रुद्रपुर/गदरपुर: उत्तराखंड में नशे के सौदागरों और अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ पूरी रफ्तार से जारी है। इसी कड़ी में उधम सिंह नगर पुलिस को एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। कोतवाली गदरपुर पुलिस ने एक संक्षिप्त लेकिन साहसिक मुठभेड़ के बाद कुख्यात अपराधी और नशा तस्कर शाकिर अली उर्फ नक्टा को गिरफ्तार कर लिया है। जवाबी कार्रवाई में अभियुक्त के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
चेकिंग के दौरान पुलिस पर फायरिंग
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय गणपति के निर्देशानुसार जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम जब ग्राम कलकत्ती खानपुर तिराहे के पास मुस्तैद थी, तभी बाइक सवार शाकिर अली वहां पहुंचा। पुलिस को देखते ही शाकिर ने भागने की कोशिश की और गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग झोंक दी।
पुलिस ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए उसका पीछा किया। पीछा करते हुए यह मुठभेड़ कनकट्टा चौराहे से होते हुए कुईखेड़ी मार्ग स्थित श्मशान घाट के पास तक पहुंच गई। यहां खुद को घिरा देख अभियुक्त ने दोबारा फायरिंग की, जिसके जवाब में पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ गोलियां चलाईं। पुलिस की जवाबी फायरिंग में एक गोली शाकिर के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह अनियंत्रित होकर गिर पड़ा और पुलिस ने उसे दबोच लिया।
बरामदगी और आपराधिक कुंडली
पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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एक अवैध तमंचा (315 बोर)
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दो जिंदा कारतूस और एक खोखा
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वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शाकिर उर्फ नक्टा कोई साधारण अपराधी नहीं है। उस पर हत्या के प्रयास, लूट, घातक हमले और अवैध हथियार रखने जैसे दर्जनों संगीन मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था और वांछित चल रहा था।
मासूमों के भविष्य से खिलवाड़: नाबालिग बच्चों को बनाया ‘कैरियर’
इस मामले का सबसे विचलित कर देने वाला पहलू यह है कि शाकिर अली न केवल नशे के काले कारोबार में लिप्त था, बल्कि वह अपने नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल भी ड्रग्स की सप्लाई के लिए कर रहा था।
घटना की नींव 24 जनवरी को पड़ी थी, जब ANTF (एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स) कुमाऊं यूनिट ने करतारपुर रोड तिराहे पर एक स्कूटी सवार नाबालिग को रोका था। तलाशी के दौरान स्कूटी की डिग्गी से भारी मात्रा में स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई। पूछताछ में मासूम ने जो खुलासा किया, उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए। बच्चे ने बताया कि उसके पिता शाकिर उर्फ नक्टा और मां शाईन ने उसे यह पैकेट किसी ग्राहक तक पहुंचाने के लिए दिया था। इसके बाद से ही पुलिस इस नशा तस्कर की तलाश में जुटी थी।
एसएसपी का सख्त संदेश
एसएसपी अजय गणपति ने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में अपराध और नशे के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा, “नशा तस्कर न केवल कानून तोड़ रहे हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को बर्बाद कर रहे हैं। अपने ही बच्चों को इस दलदल में धकेलना एक जघन्य अपराध है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और संपत्ति कुर्क करने जैसी कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
क्षेत्र की जनता ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है। फिलहाल घायल अभियुक्त का इलाज पुलिस अभिरक्षा में चल रहा है, जिसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।



