
मुंबई/छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के बहुचर्चित नासिक टीसीएस (TCS) धर्मांतरण मामले में न्याय का पहिया अब आरोपियों के साथ-साथ उनके शरणदाताओं पर भी तेजी से घूमने लगा है। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब उनके मददगारों के खिलाफ उत्तर प्रदेश की तर्ज पर ‘बुलडोजर एक्शन’ शुरू हो गया है। छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए एआईएमआईएम (AIMIM) पार्षद मतीन पटेल के अवैध निर्माणों को जमींदोज कर दिया है।
मतीन पटेल पर आरोप है कि उन्होंने फरारी के दौरान मुख्य आरोपी निदा खान को अपने बंगले में पनाह दी थी। पुलिस और नगर निगम की इस संयुक्त कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि अपराध में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
फरारी की पनाहगाह बना ‘अवैध’ बंगला
नासिक टीसीएस मामले में पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रही निदा खान को 7 मई को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव इलाके से गिरफ्तार किया गया था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ कि निदा एक दो मंजिला आलीशान बंगले में अपने चार रिश्तेदारों के साथ छिपी हुई थी। जांच आगे बढ़ी तो पता चला कि यह बंगला स्थानीय AIMIM पार्षद मतीन पटेल का है।
इस खुलासे के बाद पुलिस ने मतीन पटेल के खिलाफ मामला दर्ज किया। इसके तुरंत बाद छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम का अतिक्रमण विभाग भी सक्रिय हो गया और पार्षद की संपत्तियों की जांच शुरू कर दी गई।
#WATCH | Chhatrapati Sambhaji Nagar: The Chhatrapati Sambhaji Nagar Municipal Corporation initiates the demolition of properties belonging to AIMIM Corporator Matin Patel. pic.twitter.com/U5XKnuYXHX
— ANI (@ANI) May 13, 2026
72 घंटे का नोटिस और फिर बुलडोजर का एक्शन
नगर निगम ने नारेगांव स्थित कौसर पार्क में मतीन पटेल के 600 वर्ग फुट के मकान और उनके कार्यालय के दस्तावेजों की पड़ताल की। निगम ने पार्षद को नोटिस जारी कर निर्माण से संबंधित अनुमति पत्र प्रस्तुत करने के लिए 72 घंटे का समय दिया था। प्रशासन का कहना है कि मतीन पटेल निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज पेश करने में विफल रहे।
अधिकारियों के मुताबिक, जिस इमारत में मतीन पटेल का दफ्तर संचालित हो रहा था और वह बंगला जहाँ निदा खान रुकी थी, पूरी तरह से नियमों का उल्लंघन कर बनाए गए थे। नोटिस की अवधि समाप्त होते ही नगर निगम के बुलडोजर ने शनिवार को अवैध निर्माणों को ढहाना शुरू कर दिया।
मतीन पटेल फरार, नासिक पुलिस की टीम संभाजीनगर में
धर्मांतरण मामले की आरोपी को शरण देने का केस दर्ज होने के बाद से ही पार्षद मतीन पटेल का फोन बंद आ रहा है और उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, मतीन पटेल गिरफ्तारी के डर से फरार हैं। नासिक पुलिस की एक विशेष टीम मतीन पटेल की तलाश में छत्रपति संभाजीनगर पहुँच चुकी है और उनके संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
क्या है नासिक टीसीएस धर्मांतरण मामला?
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब नासिक में टीसीएस के एक कर्मचारी और अन्य लोगों पर जबरन धर्मांतरण के गंभीर आरोप लगे। मामले की मुख्य आरोपी निदा खान पर धर्मांतरण के लिए दबाव बनाने और प्रलोभन देने के आरोप हैं। 7 मई को गिरफ्तारी के बाद अदालत ने निदा खान को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस मामले के अंतरराष्ट्रीय तार और टेरर फंडिंग जैसे पहलुओं की भी बारीकी से जांच कर रही है।
प्रशासनिक संदेश: अपराधियों के मददगारों की खैर नहीं
छत्रपति संभाजीनगर नगर निगम की इस कार्रवाई को राज्य सरकार के कड़े रुख के तौर पर देखा जा रहा है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले या धर्मांतरण जैसे गंभीर अपराधों के आरोपियों को राजनीतिक संरक्षण देना अब महंगा पड़ेगा। स्थानीय लोगों के बीच भी इस ‘बुलडोजर कार्रवाई’ की खासी चर्चा है, जहाँ एक ओर इसे अवैध निर्माण के खिलाफ रूटीन प्रक्रिया बताया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इसे ‘इंसेंटिव जस्टिस’ के रूप में देखा जा रहा है।



