नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: दक्षिण भारत के दुर्ग केरलम में रिकॉर्ड जीत दर्ज करने के बाद अब कांग्रेस आलाकमान ने मुख्यमंत्री पद की गुत्थी सुलझा ली है। दिल्ली में बुधवार को हुई उच्च स्तरीय बैठकों के दौर के बाद यह साफ हो गया है कि केरलम के नए मुख्यमंत्री के नाम की घोषणा गुरुवार, 14 मई को कर दी जाएगी। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम की पुष्टि की है।
बुधवार को दिन भर दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज रही। वायनाड सांसद राहुल गांधी शाम को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर पहुंचे, जहाँ करीब 40 मिनट तक चली बंद कमरे की बैठक में केरलम के भावी नेतृत्व और क्षेत्रीय समीकरणों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सतीशन या वेणुगोपाल? दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन और रायशुमारी
विधानसभा चुनाव के नतीजे आए एक सप्ताह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन मुख्यमंत्री के नाम पर आम सहमति बनाना आलाकमान के लिए आसान नहीं रहा। मंगलवार को केरलम कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी से मुलाकात की थी। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के पांच पूर्व अध्यक्ष, UDF संयोजक और अनुशासन समिति के प्रमुख शामिल थे।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में राय बंटी हुई नजर आई। जहां सात वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में गहरी पैठ रखने वाले के.सी. वेणुगोपाल के नाम पर मुहर लगाई, वहीं दो नेताओं ने विपक्ष के पूर्व नेता वी.डी. सतीशन की आक्रामक कार्यशैली को प्राथमिकता दी। एक नेता ने तटस्थ रहकर गेंद आलाकमान के पाले में डाल दी है।
मैदान में समर्थकों का हुजूम: अलुवा से तिरुवनंतपुरम तक हलचल
जैसे-जैसे दिल्ली से फैसले की घड़ी नजदीक आ रही है, केरलम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह और तनाव दोनों चरम पर है। अलुवा में वी.डी. सतीशन के आवास के बाहर और राज्य के विभिन्न जिला समिति कार्यालयों में भारी संख्या में समर्थक जमा होने लगे हैं। कार्यकर्ताओं की नारेबाजी और बढ़ती भीड़ को देखते हुए आलाकमान पर दबाव बढ़ गया है कि एक ऐसा नाम चुना जाए जो पार्टी के भीतर गुटबाजी को खत्म कर ‘एकजुट कांग्रेस’ का संदेश दे सके।
UDF की ऐतिहासिक वापसी: LDF का किला ध्वस्त
इस बार के चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने केरलम की राजनीति में अभूतपूर्व प्रदर्शन किया है। 140 सीटों वाली विधानसभा में UDF ने 102 सीटों पर कब्जा कर पूर्ण बहुमत हासिल किया है। इसमें कांग्रेस अकेले 63 सीटें जीतकर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। वहीं, पिछले चुनाव में 99 सीटें जीतने वाली वामपंथी गठबंधन (LDF) महज 35 सीटों पर सिमट गई है। इस प्रचंड जनादेश ने कांग्रेस के लिए न केवल सत्ता की राह खोली है, बल्कि 2026 के राजनीतिक परिदृश्य में राष्ट्रीय स्तर पर भी पार्टी को ऑक्सीजन दी है।
दावेदारों का सियासी रसूख
मुख्यमंत्री की दौड़ में मुख्य रूप से तीन चेहरे सामने आए थे, लेकिन अब मुकाबला द्विकोणीय होता दिख रहा है:
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वी.डी. सतीशन: विपक्ष के नेता के तौर पर विधानसभा में सरकार को घेरने की उनकी क्षमता और जमीनी पकड़ उन्हें प्रबल दावेदार बनाती है।
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के.सी. वेणुगोपाल: राहुल गांधी के बेहद करीबी और संगठन में एआईसीसी महासचिव के तौर पर उनका अनुभव आलाकमान की पहली पसंद बन सकता है।
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रमेश चेन्निथला: पार्टी के वरिष्ठ चेहरा हैं, हालांकि वर्तमान समीकरणों में वे सतीशन और वेणुगोपाल से थोड़ा पीछे नजर आ रहे हैं।
केरलम कांग्रेस प्रमुख जोसेफ ने बुधवार शाम संकेत दिया कि “चर्चा का दौर अब समाप्त हो चुका है, दिल्ली से केवल आधिकारिक मुहर लगनी बाकी है।”



