वजह है कि एक भैंसे का नाम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नाम पर रखा गया है, जबकि दूसरे भैंसे को इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू के नाम से जाना जा रहा है। इन दोनों भैंसों को देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है और सोशल मीडिया पर इनके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बांग्लादेश की राजधानी Dhaka के पास नारायणगंज इलाके के एक फार्म में मौजूद लगभग 700 किलो वजनी सफेद भैंसा इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। इस भैंसे के सिर पर सुनहरे और घने बाल हैं, जो देखने में काफी हद तक डोनाल्ड ट्रंप के हेयरस्टाइल जैसे लगते हैं। इसी वजह से फार्म मालिक और आसपास के लोगों ने मजाक-मजाक में उसका नाम “डोनाल्ड ट्रंप” रख दिया।
बताया जा रहा है कि जब इस भैंसे की तस्वीरें पहली बार फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की गईं, तो लोग हैरान रह गए। कई यूजर्स ने कमेंट करते हुए लिखा कि भैंसे का चेहरा और उसके बाल बिल्कुल ट्रंप की तरह दिखाई देते हैं। कुछ लोगों ने मजेदार अंदाज में कहा कि यह “दुनिया का सबसे मशहूर भैंसा” बन चुका है।
भैंसे के मालिक जियाउद्दीन मृधा ने स्थानीय मीडिया को बताया कि उन्होंने इस भैंसे को करीब 10 महीने पहले एक पशु बाजार से खरीदा था। उस समय उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि यह जानवर इतना लोकप्रिय हो जाएगा। उन्होंने बताया कि उनके छोटे भाई ने सबसे पहले इसके बाल देखकर इसे डोनाल्ड ट्रंप कहना शुरू किया था और धीरे-धीरे यही नाम मशहूर हो गया।
मृधा ने बताया कि यह भैंसा स्वभाव से बेहद शांत है और लोगों के बीच आराम से रहता है। उन्होंने कहा कि एल्बिनो यानी सफेद भैंसे आमतौर पर शांत प्रवृत्ति के होते हैं और जब तक उन्हें परेशान न किया जाए, वे किसी पर हमला नहीं करते। यही वजह है कि बच्चे, महिलाएं और परिवार बिना डर के उसके साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं।
फार्म मालिक के अनुसार, हर दिन दर्जनों लोग सिर्फ इस भैंसे को देखने के लिए उनके फार्म पर पहुंच रहे हैं। कई लोग वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं, जिसके बाद इसकी लोकप्रियता और बढ़ती जा रही है। बताया जा रहा है कि इस भैंसे को 550 टका प्रति किलो की कीमत पर बेच दिया गया है और बकरीद से पहले इसे उसके नए मालिक को सौंप दिया जाएगा।
वहीं दूसरी ओर नारायणगंज में ही मौजूद एक और सफेद एल्बिनो भैंसा भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। इस भैंसे का नाम “नेतन्याहू” रखा गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस भैंसे का वजन 750 किलो से ज्यादा है और इसका स्वभाव काफी आक्रामक बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इसकी आंखें और बाल इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से मिलते-जुलते हैं, जिसके कारण इसे यह नाम दिया गया।
सोशल मीडिया पर दोनों भैंसों के वीडियो लाखों बार देखे जा चुके हैं। फेसबुक, टिकटॉक और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म्स पर लोग इन भैंसों को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ लोग इसे मजेदार घटना बता रहे हैं, तो कुछ लोग इसे बकरीद से पहले पशु बाजारों की नई मार्केटिंग रणनीति मान रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, एल्बिनो जानवर बेहद दुर्लभ होते हैं। उनके शरीर में रंग बनाने वाले तत्व की कमी होने के कारण उनका रंग सफेद दिखाई देता है। यही कारण है कि ऐसे जानवर जहां भी दिखाई देते हैं, वे तुरंत लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेते हैं।
बांग्लादेश में बकरीद के मौके पर बड़े और खास जानवरों की काफी मांग रहती है। ऐसे में “डोनाल्ड ट्रंप” और “नेतन्याहू” नाम के ये दोनों सफेद भैंसे लोगों के बीच आकर्षण का बड़ा केंद्र बन गए हैं। सोशल मीडिया पर इनकी लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है और लोग इन्हें देखने के लिए दूर-दूर से पहुंच रहे हैं।



